Sunday, April 11, 2021

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Shatrughan Sinha

‘हम, रउआ आ बउआ’: सिन्हा के परिवार के 3 सदस्यों ने 2 साल में 3 सीटों से हार कर रचा इतिहास

भाजपा में रहते पीएम मोदी को गाली देने से लेकर वहाँ से निकल कर कॉन्ग्रेस में जाने और अप्रासंगिक होने तक, शत्रुघ्न सिन्हा की कहानी।

वाह मोदीजी! आप प्रशंसा के लायक हैं, आप देश के मार्गदर्शक हैं: ‘बिहारी बाबू’ का हृदय परिवर्तन

2019 लोकसभा चुनाव कॉन्ग्रेस के टिकट पर लड़ कर हार चुके सिन्हा इस बात से भी गदगद दिखे कि पीएम ने प्लास्टिक को 'गुड बाय' कह कर प्रदूषण नियंत्रण में योगदान देने की अपील की। साथ ही सिन्हा ने पीएम द्वारा भारतीय पर्यटन को एक नया आयाम देने के लिए भी धन्यवाद किया।

सिन्हा की हार का मुंबई कनेक्शन, समझिए कैसे अपने ही पैर पर कुल्हारी मार ख़ामोश हुए शत्रुघ्न

शत्रुघ्न सिन्हा की हार के पीछे जो भी फैक्टर हैं, उनका न तो कॉन्ग्रेस से कुछ लेना-देना है और न ही भाजपा से। यह उनकी व्यक्तिगत हानि है, उनकी विफलता है, जिसके ज़िम्मेदार वह ख़ुद हैं। क्या हैं सिन्हा कि हार के कारण, समझिए स्थानीय समीकरणों के साथ।

शत्रुघ्न के सामने एक और ‘शत्रु’: बिहार महागठबंधन में फिर से आई दरार, VIP ने खड़ा किया उम्मीदवार

कॉन्ग्रेस पार्टी ने मधुबनी सीट पर वीआईपी के उम्मीदवार बद्री पूर्वे के खिलाफ अपनी पार्टी के बागी शकील अहमद को प्रत्याशी बनाया है। अब इसी का बदला लेने के लिए वीआईपी ने पटना साहिब से कॉन्ग्रेस प्रत्याशी शत्रुघन सिन्हा के खिलाफ...

भारत के स्वतंत्रता संग्राम में जिन्ना का अहम योगदान: राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस नेता ने चला मुस्लिम कार्ड

जिन्ना का बचाव करते हुए मेमन ने भारत की स्वतंत्रता संग्राम में उनका 'अहम योगदान' बताया। उन्होंने कहा कि जिन्ना को लेकर सिन्हा द्वारा बयान से लोग आपत्ति इसीलिए जता रहे हैं क्योंकि जिन्ना एक मुस्लिम थे।

कॉन्ग्रेस को ‘जिन्नाह’ की पार्टी बताने वाले शत्रुघ्न सिन्हा की सफाई, चिदंबरम ने कहा ‘ख़ामोश’

पी चिदंबरम ने भी एक तरह से सिन्हा से किनारा करते हुए कहा, “उनके (सिन्हा) जो भी विचार हैं, उसका स्पष्टीकरण दिया जाना चाहिए। कुछ दिन पहले वह भाजपा का हिस्सा थे। भाजपा को बताना चाहिए कि वह इतने साल तक पार्टी का हिस्सा क्यों थे।

VIDEO: अपना जूता भी ख़ुद नहीं उतारते ‘शॉटगन’, सोशल मीडिया पर ‘लताड़’ से हुए ‘खामोश’

लोगों ने चुटकी लेते हुए कहा कि अगर एक राजनेता ख़ुद अपना जूता नहीं उतार सकता तो जनता की सेवा क्या करेगा? शत्रुघ्न सिन्हा पटना से सांसद हैं और इस बार उन्होंने अपनी पुरानी पार्टी भाजपा छोड़ कॉन्ग्रेस का दामन थामा है।

आडवाणी के कारण बचे रहे शत्रुघ्न सिन्हा, BJP ने निलंबित न कर के उन्हें बनाया अप्रासंगिक

कहानी 1992 नई दिल्ली उपचुनाव की, जिसके बाद 'हारे' हुए शत्रुघ्न सिन्हा को भाजपा ने वो सब कुछ दिया, जो उन्हें किसी और पार्टी में जीतने के बाद भी नहीं नसीब होता। और कहानी अब की, जब वो भीड़ भी नहीं जुटा पाते। भाजपा ने उन्हें सही तरीके से हैंडल किया।

केजरीवाल का बुरा हाल: चंडीगढ़ में खाली कुर्सियों को सुनाना पड़ा भाषण, बेइज्जती देख मिनटों में भागे

मंच पर केजरीवाल, भगवंत मान, हरमोहन और शत्रुघ्न सिन्हा की मौजूदगी के बावजूद लोगों का रैली में न आना चर्चा का विषय है। खाली कुर्सियाँ देख बौखलाए केजरीवाल ने 7-8 मिनटों में ही अपना भाषण समाप्त कर दिया।

जिन्हें गुमान था कि वो लाइन खुद बनाते हैं, चुनाव आते ही लाइन में खड़े हो गए!

अपने ही बयानों से विरोधाभास की स्थिति खड़ा करने वाले शत्रुघ्न लगातार भाजपा में तानाशाही का आरोप मढ़ते रहते हैं साथ ही यह भी कहते हैं कि जो कुछ भी हो जाए पटना साहिब से ही चुनाव लड़ेंगे।

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