इंडियन नेवी अफसर ने डूबते व्यक्ति की बचाई जान, इंटरनेट ने किया नमन!

"उस व्यक्ति की आवाज़ सुनना सही में अद्भुत अनुभूति है, जिसकी मैंने जान बचाई। उसने मुझे हॉस्पिटल से फ़ोन किया। जो संतोष मुझे महसूस हो रहा है, उसे शब्दों में बयाँ नहीं किया जा सकता।"

फेसबुक पर भारतीय नौसेना के आधिकारिक पेज पर आज एक युवा नौसैन्यकर्मी का कारनामा शेयर हुआ है, जिसे हर तरफ से वाहवाही मिल रही है। लेफ्टिनेंट राहुल दलाल ने केरल के वाईपिन तट पर एक डूबते हुए व्यक्ति की जान बचाई, जिसके बाद उन्हें नायक की प्रशस्ति मिल रही है। अपनी पत्नी के साथ लेफ्टिनेंट दलाल 5 अप्रैल को बीच पर साईट-सीइंग के लिए पहुंचे थे जब उन्होंने देखा कि एक आदमी डूब रहा है और मदद की गुहार लगा रहा है। बाद में बचाए गए व्यक्ति ने अपनी पहचान औरंगाबाद के दिलीप कुमार के रूप में की।

वहाँ हालाँकि और भी लोगों की भीड़ इकट्ठा थी पर वे या तो पानी में कूदने की हिम्मत नहीं कर पा रहे थे या उनमें से कोई भी ऐसा करने में सक्षम नहीं था। लेफ्टिनेंट दलाल तुरंत पानी में कूद गए और डूबते इन्सान की ओर बढ़ने लगे।

अपनी ही जान साँसत में आ गई थी

सोशल मीडिया के अनुसार लेफ्टिनेंट दलाल को दिलीप तक पहुँचने में कुछ मिनट ही लगे पर पानी के तेज बहाव के चलते उन्हें दिलीप को लेकर वापस आने में लगभग 20 मिनट लग गए।

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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दिलीप इतने डरे और घबराए हुए थे कि वह लेफ्टिनेंट दलाल को ही जकड़कर नीचे खींचने लगे, जिससे दोनों पर ही डूबने का खतरा मंडराने लगा था। लेफ्टिनेंट दलाल ने दिलीप को शांत किया और उनसे कहा कि वे (दिलीप) दलाल के केवल कंधे ही पकड़े रहें। जब दिलीप ने ऐसा किया तो लेफ्टिनेंट दलाल ने वापस तट की तरफ तैरना प्रारंभ कर दिया। स्थानीय व्यक्तियों की सहायता से तट पर पहुँचने के बाद उन्होंने पाया कि दिलीप बेहोश हो गए हैं और उनकी साँसें भी नहीं चल रही हैं।

लेफ्टिनेंट दलाल ने उनका मुँह खोला तो पाया कि कुछ पौधे दिलीप के साँस के रास्ते में फँसे हुए हैं। उन्हें निकाल कर दलाल ने दिलीप को Cardio Pulmonary Resuscitation (कृत्रिम श्वास) दी, जिसके बाद दिलीप की चेतना लौटी। इसके बाद सूचना पाकर पहुँची पुलिस ने दिलीप को सरकारी अस्पताल पहुँचाया जहाँ से उन्हें पूर्ण रूप से स्वस्थ होने के बाद छुट्टी दे दी गई।

शाबाशियों और बधाइयों का सैलाब  

सोशल मीडिया पर यह खबर आते ही लेफ्टिनेंट दलाल को बधाई देने और उनकी प्रशंसा करने वालों का हुजूम उमड़ पड़ा। सभी ने जी भरकर उनकी वीरता को सराहा।

‘मैंने नौसेना का सिखाया ही आजमाया’

भारतीय नौसेना ने आज सुबह फेसबुक पर इस घटना के विवरण के साथ बचाव अभियान के ठीक बाद की तस्वीरें जारी की हैं, जिनमें लेफ्टिनेंट दलाल को दिलीप के साथ देखा जा सकता है। उनकी दिलीप को कृत्रिम श्वास देते हुए तस्वीर भी नौसेना ने जारी की है। खबर लिखे जाने तक फेसबुक पर इस पोस्ट को 6,000 से ज्यादा बार लाइक किया गया है, 350 से ज्यादा इस पर कमेंट्स आए हैं, और 600 के करीब लोगों ने इसे शेयर किया है।


एक स्वतन्त्र पत्रकार से बात करते हुए लेफ्टिनेंट दलाल ने बताया कि उनकी बाद में भी दिलीप से बात हुई है, और उस व्यक्ति की आवाज़ सुनना सही में अद्भुत अनुभूति है, जिसकी उन्होंने जान बचाई हो। ‘उसने मुझे हॉस्पिटल से फ़ोन किया। जो संतोष मुझे महसूस हो रहा है, उसे शब्दों में बयाँ नहीं किया जा सकता।’ लेफ्टिनेंट ने यह भी कहा कि यदि हम खुद पर विश्वास रखें तो अपनी सीमाओं को तोड़ किसी की जान बचाना एक बहुत खूबसूरत पल होता है। उन्होंने यह भी कहा कि उस दिन उन्होंने जो कुछ किया वह उन्हें भारतीय नौसेना और उनके वरिष्ठों ने सिखाया था, और वे भारतीय नौसेना का अंग होने पर गर्व करते हैं।

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