Tuesday, October 19, 2021
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धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए केजरीवाल के ख़िलाफ़ शिक़ायत दर्ज

जहाँ एक तरफ केजरीवाल लोगों को हिंसा में लिप्त होने के लिए प्रोत्साहित करते दिख रहे हैं, वहीं हिंदू प्रतीक स्वस्तिक के अपमान से प्रतीत होता है कि वो बेहद ओछी राजनीति को हवा दे रहे हैं।

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल का विवादों से गहरा नाता है, जिसे वो बख़ूबी निभाते हैं। अपने एक ट्वीट के चलते एक नया विवाद और उनसे जुड़ गया है जिसकी चौतरफा आलोचना होना अनिवार्य है। बता दें कि हिन्दुओं के धार्मिक चिन्ह ‘स्वस्तिक’ पर एक ट्वीट करने के बाद अरविंद केजरीवाल पर हिंन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लग रहा है।

इसी मामले में केजरीवाल के ख़िलाफ़ एक केस भी दर्ज कराया गया है। स्वस्तिक के अपमान किए जाने संबंधी ट्वीट की बीजेपी ने कड़ी आलोचना की थी। बीजेपी का कहना था कि मुख्यमंत्री ने अपने इस अभद्र कृत्य से धार्मिक आस्था को तो चोट पहुँचाया ही है साथ ही आचार संहिता कता उल्लंघन भी किया है।

बता दें कि केजरीवाल ने अपने ट्विटर हैंडल से एक फोटो शेयर की थी जिसमें एक आदमी स्वस्तिक चिन्ह के पीछे झाड़ू लिए हुए है दौड़ रहा है। इस तस्वीर को लेकर केजरीवाल ने लिखा, “मुझे किसी ने ये भेजा है।”

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अपने एक अन्य ट्वीट में उन्होंने बीजेपी पर आरोप मढ़ते हुए लिखा कि उसने उनकी रैली रद्द करवा दी। साथ ही सवालिया होते हुए लिखा कि 5 वर्षों में भाजपा की कितनी रैलियाँ रद्द हुई हैं। केजरीवाल ने दावा करते हुए लिखा कि दिल्ली में सातों सीटें बीजेपी हार जाएगी, इस बात को वो मान ले।

जहाँ एक तरफ केजरीवाल लोगों को हिंसा में लिप्त होने के लिए प्रोत्साहित करते दिख रहे हैं, वहीं हिंदू प्रतीक स्वस्तिक के अपमान से प्रतीत होता है कि वो बेहद ओछी राजनीति को हवा दे रहे हैं।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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