2 AAP विधायक केजरीवाल जी की तरफ बढ़े, एक ने ऐसा मुक्का मारा कि चश्मा गिर गया, कपिल मिश्रा का क्लेम

"विधायक जनता की भावनाओं का प्रतिनिधि होता है ! जनता की भावनाओं व इच्छाओं की सूचना मुख्यमंत्री तक पहुँचाना विधायक का नैतिक-धर्म है! किंतु सूचनाएँ मौखिक व लिखित रूप से दी जानी चाहिए ! जनभावनाओं की शारीरिक अभिव्यक्ति उचित नहीं है।"

आम आदमी पार्टी (AAP) के बगावती विधायक कपिल मिश्रा ने दावा किया है कि कुछ दिन पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को AAP के कुछ अन्य विधायकों ने कथित रूप से पीट दिया था।

उन्होंने दावा किया कि केजरीवाल AAP विधायकों के साथ बैठक कर रहे थे और गरमागरम चर्चा के बीच ही AAP के कुछ विधायकों ने केजरीवाल के साथ मार पिटाई की। बताया जा रहा है कि केजरीवाल कथित रूप से घायल हो गए थे और इसलिए उन्होंने घर से बाहर कदम नहीं रखा। यहाँ तक की वह अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल करने वाले कार्यक्रमों से भी दूर रहे। यह भी कहा जा रहा है कि केजरीवाल पिछले कुछ दिनों में दिल्ली विधानसभा क्षेत्रों के लिए नामांकन दाखिल करने वाले AAP उम्मीदवारों को अपनी बधाई या शुभकामनाएँ भी नहीं दी हैं।

मिश्रा ने एक लिंक साझा करते हुए ट्विटर पर लिखा, जिसमें बताया गया था कि कैसे और क्यों केजरीवाल को उनके ही सहयोगियों ने कथित तौर पर पीटा था। रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना शनिवार को हुई थी जब AAP के नेता AAP और कॉन्ग्रेस के गठबंधन और आम चुनावों पर चर्चा कर रहे थे। कहा जा रहा है, केजरीवाल ने टिकट वितरण के दौरान अपना आपा खो दिया। यहाँ तक कि गाली-गलौज पर उतारू हो गए और अपने ही कुछ विधायकों के साथ दुर्व्यवहार करना शुरू कर दिया। थोड़ी देर के बाद, उन्होंने भी जवाबी हमला करते हुए केजरीवाल की पिटाई कर दी।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

रिपोर्ट के अनुसार, दो विधायक केजरीवाल की तरफ बढ़े और उनमें से एक ने उन्हें ऐसा मुक्का मारा कि वह थोड़ा अस्थिर हो गए और उनका चश्मा गिर गया। बताया गया है कि केजरीवाल अपने घुटने तोड़वा बैठे हैं और यहाँ तक कि ठीक से चल भी नहीं पा रहे थे। हालाँकि, तब तक अन्य विधायकों ने लड़ाई को सुलझाने के लिए बीच-बचाव किया और उन्हें शांत कराया। चूँकि, बैठक बंद दरवाजे पीछे हो रही थी, इसलिए केजरीवाल के सुरक्षा गार्ड भी कमरे में नहीं थे। अपने घुटने तोड़वा लेने के कारण केजरीवाल अब स्वास्थ लाभ ले रहे हैं और पिछले तीन दिनों से घर से बाहर नहीं निकले हैं। माना जा रहा है कि केजरीवाल भी फटे पड़े हैं क्योंकि न तो वह अपने विधायकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकते हैं और न ही पुलिस को इसकी सूचना दे सकते हैं। फिर भी, अब तक केजरीवाल की पिटाई की कोई पुष्टि नहीं हुई है।

मिश्रा द्वारा साझा की गई रिपोर्ट के अनुसार, कुछ AAP नेताओं को छोड़कर, उनमें से अधिकांश केजरीवाल के उनके प्रति अपमानजनक व्यवहार से तंग आ चुके हैं। चाँदनी चौक से AAP विधायक अलका लांबा ने भी हाल ही में उल्लेख किया था कि कैसे केजरीवाल के साथ कुछ व्यवहार सम्बन्धी जटिलताएँ हैं, जहाँ वे बहुत आसानी से गुस्सा होकर गाली-गलौज पर उतर आते हैं। कहा तो यह भी जा रहा है कि केजरीवाल अपने विधायकों को नौकर की तरह समझते हैं।

केजरीवाल पर पक्षपात का भी आरोप है और वह अपने पसंद के विधायकों के साथ दुर्व्यवहार नहीं करते हैं। आरोप है कि दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ मारपीट के समय उनके ये पसंदीदा विधायक ही थे। यह भी कहा जा रहा है कि AAP के कुछ विधायक केजरीवाल से असंतुष्ट हैं और उन पर पैसे के लिए दो राज्यसभा और तीन लोकसभा सीटें बेचने का आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि 2020 दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए ‘ट्रेडिंग’ शुरू हो चुकी है।

कपिल मिश्रा के साथ, एक और बागी AAP नेता कुमार विश्वास ने भी AAP विधायकों द्वारा केजरीवाल पर शारीरिक हमले की निंदा ट्विटर पर किया।

विश्वास ने अपने खास अंदाज में कहा, “विधायक जनता की भावनाओं का प्रतिनिधि होता है ! जनता की भावनाओं व इच्छाओं की सूचना मुख्यमंत्री तक पहुँचाना विधायक का नैतिक-धर्म है! किंतु सूचनाएँ मौखिक व लिखित रूप से दी जानी चाहिए! जनभावनाओं की शारीरिक अभिव्यक्ति उचित नहीं है।”

उत्सुकता वश जब लोगों ने विश्वास से सवाल किया कि क्या केजरीवाल के पीटे जाने की अफवाहें सच हैं? विश्वास ने जिसका एक गूढ़ उत्तर दिया “लगभग”

खैर, अभी तक ऑपइंडिया द्वारा यह सत्यापित नहीं हो पाया है कि केजरीवाल वास्तव में पिटे गए हैं या नहीं। ऐसी किसी हरक़त की तारीफ नहीं की जा सकती। यह कड़ी निंदा का विषय है। फिर भी, हम उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by paying for content

यू-ट्यूब से

ये पढ़ना का भूलें

लिबरल गिरोह दोबारा सक्रिय, EVM पर लगातार फैला रहा है अफवाह, EC दे रही करारा जवाब

ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

ओपी राजभर

इतना सीधा नहीं है ओपी राजभर को हटाने के पीछे का गणित, समझें शाह के व्यूह की तिलिस्मी संरचना

ये कहानी है एक ऐसे नेता को अप्रासंगिक बना देने की, जिसके पीछे अमित शाह की रणनीति और योगी के कड़े तेवर थे। इस कहानी के तीन किरदार हैं, तीनों एक से बढ़ कर एक। जानिए कैसे भाजपा ने योजना बना कर, धीमे-धीमे अमल कर ओपी राजभर को निकाल बाहर किया।
राहुल गाँधी

सरकार तो मोदी की ही बनेगी… कॉन्ग्रेस ने ऑफिशली मान ली अपनी हार

कॉन्ग्रेस ने 23 तारीख को चुनाव नतीजे आने तक का भी इंतजार करना जरूरी नहीं समझा। समझे भी कैसे! देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कॉन्ग्रेस भी उमर अबदुल्ला के ट्वीट से सहमत होकर...
उपेंद्र कुशवाहा

‘सड़कों पर बहेगा खून अगर मनमुताबिक चुनाव परिणाम न आए, समर्थक हथियार उठाने को तैयार’

एग्जिट पोल को ‘गप’ करार देने से शुरू हुआ विपक्ष का स्तर अब खुलेआम हिंसा करने और खून बहाने तक आ गया है। उपेंद्र कुशवाहा ने मतदान परिणाम मनमुताबिक न होने पर सड़कों पर खून बहा देने की धमकी दी है। इस संभावित हिंसा का ठीकरा वे नीतीश और केंद्र की मोदी सरकार के सर भी फोड़ा है।
राशिद अल्वी

EVM को सही साबित करने के लिए 3 राज्यों में कॉन्ग्रेस के जीत की रची गई थी साजिश: राशिद अल्वी

"अगर चुनाव परिणाम एग्जिट पोल की तरह ही आते हैं, तो इसका मतलब पिछले साल तीन राज्यों के विधानसभा के चुनाव में कॉन्ग्रेस जहाँ-जहाँ जीती थी, वह एक साजिश थी। तीन राज्यों में कॉन्ग्रेस की जीत के साथ ये भरोसा दिलाने की कोशिश की गई कि ईवीएम सही है।"
पुण्य प्रसून वाजपेयी

20 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली पार्टी को 35+ सीटें: ‘क्रन्तिकारी’ पत्रकार का क्रन्तिकारी Exit Poll

ऐसी पार्टी, जो सिर्फ़ 20 सीटों पर ही चुनाव लड़ रही है, उसे वाजपेयी ने 35 सीटें दे दी है। ऐसा कैसे संभव है? क्या डीएमके द्वारा जीती गई एक सीट को दो या डेढ़ गिना जाएगा? 20 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली पार्टी 35 सीटें कैसे जीत सकती है?

यूट्यूब पर लोग KRK, दीपक कलाल और रवीश को ही देखते हैं और कारण बस एक ही है

रवीश अब अपने दर्शकों से लगभग ब्रेकअप को उतारू प्रेमिका की तरह ब्लॉक करने लगे हैं, वो कहने लगे हैं कि तुम्हारी ही सब गलती थी, तुमने मुझे TRP नहीं दी, तुमने मेरे एजेंडा को प्राथमिकता नहीं माना। जब मुझे तुम्हारी जरूरत थी, तब तुम देशभक्त हो गए।
स्वरा भास्कर

प्रचार के लिए ब्लाउज़ सिलवाई, 20 साड़ियाँ खरीदी, ताकि बड़े मुद्दों पर बात कर सकूँ: स्वरा भास्कर

स्वरा भास्कर ने स्वीकार करते हुए बताया कि उन्हें प्रचार के लिए बुलाया गया क्योंकि वो हीरोइन हैं और इस वजह से ही उन्हें एक इमेज बनाना आवश्यक था। इसी छवि को बनाने के लिए उन्होंने 20 साड़ियाँ खरीदीं और और कुछ जूलरी खरीदी ताकि ‘बड़े मुद्दों पर’ बात की जा सके।
राहुल गाँधी, बीबीसी

2019 नहीं, अब 2024 में ‘पकेंगे’ राहुल गाँधी: BBC ने अपने ‘लाडले’ की प्रोफाइल में किया बदलाव

इससे भी ज्यादा बीबीसी ने प्रियंका की तारीफ़ों के पुल बांधे हैं। प्रियंका ने आज तक अपनी लोकप्रियता साबित नहीं की है, एक भी चुनाव नहीं जीता है, अपनी देखरेख में पार्टी को भी एक भी चुनाव नहीं जितवाया है, फिर भी बीबीसी उन्हें चमत्कारिक और लोकप्रिय बताता है।
ट्रोल प्रोपेगंडाबाज़ ध्रुव राठी

ध्रुव राठी के धैर्य का बाँध टूटा, बोले राहुल गाँधी ने 1 ही झूठ किया रिपीट, हमारा प्रोपेगैंडा पड़ा हल्का

जिस प्रकार से राहुल गाँधी लगातार मोदी सरकार को घोटालों में घिरा हुआ साबित करने के लिए झूठे डाक्यूमेंट्स और बयानों का सहारा लेते रहे, शायद ध्रुव राठी उन्हीं से अपनी निराशा व्यक्त कर रहे थे। ऐसे समय में उन्हें अपने झुंड के साथ रहना चाहिए।
योगेन्द्र यादव

योगेंद्र यादव का दावा: अबकी बार 272 पार, आएगा तो मोदी ही

उन्होंने स्वीकार किया कि बालाकोट एयरस्ट्राइक का बाद स्थिति बदल गई है। आज की स्थिति में अब बीजेपी बढ़त की ओर आगे बढ़ गई है।

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

41,313फैंसलाइक करें
7,863फॉलोवर्सफॉलो करें
63,970सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

शेयर करें, मदद करें: