Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयफटेहाल पाकिस्तान में चाय कटिंग: मंत्री ने कहा- रोज 2 कप चाय पीना कम...

फटेहाल पाकिस्तान में चाय कटिंग: मंत्री ने कहा- रोज 2 कप चाय पीना कम करो, हम कर्ज लेकर लेकर चाय ला रहे हैं

वहीं, पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने के लिए लोगों से कम चाय पीने की मंत्री इकबाल द्वारा की गई अपील का लोगों ने खूब उपहास उड़ाया। लोगों ने कहा कि चाय की खपत में कटौती करने से देश के आर्थिक संकट पर कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला।

कंगाली के कगार पर खड़े पाकिस्तान (Pakistan) ने अब अपने लोगों से कम चाय पीने के लिए कहा है, ताकि विदेशी मुद्रा की बचत की जा सके। इसके पहले एक एयरपोर्ट कर्मचारी ने देश में बढ़ते पेट्रोल के दामों को लेकर गधा गाड़ी से ऑफिस पहुँचने की अनुमति माँगी थी।

देश के योजना एवं विकास मंत्री अहसान इकबाल ने मंगलवार (14 जून 2022) को पत्रकारों से कहा कि पाकिस्तानी अपनी चाय की खपत को प्रति दिन ‘एक या दो कप’ कम कर सकते हैं, क्योंकि इसका आयात सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव डाल रहा है।

अहसान इकबाल ने कहा, “हम जो चाय आयात करते हैं, वह कर्ज लेकर आयात की जाती है।” उन्होंने यह भी कहा कि देश में बिजली बचाने के लिए व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को समय से पहले ही बंद करना चाहिए।

बता दें कि पाकिस्तान विश्व का सबसे बड़ा चाय आयातक देश है। ऑब्जर्वेटरी ऑफ इकोनॉमिक कॉम्प्लेक्सिटी के अनुसार, 22 करोड़ की जनसंख्या वाला पाकिस्तान साल 2020 में $640 मिलियन (5,001 करोड़ रुपए) से अधिक मूल्य का चाय का आयात किया था।

पाकिस्तान गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। वहाँ खाद्य, तेल, गैस से लेकर तमाम चीजों की कीमतों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। इस बीच विदेशी मुद्रा भंडार में भी तेजी से गिरावट दर्ज की गई है। वहाँ का विदेशी मुद्रा भंडार अब सिर्फ दो महीने के आयात के बराबर रह गया है।

रॉयटर्स के अनुसार, पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक के पास फरवरी के अंत में विदेशी मुद्रा भंडार $16.3 बिलियन (1274 अरब रुपए) से गिरकर मई में $10 बिलियन (781 अरब रुपए) रह गया है।

वहीं, पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने के लिए लोगों से कम चाय पीने की मंत्री इकबाल द्वारा की गई अपील का लोगों ने खूब उपहास उड़ाया। लोगों ने कहा कि चाय की खपत में कटौती करने से देश के आर्थिक संकट पर कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

CJP प्रदर्शन में पेलट गन से लाठीचार्ज तक सब ‘तानाशाही’ था, झारखंड में छात्रों पर वही कार्रवाई ‘सामान्य’: लेफ्ट-लिबरल पाखंड का पर्दाफाश

CJP प्रदर्शन में हिंसा और उपद्रव के खिलाफ कार्रवाई को 'तानाशाही' कहा गया, वहीं झारखंड वाले मामले में वामपंथी इसे 'सामान्य' बता रहे हैं।

‘इसे मार डालो-मार डालो’: महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में हिंदू युवक की लिंचिंग के बाद बिगड़ा माहौल, सिराज-सैयद-मुस्तकीम-युनूस गिरफ्तार; पढ़िए ऑपइंडिया को FIR में क्या...

अहिल्यानगर में हिंदू युवक पर मुस्लिमों ने हमला किया, 3 दिन बाद मौत। मीडिया रिपोर्ट्स में तिलक-कलावा का जिक्र है। जानें- FIR में क्या है।
- विज्ञापन -