पत्रकारिता है या दोमुँहापन? स्टॉकिंग का दावा और दूसरों के नंबर पब्लिक कर अपनी ट्रोल आर्मी से ट्रोल करवाना

बरखा दत्त की ट्रोल आर्मी सुनील पर जिस तरह से टूट पड़ी है वह भी आपकी भाषा में क्या स्टॉकिंग नहीं? अगर किसी ने कुछ गलत किया है तो पुलिस को रिपोर्ट करतीं, ना कि ट्विटर पर नंबर सार्वजनिक कर ट्रोल करवातीं।

अक्सर विवादों में रहने वाली पत्रकार बरखा दत्त ने सोमवार (फ़रवरी 18, 2019) को ट्वीट किया कि उन्हें अज्ञात नंबरों से फोन आ रहे हैं, लोग उन्हें परेशान कर रहे हैं और गालियाँ दे रहे हैं। अपने ट्वीट में, उन्होंने गृह मंत्री राजनाथ सिंह से इस मामले में स्वयं हस्तक्षेप करने की माँग की, जबकि आमतौर ऐसे मामले स्थानीय पुलिस द्वारा निपटाए जाते हैं।

बरखा दत्त ने दावा किया कि उनका नंबर सार्वजनिक होने से उन्हें जो मैसेज प्राप्त हुए हैं। उसमें पुरुष जननांग की अनचाही तस्वीर भी शामिल है। अगर ऐसा है तो यह वास्तव में यौन उत्पीड़न का मामला है और इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों पर कार्रवाई किया जाना चाहिए। इसमें भी कोई दो राय नहीं कि विशेष रूप से महिलाएँ, सोशल मीडिया पर अक्सर उत्पीड़न का सामना करती हैं और जो ऐसा करते हैं उन पर कार्रवाई भी होनी चाहिए। जिससे समाज में एक उदाहरण सेट हो कि लोग इस तरह से महिलाओं को परेशान नहीं कर सकते हैं।

OpIndia.com ने, विशेष रूप से, बरखा के ट्वीट में सार्वजनिक किए गए सुनील सक्सेना और अभिषेक नाम के दो लोगों से संपर्क किया।

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OpIndia.com से बात करते हुए, अभिषेक ने बरखा को गाली देने से इनकार किया और दावा किया कि उसने केवल इस बात की पुष्टि करने के लिए फोन किया था कि क्या वह नंबर जो सोशल मीडिया पर बरखा दत्त के नाम से घूम रहा था, क्या वास्तव में उनका है। अभिषेक ने बताया, “मैंने उन्हें बिल्कुल भी गाली नहीं दी। दरअसल, उनका नंबर फेसबुक पर सर्कुलेट हो रहा था, और मैं जाँचना चाहता था कि क्या सच में ये उनका नंबर है या नहीं। इसलिए, मैंने फोन किया और महसूस किया कि यह वास्तव में उन्हीं का है। मैंने नंबर का बिल्कुल भी दुरुपयोग नहीं किया। हमने शायद 15 या 20 सेकंड के लिए भी बात की।”

सुनील सक्सेना की कहानी भी ऐसी ही है, उनका भी कहना है कि बरखा का नंबर फेसबुक पर प्रसारित हो रहा था। उन्होंने भी यह दावा किया कि केवल यह पुष्टि करने के लिए उन्होंने कॉल किया था कि क्या यह बरखा दत्त का नंबर है। ऑपइंडिया डॉट कॉम से बात करते समय उनकी आवाज काँप रही थी वो डरे हुए थे। सुनील ने बताया, “उनका नंबर सोशल मीडिया पर सर्कुलेट हो रहा था, इसलिए मैंने उन्हें फोन किया। मैंने उन्हें अपना नाम और अपना पता भी बताया। और बरखा ने मेरे साथ आराम से बात भी की। फिर, अचानक से कहा, “मैं आपको रिपोर्ट कर रही हूँ, आपको मेरा नंबर कहाँ से मिला और आपने मुझे कॉल क्यों किया?” यहाँ तक कि मुझ पर स्टॉक करने का आरोप भी लगाया, लेकिन मैंने ऐसा कुछ बिल्कुल भी नहीं किया।

यह पूछे जाने पर कि क्या उनके पास कॉल की रिकॉर्डिंग है, सक्सेना ने कहा कि ‘उन्होंने ऐसा नहीं किया, यह वह गलती है, जो मैंने की क्योंकि मेरे मन ऐसा कुछ था ही नहीं।’

सक्सेना ने कहा, “फिर भी बरखा दत्त ने उनका (सुनील) नंबर पब्लिक कर दिया है। सार्वजनिक होने के बाद उन्हें खुद फोन आ रहे हैं और धमकी दी जा रही है। यहाँ तक कि लोग मुझे गाली दे रहे हैं, मुझे कई नंबरों से कॉल आ रहे हैं। यहाँ तक कि पुलिस ने भी मुझसे संपर्क किया है। इसके अलावा, दूसरों ने भी मुझे गंदी गालियाँ देते हुए, धमकी दी है। मैंने अब उन कॉल को रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया है।”

सुनील सक्सेना का कहना है कि उन्होंने बरखा दत्त से बात करते हुए कोई अपशब्द नहीं इस्तेमाल किया, कोई गाली गलौच नहीं की, वो इस कॉल कि बात को भूल भी गए थे। लेकिन थोड़ी ही देर में किसी के द्वारा बरखा दत्त का ट्वीट शेयर किया गया, जिसमें सुनील सक्सेना का नाम और मोबाइल नंबर दिया हुआ था, और उन पर स्टाकिंग करने का आरोप भी लगाया गया था।

बरखा दत्त ने जब से सुनील का नंबर पब्लिक किया, उसके बाद से ही सुनील के पास तमाम ट्रोल्स के बहुत ज़्यादा कॉल्स आने लगी, अलग-अलग जगहों से कॉल कर, इन्हे जान से मार देने की, सबक सिखाने की धमकियाँ दी जाने लगी। सुनील घबरा गए क्योंकि लोग इनके परिवार को भी नुक्सान पहुँचाने की धमकी देने लगे। इन्होने बरखा दत्त को पर्सनल मैसेज करके, ट्वीट से इनका नंबर हटाने की रिक्वेस्ट की और कहा की अगर उन्हें लगता है और इन्होने उनसे कोई बदतमीजी की है तो बेशक पुलिस से शिकायत करें, लेकिन नंबर हटा लें। लेकिन बरखा दत्त ने अभी तक वो ट्वीट नहीं हटाया है।

OpIndia.com को सक्सेना ने उन रिकॉर्डिंग्स में से एक भेजा। कॉल रिकॉर्डिंग में, एक व्यक्ति को गंदी भाषा में सुनील को गाली देते हुए साफ सुना जा सकता है और उसे धमकी देता हुआ भी।

इसके बाद भी बरखा दत्त ने खुद ट्वीट किया कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर उनका नंबर सर्कुलेट कर रहे हैं और बरखा दत्त ने माँग कि उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाए।

यहाँ असली सवाल ये है कि क्या सिर्फ़ किसी व्यक्ति को कॉल कर ये पता करना कि क्या वास्तव में उस व्यक्ति का नंबर है कि नहीं। यह अपराध है? क्या इसे स्टाकिंग के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है? अगर हाँ तो इसे कानून का पालन कराने वाली एजेंसियों को तय करना होगा। न कि बरखा दत्त स्वयं तय कर उसके नंबर सार्वजनिक कर उसे अपने ट्रोल्स द्वारा ट्रोलिंग के लिए छोड़ दें।

बरखा दत्त की ट्रोल आर्मी सुनील पर जिस तरह से टूट पड़ी है वह भी आपकी भाषा में क्या स्टॉकिंग नहीं? अगर सुनील ने कुछ गलत किया है तो पुलिस को रिपोर्ट करतीं, ना कि ट्विटर पर नंबर सार्वजनिक कर ट्रोल करवातीं। कल को कोई बरखा दत्त का ट्रोल सुनील या उनके परिवार को नुक्सान पहुँचाता है तो जिम्मेदारी किसकी होगी? क्या बरखा दत्त ये भूल गई हैं कि उन्होंने स्वयं एक कानून का उल्लंघन कर दिया है, लोगो के नंबर ट्विटर पर शेयर करके?

यहाँ ये सवाल भी जरूरी है कि सुनील की क्या गलती थी? क्या बरखा दत्त को कॉल कर देना ही उसकी गलती थी? क्या बरखा दत्त किसी मार्केटिंग कंपनी के कॉल आने पर भी उनके नंबर शेयर करती है? और सबसे बड़ी बात, किसी का पर्सनल नंबर क्यों ट्विटर पर शेयर किया? क्या एक की गलती, गलती है! अपराध है! आपकी नहीं?


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