Monday, March 8, 2021
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केजरीवाल का बुरा हाल: चंडीगढ़ में खाली कुर्सियों को सुनाना पड़ा भाषण, बेइज्जती देख मिनटों में भागे

रैली में यशवंत सिन्हा के भी उपस्थित होने की बात थी, लेकिन वो खुद नदारद रहे। जो लोग रैली में उपस्थित थे, वो भी स्थानीय नहीं थे। उन्हें बाहर से रैली में लाया गया था।

रविवार (फरवरी 24, 2019) को चंडीगढ़ में आयोजित आम आदमी पार्टी की रैली बुरी तरह फ्लॉप साबित हुई। रैली में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल और अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा के पहुँचने की ख़बर के बावजूद लोग नहीं जुटे। किरकिरी होते देख केजरीवाल ने मात्र 8-9 मिनटों में ही अपना भाषण ख़त्म कर दिया। रविवार को छुट्टी का दिन होने के बावजूद रैली में लोगों की नगण्य उपस्थिति ने आम आदमी पार्टी को सकते में डाल दिया है। चंडीगढ़ के सेक्टर 25 में आयोजित इस रैली में केजरीवाल ने अपना भाषण आनन-फानन में निपटा दिया।

केजरीवाल की रैली में लोगों का न आना अख़बारों में भी चर्चा का विषय बना

खाली कुर्सियाँ देख बौखलाए अरविन्द केजरीवाल ने ज़ल्दबाज़ी में पार्टी के लोकसभा प्रत्याशी हरमोहन धवन के लिए वोट माँगा और हरियाणा में एक और रैली सम्बोधित करने का बहाना बना कर वहाँ से निकल पड़े। मीडिया में आ रही ख़बरों के मुताबिक़, जो लोग रैली में उपस्थित थे, वो भी स्थानीय नहीं थे। उन्हें बाहर से रैली में लाया गया था। केजरीवाल के जाते ही ये लोग भी रैली स्थल से चलते बने। सोशल मीडिया पर लोगों ने केजरीवाल की इस रैली का खूब मज़ाक बनाया।

केजरीवाल की चंडीगढ़ रैली में खाली पड़ी कुर्सियाँ

बता दें कि चंडीगढ़ से आप के लोकसभा प्रत्याशी वरिष्ठ नेता हरमोहन धवन पहले भाजपा में थे। वह पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की कैबिनेट में केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। उस समय उन्होंने चंडीगढ़ से ही जीत दर्ज की थी। उस से पहले वह जनता पार्टी के अध्यक्ष भी बने थे। मंच पर केजरीवाल, भगवंत मान, हरमोहन और शत्रुघ्न सिन्हा की मौजूदगी के बावजूद लोगों का रैली में न आना चर्चा का विषय है। 2014 में चंडीगढ़ से भाजपा की किरण खेर ने जीत दर्ज की थी। आम आदमी पार्टी की प्रत्याशी व पूर्व मिस इंडिया गुल पनाग तीसरे नंबर पर रही थीं। रैली में किरण खेर पर तंज कसते हुए केजरीवाल ने कहा:

“पिछली बार मोदी की हवा थी, इसलिए वे जीत गईं। उसके बाद वे कितनी बार लोगों के बीच आईं। संसद में भी बहुत कम आती हैं। आती हैं तो बोलती नहीं। वे एक एक्ट्रेस हैं। उन्हें मुंबई में फ़िल्में करनी है और उन फ़िल्मों से पैसा कमाना है। उन्हें सांसद का एक स्टेटस सिंबल चाहिए था, जो चंडीगढ़ के लोगों की वजह से उन्हें मिल चुका है। किसी को उनसे मिलना हो तो वे मिलती नहीं। उनसे मिलने के लिए लोगों को मुंबई जाना पड़ता है। क्या उन्होंने कोई स्कूल व अस्पताल बनवाया? क्या किसी बच्चे का एडमिशन करवाया? किसी ग़रीब मरीज़ का इलाज करवाया?”

भाजपा के बाग़ी नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने रैली को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का मज़ाक बनाते हुए कहा कि अब दिल की बात होगी। उन्होंने मोदी सरकार को तानाशाही सरकार करार दिया। भगवंत मान ने प्रधानमंत्री पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें कभी-कभी शक होता है कि मोदी को चाय बनानी भी आती है या नहीं? रैली में यशवंत सिन्हा के भी उपस्थित रहने की बात कही जा रही थी और पोस्टरों में भी इसका जिक्र किया गया था, लेकिन यशवंत सिन्हा रैली में नहीं पहुँचे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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