Wednesday, December 1, 2021
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2 AAP विधायक केजरीवाल जी की तरफ बढ़े, एक ने ऐसा मुक्का मारा कि चश्मा गिर गया, कपिल मिश्रा का क्लेम

"विधायक जनता की भावनाओं का प्रतिनिधि होता है ! जनता की भावनाओं व इच्छाओं की सूचना मुख्यमंत्री तक पहुँचाना विधायक का नैतिक-धर्म है! किंतु सूचनाएँ मौखिक व लिखित रूप से दी जानी चाहिए ! जनभावनाओं की शारीरिक अभिव्यक्ति उचित नहीं है।"

आम आदमी पार्टी (AAP) के बगावती विधायक कपिल मिश्रा ने दावा किया है कि कुछ दिन पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को AAP के कुछ अन्य विधायकों ने कथित रूप से पीट दिया था।

उन्होंने दावा किया कि केजरीवाल AAP विधायकों के साथ बैठक कर रहे थे और गरमागरम चर्चा के बीच ही AAP के कुछ विधायकों ने केजरीवाल के साथ मार पिटाई की। बताया जा रहा है कि केजरीवाल कथित रूप से घायल हो गए थे और इसलिए उन्होंने घर से बाहर कदम नहीं रखा। यहाँ तक की वह अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल करने वाले कार्यक्रमों से भी दूर रहे। यह भी कहा जा रहा है कि केजरीवाल पिछले कुछ दिनों में दिल्ली विधानसभा क्षेत्रों के लिए नामांकन दाखिल करने वाले AAP उम्मीदवारों को अपनी बधाई या शुभकामनाएँ भी नहीं दी हैं।

मिश्रा ने एक लिंक साझा करते हुए ट्विटर पर लिखा, जिसमें बताया गया था कि कैसे और क्यों केजरीवाल को उनके ही सहयोगियों ने कथित तौर पर पीटा था। रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना शनिवार को हुई थी जब AAP के नेता AAP और कॉन्ग्रेस के गठबंधन और आम चुनावों पर चर्चा कर रहे थे। कहा जा रहा है, केजरीवाल ने टिकट वितरण के दौरान अपना आपा खो दिया। यहाँ तक कि गाली-गलौज पर उतारू हो गए और अपने ही कुछ विधायकों के साथ दुर्व्यवहार करना शुरू कर दिया। थोड़ी देर के बाद, उन्होंने भी जवाबी हमला करते हुए केजरीवाल की पिटाई कर दी।

रिपोर्ट के अनुसार, दो विधायक केजरीवाल की तरफ बढ़े और उनमें से एक ने उन्हें ऐसा मुक्का मारा कि वह थोड़ा अस्थिर हो गए और उनका चश्मा गिर गया। बताया गया है कि केजरीवाल अपने घुटने तोड़वा बैठे हैं और यहाँ तक कि ठीक से चल भी नहीं पा रहे थे। हालाँकि, तब तक अन्य विधायकों ने लड़ाई को सुलझाने के लिए बीच-बचाव किया और उन्हें शांत कराया। चूँकि, बैठक बंद दरवाजे पीछे हो रही थी, इसलिए केजरीवाल के सुरक्षा गार्ड भी कमरे में नहीं थे। अपने घुटने तोड़वा लेने के कारण केजरीवाल अब स्वास्थ लाभ ले रहे हैं और पिछले तीन दिनों से घर से बाहर नहीं निकले हैं। माना जा रहा है कि केजरीवाल भी फटे पड़े हैं क्योंकि न तो वह अपने विधायकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकते हैं और न ही पुलिस को इसकी सूचना दे सकते हैं। फिर भी, अब तक केजरीवाल की पिटाई की कोई पुष्टि नहीं हुई है।

मिश्रा द्वारा साझा की गई रिपोर्ट के अनुसार, कुछ AAP नेताओं को छोड़कर, उनमें से अधिकांश केजरीवाल के उनके प्रति अपमानजनक व्यवहार से तंग आ चुके हैं। चाँदनी चौक से AAP विधायक अलका लांबा ने भी हाल ही में उल्लेख किया था कि कैसे केजरीवाल के साथ कुछ व्यवहार सम्बन्धी जटिलताएँ हैं, जहाँ वे बहुत आसानी से गुस्सा होकर गाली-गलौज पर उतर आते हैं। कहा तो यह भी जा रहा है कि केजरीवाल अपने विधायकों को नौकर की तरह समझते हैं।

केजरीवाल पर पक्षपात का भी आरोप है और वह अपने पसंद के विधायकों के साथ दुर्व्यवहार नहीं करते हैं। आरोप है कि दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ मारपीट के समय उनके ये पसंदीदा विधायक ही थे। यह भी कहा जा रहा है कि AAP के कुछ विधायक केजरीवाल से असंतुष्ट हैं और उन पर पैसे के लिए दो राज्यसभा और तीन लोकसभा सीटें बेचने का आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि 2020 दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए ‘ट्रेडिंग’ शुरू हो चुकी है।

कपिल मिश्रा के साथ, एक और बागी AAP नेता कुमार विश्वास ने भी AAP विधायकों द्वारा केजरीवाल पर शारीरिक हमले की निंदा ट्विटर पर किया।

विश्वास ने अपने खास अंदाज में कहा, “विधायक जनता की भावनाओं का प्रतिनिधि होता है ! जनता की भावनाओं व इच्छाओं की सूचना मुख्यमंत्री तक पहुँचाना विधायक का नैतिक-धर्म है! किंतु सूचनाएँ मौखिक व लिखित रूप से दी जानी चाहिए! जनभावनाओं की शारीरिक अभिव्यक्ति उचित नहीं है।”

उत्सुकता वश जब लोगों ने विश्वास से सवाल किया कि क्या केजरीवाल के पीटे जाने की अफवाहें सच हैं? विश्वास ने जिसका एक गूढ़ उत्तर दिया “लगभग”

खैर, अभी तक ऑपइंडिया द्वारा यह सत्यापित नहीं हो पाया है कि केजरीवाल वास्तव में पिटे गए हैं या नहीं। ऐसी किसी हरक़त की तारीफ नहीं की जा सकती। यह कड़ी निंदा का विषय है। फिर भी, हम उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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