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ममता दीदी को डर था कि हमारी यात्रा निकली तो सरकार की अंतिम यात्रा निकल जाएगी: अमित शाह

शाह ने कहा कि एक समय बंगाल का औद्योगिक उत्पादन दर 27% था जो आज घटकर महज़ 3.3% रह गया है। बंगाल को टीएमसी ने कंगाल बना दिया।

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में एक रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी को करारा जवाब दिया है। अमित शाह ने रैली के दौरान कहा, “ममता दीदी को डर था कि हमारी यात्रा निकलती है तो उनकी सरकार की अंतिम यात्रा निकल जाएगी।” अमित शाह ने ममता पर प्रहार करते हुए कहा कि यह चुनाव देश की संस्कृति को समाप्त करने वाली टीएमसी को हराने का चुनाव है।

ऐसे में बंगाल की जनता को तय करना है कि वो संस्कृति समाप्त करने वाले टीएमसी को लाएंगे या फिर संस्कृति बचाने वाली बीजेपी को सत्ता में लाएंगे। यही नहीं रैली में अमित शाह ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने सुभाष चंद्र बोस के बंगाल को अमर करने के लिए अंडमान के टापू का नाम सुभाष बाबू के नाम कर रख़ने का फ़ैसला किया है। उन्होंने रैली में कहा कि देश की आजादी के बाद बंगालियों का हर क्षेत्र में बोलबाला था। लेकिन वामपंथी और ममता दीदी के शोषण के बाद आज बंगाल जहाँ है उसकी कल्पना भी नहीं कर सकते हैं।

‘टीएमसी बंगाल को कंगाल बना दिया’

शाह ने कहा कि एक समय बंगाल का औद्योगिक उत्पादन दर 27% था जो आज घटकर महज़ 3.3% रह गया है। बंगाल को टीएमसी ने कंगाल बना दिया। पहले बंगाल 100 में 32 लोगों को रोज़गार दिया करता था लेकिन आज ये आँकड़ा महज चार का बचा है। उन्होंने कहा कि कम्युनिस्ट तो बुरे थे ही, बंगाल की जनता ने इन्हें निकालने के लिए परिवर्तन किया और टीएमसी को लाया। लेकिन आज जनता कहती है की टीएमसी से तो कम्युनिस्ट अच्छे थे।

इसके अलावा शाह ने तंज कसते हुए कहा, “हम बंगाल में रथ यात्रा निकालने वाले थे लेकिन हमें राज्य सरकार ने रोक दिया, यहाँ कोई टीएमसी ने लोकतंत्र को खत्म कर दिया।” उन्होंने कहा कि हम मेहनत करेंगे लेकिन इस बार आपको बंगाल से हटाकर ही मानेंगे।

अमित शाह का हेलीकॉप्टर रोकने पर ममता से पीयूष गोयल का सवाल

पिछले दिनों पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार ने मालदा जिले में अमित शाह के हेलीकॉप्टर को उतारने की अनुमति देने से इनकार करते हुए, कई झूठे कारण गिनाए थे। इस पर पीयूष गोयल ने महागठबंधन से ही सवाल पूछा था कि क्या अब किसी को बंगाल में लोकतंत्र ख़तरे में नहीं दिख रहा?

“एक राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष को राज्य में रैली से रोकने में असहिष्णुता नज़र नहीं आ रही। यदि ऐसा किसी ज़रूरी कारण से भाजपा शासित किसी राज्य में होता तो अब तक आपातकाल आ चुका होता।”

बता दें कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह मालदा में आज जिस रैली को संबोधित कर रहे हैं। उसी रैली में हिस्सा लेने के लिए अमित शाह को हेलीकॉप्टर उतारने से ममता सरकार ने रोक दिया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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