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कंगाल पाकिस्तान में कभी भी हो सकती है बत्ती गुल! गहरे बिजली संकट के बीच टेलीकॉम कंपनियों ने दी मोबाइल और इंटनेट बंद करने की चेतावनी

बिजली की कमी के चलते पाकिस्तान सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के काम के घंटों में कटौती की है। वहीं, कराची सहित विभिन्न शहरों में कारखानों से लेकर शॉपिंग मॉल तक को जल्दी बंद करने का आदेश दिया है।

पाकिस्तान गहरे आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। आर्थिक संकट की वजह से पड़ोसी देश में आम जनता पर कई तरह की पाबंदियाँ लगाई जा चुकी हैं। आर्थिक संकट के अलावा बिजली संकट भी पाकिस्तान में मुँह बाए खड़ी हो गई है। अब हालात यह हो गई है कि पाकिस्तान की सरकार ने चेताया है कि बिजली संकट की वजह से फोन और इंटरनेट सेवाएँ भी ठप हो सकती हैं।

पाकिस्तान राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी बोर्ड (NITB) ने ट्विटर पर कहा कि पाकिस्तान में दूरसंचार ऑपरेटरों ने देश भर में लंबे समय तक बिजली गुल रहने के कारण मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं को बंद करने की चेतावनी दी है, क्योंकि बिजली में भारी कमी से संचालन में काफी मुश्किल हो रहा है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पिछले दिनों चेतावनी थी कि जुलाई में देश को लोड शेडिंग का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को आवश्यक एलएनजी (Liquefied Natural Gas) की आपूर्ति नहीं मिल सकी है। गठबंधन सरकार ने सौदा करने की कोशिश की थी। हालाँकि, सरकार समझौते पर सहमति बनाने में कामयाब नहीं हो पाई।

दरअसल, पाकिस्तानी में एलएनजी से बड़े पैमाने पर बिजली बनाई जाती है। एलएनजी की कमी से बिजली उत्पादन पर असर पड़ा है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तानी सरकार अगले महीने के लिए एलएनजी का सौदा नहीं कर पाई है। रिफाइनिटिव डेटा के अनुसार पाकिस्तान को बिजली उत्पादन के लिए एलएनजी खरीदने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। एलएनजी की दुनिया में बढ़ती माँग भी एक बड़ी वजह है। इसकी कीमत में भी वृद्धि हुई है। इसके कारण आर्थिक तंगी का सामना कर रहे पाकिस्तान को एलएनजी खरीदने में परेशानी हो रही है।

बिजली की कमी के चलते पाकिस्तान सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के काम के घंटों में कटौती की है। वहीं, कराची सहित विभिन्न शहरों में कारखानों से लेकर शॉपिंग मॉल तक को जल्दी बंद करने का आदेश दिया है। पाकिस्तान के वित्त मंत्री मिफ्ता इस्माइल ने कहा कि सरकार कतर से एलएनजी खरीद के लिए बात कर रही है।

गौरतलब है कि पिछले दिनों देश में कागज के संकट की खबर आई थी। कहा गया कि आसमान छूती कीमतों की वजह से प्रकाशकों के लिए छपाई करना मुमकिन नहीं है। ऐसे में अगले साल बच्चों को सिलेबस की किताबें उपलब्ध नहीं हो पाएँगी।

इससे पहले पाकिस्तान के एक मंत्री ने लोगों से कम चाय पीने के लिए कहा था, ताकि विदेशी मुद्रा की बचत की जा सके। देश के योजना एवं विकास मंत्री अहसान इकबाल ने कहा था कि पाकिस्तानी अपनी चाय की खपत को प्रति दिन ‘एक या दो कप’ कम कर सकते हैं, क्योंकि इसका आयात सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव डाल रहा है। इसके पहले एक एयरपोर्ट कर्मचारी ने देश में बढ़ते पेट्रोल के दामों को लेकर गधा गाड़ी से ऑफिस पहुँचने की अनुमति माँगी थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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