Thursday, May 23, 2024
Homeदेश-समाजजेल से छूटे एजाज खान का बदला सुर, जमकर की मोदी-शाह की प्रशंसा

जेल से छूटे एजाज खान का बदला सुर, जमकर की मोदी-शाह की प्रशंसा

एजाज ने सालों से अपने ही सम्प्रदाय के जेल में बंद निर्दोष लोगों को रिहा करने के लिए भाजपा सरकार की सराहना की है। उन्होंने कहा कि पिछली कॉन्ग्रेस सरकारों के शासनकाल में बिना किसी सबूत के उनके मजहब के लोगों को 17-18 साल तक के लिए जेल में डाल दिया गया था, जो कि भाजपा के शासनकाल में छूट कर आ रहे हैं।

मॉब लिंचिंग का शिकार हुए तबरेज अंसारी को लेकर टिक-टॉक पर विवादित वीडियो अपलोड करने को लेकर मुंबई पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद जमानत पर चल रहे सीरियल एब्यूजर और अभिनेता एजाज खान ने फेसबुक पर एक वीडियो अपलोड किया है। इस वीडियो में एजाज भारतीय जनता पार्टी के तारीफों के पुल बाँधते नज़र आ रहे हैं। बता दें कि एजाज खान को भड़काऊ वीडियो अपलोड करके साम्प्रदायिक तनाव को बढ़ावा देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

एजाज खान, जो कि हमेशा ये कहते नज़र आते थे कि भाजपा सरकार के शासनकाल में उनके मजहब के लोगों के ऊपर लगातार हमले हो रहे हैं, इस वीडियो में एकदम से पलटते हुए दिखाई दे रहे हैं और अपने सम्प्रदाय के ऊपर हुए अन्याय के लिए कॉन्ग्रेस को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। इस वीडियो में उन्होंने न केवल भाजपा, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की भी प्रशंसा की है। इस वीडियो को देखकर ऐसा लगता है कि 4 दिन तक मुंबई पुलिस की हिरासत में रहने के बाद उनका हृदय-परिवर्तन हो गया है।

इस वीडियो में एजाज ने सालों से जेल में बंद निर्दोष समुदाय विशेष के लोगों को रिहा करने के लिए भाजपा सरकार की सराहना की है। उन्होंने कहा कि पिछली कॉन्ग्रेस सरकारों के शासनकाल में बिना किसी सबूत के समुदाय विशेष को 17-18 साल तक के लिए जेल में डाल दिया गया था, जो कि भाजपा के शासनकाल में छूट कर आ रहे हैं। इस दौरान एजाज ने जयपुर, कश्मीर, अहमदाबाद और राजस्थान जेल से छूटने वाले लोगों के बारे में बात करते हुए कहा कि इनका न्याय कॉन्ग्रेस से माँगना चाहिए, न कि भाजपा की सरकार से। उन्होंने कहा कि जो चीज सही और सच है, उसे मानना चाहिए और उसका समर्थन करना चाहिए।

बीजेपी की सरकार से इसका न्याय माँगना दोगलापन होगा। इन्होंने इन्हें छोड़ा है, अगर ये चाहते तो इन्हें और दिन तक अंदर रख सकते थे, मगर पीएम मोदी ने और अमित शाह ने इन्हें छोड़ा है। जिन्होंने इन्हें अंदर किया था, उनसे न्याय माँगनी चाहिए। दरअसल, राजस्थान हाईकोर्ट ने 1996 के समलेटी बमकांड मामले में आरोपित लतीफ अहमद बाजा, अली भट्ट, मिर्जा निसार, अब्दुल गोनी और रईस बेग को बेगुनाह मानते हुए 23 जुलाई को बरी कर दिया। ये लोग 23 साल जेल में गुजारने के बाद बेगुनाह साबित हुए हैं।

इनके रिहा होने के बाद से ही लगातार पीएम मोदी और अमित शाह को निशाने पर लिया जा रहा है, कि इनके शासनकाल में बिना कोई गुनाह, बिना कोई सबूत के इन्हें जेल में रखा गया था। एजाज खान इसी बात को लेकर वायरल बातों पर ध्यान न देकर खुद का दिमाग लगाने के लिए कहते हैं। वो कहते हैं कि आज से 20 साल पहले कॉन्ग्रेस की सरकार थी, न कि भाजपा की। इसलिए न्याय भी कॉन्ग्रेस से ही माँगना चाहिए। उन्होंने कहा कि हालाँकि, वो भाजपा के जय श्री राम के नारे और ट्रिपल तलाक के खिलाफ हैं, मगर इन निर्दोष लोगों की रिहाई का श्रेय भाजपा को दिया जाना चाहिए।

इस वीडियो के अलावा, एजाज ने एक और वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने मुस्लिम राजनेताओं के साथ असंतोष व्यक्त किया था जो उनकी गिरफ्तारी के समय उनके बचाव में नहीं आए थे। एजाज ने कहा कि उन्होंने अपने दम पर अपनी लड़ाई लड़ी और सभी बाधाओं को पार किया। खान ने कहा, “मेरा संदेश असदुद्दीन ओवैसी, आजम खान, वारिस पठान, हाशमी जी और ऐसे सभी राजनेताओं के लिए है। मुझे 3 झूठे मामलों में फँसाया जा रहा था, लेकिन आपने मेरे बचाव में अपनी आवाज नहीं उठाई। आपने (असदुद्दीन ओवैसी) संसद में कन्हैया कुमार का बचाव किया, आपने संसद में कई लोगों के लिए अपनी आवाज़ उठाई लेकिन आपने कभी भी एजाज खान के लिए आवाज़ नहीं उठाई।”

ओवैसी और पठान जैसे मुस्लिम राजनीतिज्ञों द्वारा उनका साथ नहीं दिए जाने पर विलाप करते हुए एजाज ने कहा, “मुझे नहीं पता कि मेरी छवि किस तरह से आपको बताई जा रही है। मैं आपकी (ओवैसी) ताकत बन सकता था। आप मेरी मदद कर सकते थे। लेकिन आपने नहीं किया। हालाँकि, अल्लाह मेरे साथ था, लोग मेरे साथ थे, जिन्होंने देखा कि मेरे साथ अन्याय हो रहा है। मैं अपने मुस्लिम भाइयों को बताना चाहूँगा कि अगर संसद में हमारा प्रतिनिधित्व करने वाले ये लोग मेरे बचाव में नहीं आए, तो क्या वे कल आपके बचाव में आएँगे?”

एजाज ने आगे कहा कि उन्होंने वही किया जो ये नेता संसद में नियमित रूप से किया करते हैं। खान का कहना है कि उन्होंने उन मुद्दों के बारे में बात की, जो असदुद्दीन ओवैसी, अकबरुद्दीन ओवैसी, हाशमी और अन्य मुस्लिम नेताओं ने उठाए, फिर भी उन्हें (एजाज खान को) पुलिस द्वारा परेशान किया गया। उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें जमानत के लिए 1 लाख रुपए जमा करना था। इसके अलावा, हर दिन उन्हें पुलिस स्टेशन जाकर रिपोर्ट करनी होगी।

गौरतलब है कि, सांप्रदायिक और विवादस्पद वीडियो बनाने के मामले में मुंबई पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अभिनेता एजाज खान को गिरफ्तार किया था। अभिनेता एजाज ख़ान ने टिक-टॉक ऐप पर भड़काऊ वीडियो बना कर पोस्ट किया था। इसमें हिन्दुओं के खिलाफ हिंसा की बात की गई थी और एक वीडियो में पुलिस का मज़ाक उड़ाया था। पुलिस ने एजाज को 14 दिन की न्यायिक रिमांड में भेजा था। हालाँकि, 1 लाख रुपए के मुचलके पर उनको 22 जुलाई को जमानत दे दिया गया।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

रोहिणी आचार्य के पहुँचने के बाद शुरू हुई हिंसा, पूर्व CM का बॉडीगार्ड लेकर घूम रही थीं: बिहार पुलिस ने दर्ज की 7 FIR,...

राबड़ी आवास पर उपस्थित बॉडीगार्ड और पुलिसकर्मियों से पूरे मामले में पूछताछ की इस दौरान विशेष अधिकारी मौजूद रहे।

मी लॉर्ड! भीड़ का चेहरा भी होता है, मजहब भी होता है… यदि यह सच नहीं तो ‘अल्लाह-हू-अकबर’ के नारों के साथ ‘काफिरों’ पर...

राजस्थान हाईकोर्ट के जज फरजंद अली 18 मुस्लिमों को जमानत दे देते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि चारभुजा नाथ की यात्रा पर इस्लामी मजहबी स्थल के सामने हमला करने वालों का कोई मजहब नहीं था।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -