Homeदेश-समाजतिरुपति में 12वीं शताब्दी के मंदिर से तीन हीरे-जड़ित स्वर्ण मुकुट गायब

तिरुपति में 12वीं शताब्दी के मंदिर से तीन हीरे-जड़ित स्वर्ण मुकुट गायब

आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित यह मंदिर वैष्णव सम्प्रदाय के प्रमुख मंदिरों में से एक है। साप्ताहिक शोभा-यात्रा से पहले देवताओं के सर से मुकुट का चोरी हो जाना बहुत से सवाल खड़े करता है।

तिरुपति स्थित गोविंदराजा स्वामी मंदिर से तीन स्वर्ण मुकुट के चोरी होने की ख़बर आई है। सभी मुकुट में हीरे जड़े हुए थे। इन मुकुटों का वजन 1.3 किलोग्राम बताया जा रहा है। मुकुट के चोरी होने का समाचार फैलते ही मंदिर प्रशासन में हड़कंप मच गया। तिरुमाला तिरुपति देवस्थान मंदिर के संयुक्त कार्यकारी अधिकारी पी भास्कर के अनुसार, पुजारियों ने देखा कि श्री गोविंदराजा स्वामी मंदिर में स्थित 18 मंदिरों में से एक मंदिर में रखा मुकुट गायब हो गया है।

नियमानुसार, मंदिर शाम 5 बजे श्रद्धालुओं के लिए बंद हो जाता है। प्रतिदिन की तरह जब पूजा-अनुष्ठान संपन्न हुआ, तब मंदिर को बंद कर दिया गया। इसके 45 मिनट बाद जब पुजारियों ने मंदिर का गेट खोला, तो उन्होंने देखा कि तीन मुकुट गायब हैं। आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित यह मंदिर वैष्णव सम्प्रदाय के प्रमुख मंदिरों में से एक है। साप्ताहिक शोभा-यात्रा से पहले देवताओं के सर से मुकुट का चोरी हो जाना बहुत से सवाल खड़े करता है।

‘मंदिरों का शहर’ नाम से प्रसिद्ध तिरुपति के गोविंदराजा स्वामी मंदिर में 18 उप-मंदिर हैं। पुलिस ने रात को मंदिर में तलाशी अभियान भी चलाया। सुरक्षा अधिकारियों को शक है कि ये मुकुट शनिवार (जनवरी 2, 2019) की सुबह होने वाले सुप्रभात सेवा के बाद ही चोरी कर लिए गए थे, लेकिन पुजारियों ने बाद में ध्यान दिया। इसमें मंदिर के किसी कर्मचारी की मिलीभगत हो सकती है।

तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के अधिकारियों के अनुसार, जाँच के दौरान मंदिर के कर्मचारियों से भी पूछताछ की जाएगी। ‘द न्यूज़ मिनट’ वेबसाइट के अनुसार, तिरुपति शहरी क्षेत्र के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि उन्हें सतर्कता अधिकारियों द्वारा इस मामले की शिकायत मिली है और पुलिस ने केस भी दर्ज कर लिया है। उन्होंने कहा:

“हालाँकि, अभी तक हमें कोई सफलता नहीं मिली है, लेकिन 2 डिप्टी एसपी के नेतृत्व में पुलिस की 6 टीम सभी दिशाओं में लगातार नज़र बनाई हुई है। मुख्य सतर्कता अधिकारी से आधिकारिक शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज किया गया है।”

TTD के सतर्कता अधिकारी सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाल रहे हैं, ताकि चोरों का पता लगाया जा सके। मामले के प्रकाश में आते ही भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और राज्य सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने चंद्रबाबू नायडू सरकार पर मंदिरों की देखरेख में कोताही बरतने का आरोप मढ़ा और माँग की कि जल्द से जल्द मामले की तह तक पहुँचा जाए।

गोविंदराजा स्वामी मंदिर को 12वीं शताब्दी में संत रामानुजाचार्य द्वारा बनवाया गया था। यह तिरुपति के सबसे पुराने मंदिरों में से एक है और चित्तूर जिले के सबसे बड़े मंदिर परिसरों में से एक है। भगवन विष्णु के इस मंदिर में वह योग-निद्रा की मुद्रा में विराजमान हैं। मुकुटों के चोरी होने के बाद इलाक़े में यह ख़बर तेजी से फ़ैल गई, जिसके बाद मंदिर परिसर के बाहर स्थानीय लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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