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नेहरू खानदान, अवैध संबंध और शादियों को लेकर पायल रोहतगी ने फैलाई अपुष्ट जानकारी, FIR दर्ज

नेहरू वंश के अवैध संबंधों को लेकर कही गई यह बातें नई नहीं हैं मगर इनके आधार की पुष्टि नहीं की जा सकती। इन्हें फैलाने में कई ऐसी वेबसाइट्स भी शामिल हैं, जो फेक न्यूज़ को बढ़ाती हैं।

अभिनेत्री पायल रोहतगी को नेहरू खानदान पर बोलने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। सोशल मीडिया पर बेबाकी से राजनीति और वर्तमान में चल रहे घटनाक्रमों को लेकर मुखर रूप से अपनी राय रखने वाली पायल ने कुछ हफ्ते पहले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और जवाहरलाल नेहरू के पिता पंडित मोतीलाल नेहरू को लेकर एक एक विवादित ट्वीट किया था। इसी ट्वीट को लेकर राजस्थान यूथ कॉन्ग्रेस के नेता चर्मेश शर्मा की तहरीर पर पायल रोहतगी के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 66 और 67 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया था।

बता दें कि जिस ट्विटर हैंडल के पोस्ट पर विवाद हुआ, उससे पायल अक्सर समसामयिक राजनीतिक घटनाक्रमों पर फोटो, विडियो तथा अपने विचार ट्वीट करती रहती हैं। उनके इस ट्विटर हैंडल का नाम “Payal Rohtagi & Team- Bhagwan Ram Bhakts” है और राजनीतिक मुद्दों को लेकर पायल इन दिनों सोशल मीडिया पर ख़ासा एक्टिव हैं।

इस विवादित ट्वीट के साथ ही पायल का एक विडियो भी खूब वायरल हुआ, जिसमें वह बता रही हैं कि मोतीलाल नेहरू की पाँच पत्नियाँ थीं। उन्होंने यह दावा प्रधानमंत्री नेहरू के निजी सचिव रहे एमओ मथाई की जीवनी का हवाला देते हुए किया। पायल के मुताबिक यह जीवनी एडिना रामकृष्ण ने लिखी है और उन्होंने इसमें कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। वीडियो में पायल ने बताया कि स्वरुप रानी नेहरू उनकी लीगल वाईफ यानी वैध बीवी थीं मगर इसके अलावा उनकी चार और बीवियाँ भी थीं जिसमें थुस्सू रहमानबाई, श्रीमती मंजरी, एक ईरानी महिला और एक नौकरानी शामिल थीं।

मोतीलाल नेहरू पर बोलीं पायल रोहतगी

इस विडियो में पायल ने एडविना रामकृष्ण की किताब का हवाला देते हुए बताया यह भी बताया कि पकिस्तान बनाने वाले मुहम्मद अली जिन्ना मोतीलाल नेहरू और इरानी महिला की संतान थे वहीं जवाहरलाल नेहरू, मोतीलाल की पत्नी रहमानबाई और उनके पूर्व पति मोबारक अली की संतान थे। पायल ने यह भी बताया कि शेख अब्दुल्ला मोतीलाल नेहरू और उनकी मुस्लिम नौकरानी की संतान थे।

बता दें कि जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल को लेकर उनके निजी सचिव रहे एमओ मथाई ने “माय डेज विथ नेहरू” और “रेमिनिसेंसेज़ ऑफ़ नेहरू ऐज” नामक दो किताबें लिखी हैं। पायल ने एडिन रामकृष्ण द्वारा लिखित एमओ मथाई की जीवनी का ज़िक्र किया है मगर ऐसी किसी भी किताब का कोई ज़िक्र किसी उपलब्ध रिकॉर्ड में नहीं मिलता।

हालांकि नेहरू वंश के अवैध संबंधों को लेकर कही गई यह बातें नई नहीं हैं मगर इनके आधार की पुष्टि नहीं की जा सकती। इन्हें फैलाने में कई ऐसी वेबसाइट्स भी शामिल हैं, जो फेक न्यूज़ को बढ़ाती हैं। मगर असलियत में ऐसी कोई किताब या दस्तावेज़ नहीं है, जिससे इस तरह के दावों की पुष्टि की जा सके।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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