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बांग्लादेश में बड़े कारोबारी और उसके हीरो बेटे की हत्या: बचने के लिए पिस्टल से गोली चलाई, भीड़ ने पीट-पीट कर मार डाला – शेख मुजीबुर रहमान पर भी बना चुके थे मूवी

सेलीम खान कई वर्षों से नौसैन्य सीमा में पद्मा-मेघना नदी से सैकड़ों ड्रेजरों की मदद से अवैध रूप से रेत निकाल रहे थे और करोड़ों टका जमा कर रहे थे।

बांग्लादेश में आरक्षण के खिलाफ शुरू हुआ आंदोलन सत्ता परिवर्तन की वजह बना। शेख हसीना को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देकर भारत में शरण लेनी पड़ी। वहाँ भीड़ ने कई हिन्दुओं की हत्याएँ कर दी हैं और मंदिरों पर भी हमले किए गए हैं। अब ‘लक्ष्मीपुर मॉडल यूनियन परिषद’ के अध्यक्ष सेलीम खान और उनके फिल्म स्टार बेटे शंतो खान को भीड़ ने मार डाला है। घटना सोमवार (5 अगस्त, 2024) के दोपहर की है। दोनों भीड़ से बचने के लिए चाँदपुर सदर उपजिला स्थित अपने आवास से भाग रहे थे, लेकिन भीड़ ने उन्हें पकड़ लिया।

बलिया यूनियन स्थित फोरक्काबाद बाजार में भीड़ ने उन्हें देख लिया और पहचान लिया। उन्होंने खुद को बचाने के लिए पिस्टल से गोलियाँ भी चलाई, लेकिन सब बेकार। वो किसी तरह आगे बढ़ कर बागरा बाजार तक पहुँचे, लेकिन वहाँ फिर से भीड़ ने उन्हें घेर लिया। वहाँ भीड़ ने उन्हें पीट-पीट कर मार डाला। बांग्लादेशी मीडिया के अनुसार, सेलीम खान कई वर्षों से नौसैन्य सीमा में पद्मा-मेघना नदी से सैकड़ों ड्रेजरों की मदद से अवैध रूप से रेत निकाल रहे थे और करोड़ों टका जमा कर रहे थे।

उन्हें इन गतिविधियों के कारण जेल भी हुई थी। बांग्लादेश के ‘एंटी-करप्शन कमीशन’ (ACC) में उनके खिलाफ अभी भी केस चल रहा है। चाँदपुर सदर मॉडल पुलिस स्टेशन के ऑफिस-इन-चार्ज (OIC) मोहम्मद शेख मोहसिन आलम ने कहा कि पुलिस को दोनों पिता-पुत्र की मौत के बारे में पता चला है, लेकिन घटना के दौरान उन्हें कोई सूचना नहीं मिली। पुलिस अधिकारी ने ये भी बताया कि जवान अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मौके पर नहीं गए। सेलीम खान ‘शापला मीडिया’ के भी संस्थापक हैं।

‘शापला मीडिया’ के बैनर तले कई फिल्मों का निर्माण भी हो कर चुके थे। इस कंपनी के ‘शहंशाह’ और ‘विद्रोही’ नामक फ़िल्में काफी लोकप्रिय हुई थीं। उन्हें शेख हसीना का करीबी माना जाता था, उन्होंने शेख हसीना के पिता और बांग्लादेश के संस्थापक मुजीबुर रहमान की बायोपिक फिल्म ‘बंग बंधु’ का निर्माण भी किया था। उन्होंने अपने बेटे को लॉन्च करने के लिए शेख मुजीबुर रहमान के बचपन पर आधारित फिल्म ‘तुंगी परार मियाँ भाई’ बनाई थी। अभिनेत्री कौशानी मुखोपाध्याय ने शंतो खान की मौत पर दुःख जताते हुए कहा कि उन्हें यकीन नहीं हो रहा है। कई अन्य बंगाली फिल्म हस्तियों ने दुःख जताया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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