Tuesday, October 26, 2021
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चर्च चलाता था सबसे बड़ा बोर्डिंग स्कूल: 215 आदिवासी बच्चों के मिले अवशेष, 4100+ की मौत का है रिकॉर्ड

"बच्चों को यहाँ शारीरिक शोषण, बलात्कार, कुपोषण व अन्य अत्याचारों से गुजरना होता था। इस आवासीय स्कूल में रहने के दौरान 4100 बच्चों की मौत हुई। लेकिन कनाडा के सबसे बड़े आवासीय स्कूल में दफनाए गए इन 215 बच्चों का रिकॉर्ड इस लिस्ट में शामिल नहीं किया गया।"

कनाडा के एक बंद पड़े बोर्डिंग स्कूल के परिसर में 215 आदिवासी बच्चों के अवशेष बरामद हुए हैं। इनमें से कुछ की उम्र तीन साल तक की बताई जा रही है। शुक्रवार (मई 28, 2021) को कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने इस संबंध में जानकारी देते हुए इसे हृदयविदारक बताया।

Tk’emlups te Secwepemc जनजाति ने बताया कि ब्रिटिश कोलंबिया में 1978 से बंद पड़े कमलूप्स इंडियन रेजीडेंशियल स्कूल (KIRS) में बच्चों के अवशेषों की बरामदगी हुई है। इन्हें रडार विशेषज्ञों की मदद से जमीन से निकाला गया। समुदाय के प्रमुख रोसने कासिमिर ने अपना एक बयान जारी कर कहा, “हमें समुदाय के बारे में एक जानकारी थी जिसे हम सत्यापित करने में सक्षम थे।” उन्होंने बताया कि इस समय हमारे पास उत्तर से अधिक प्रश्न हैं।

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने इस संबंध में ट्वीट कर कहा, “Kamloops Indian Residential School से जो खबर मिली, वह हृदय विदारक है। यह हमारे देश के इतिहास के उस काले और शर्मनाक अध्याय की दर्दनाक याद दिलाता है। मैं इस दुखद समाचार से प्रभावित सभी लोगों के बारे में सोच रहा हूँ। हम आपके लिए यहाँ हैं।”

ईसाइयत के उद्देश्य से चलाए जा रहे स्कूल के बारे में जानकारी

जानकारी के मुताबिक ईसाई चर्चों और कनैडियन सरकार द्वारा संचलित किया जाने वाले कनाडा आवासीय स्कूल तंत्र का KIRS सबसे बड़े बोर्डिंग स्कूलों में से एक था। इस स्कूल के बारे में मौजूद जानकारी बताती है कि यहाँ आदिवासी बच्चों को सभ्य बनाने के नाम पर ईसाइयत का पाठ पढ़ाया जाता था और उनकी भाषा व संस्कृति को नष्ट किया जाता था।

रिपोर्ट कहती हैं कि सन् 1883 से 1998 में यहाँ 1.5 लाख आदिवासी बच्चे अपने परिवारों से अलग करके इन स्कूलों में डाले गए। इसके बाद इन स्कूलों में सांस्कृतिक नरसंहार हुआ। ये सारे खुलासे Truth and Reconciliation Commission की 2015 की एक रिपोर्ट में होते हैं।

रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि बच्चों को यहाँ शारीरिक शोषण, बलात्कार, कुपोषण व अन्य अत्याचारों से गुजरना होता था। रिपोर्ट कहती है कि इस आवासीय स्कूल में रहने के दौरान 4100 बच्चों की मौत हुई। लेकिन कनाडा के सबसे बड़े आवासीय स्कूल में दफनाए गए इन 215 बच्चों का रिकॉर्ड इस लिस्ट में शामिल नहीं किया गया।

बता दें कि इससे पहले इस आवासीय स्कूल प्रणाली के लिए कनाडा की सरकार ने 2008 में माफी माँगी थी। वहीं इस संबंध में Tk’emlúps te Secwepemc Nation ने कहा कि वह उन लोगों से जुड़े है जिनके बच्चे इस में स्कूल गए थे। जाँच को लेकर उन्हें लग रहा है कि जून के मध्य तक प्रारंभिक निष्कर्ष मिलने की उम्मीद है।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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