Wednesday, September 22, 2021
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भारत सरकार की कार्रवाई से फिर बिलबिलाया चीन, वाणिज्य मंत्रालय ने दी नियम-शर्तों की दुहाई

चीनी वाणिज्‍य मंत्रालय ने एक बयान जारी करके भारत के इस फैसले पर विरोध जताया है। मंत्रालय ने कहा कि भारत का एप पर बैन लगाना चीनी निवेशकों और सर्विस प्रोवाइडरों के कानूनी हितों का उल्‍लंघन करता है। चीन इसको लेकर गंभीरतापूर्वक चिंतित है और पुरजोर विरोध करता है।

लद्दाख में भारत-चीन सेना के बीच चल रहा विवाद अब नया मोड़ ले चुका है। भारतीय सेना की कार्रवाई के बाद भारत सरकार ने भी चीन के ख़िलाफ़ एक्शन लेते हुए एक बार फिर 118 और चीनी एप्स को प्रतिबंधित कर दिया है। चीन इस फैसले से बौखला उठा है। उसने भारत सरकार के फैसले पर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, चीनी वाणिज्‍य मंत्रालय ने एक बयान जारी करके भारत के इस फैसले पर विरोध जताया है। मंत्रालय ने कहा कि भारत का एप पर बैन लगाना चीनी निवेशकों और सर्विस प्रोवाइडरों के कानूनी हितों का उल्‍लंघन करता है। चीन इसको लेकर गंभीरतापूर्वक चिंतित है और पुरजोर विरोध करता है।

याद दिला दें, इससे पहले भी सीमा विवाद के बाद जून में भारत ने टिकटॉक समेत 59 एप पर बैन लगाया था। जुलाई में भी चीन से जुड़े 47 मोबाइल एप प्रतिबंधित किए गए थे। कुल मिलाकर अब तक 224 मोबाइल एप पर भारत सरकार की ओर से कार्रवाई की जा चुकी है।

पिछली बार भी भारत सरकार की कार्रवाई पर चीन ने नाराज होकर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। चीनी दूतावास के प्रवक्ता जी रोंग ने चाइनीज एप पर प्रतिबंध को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि इस पर पूरी तरह से नजर रख रहा है और इस कार्रवाई का कड़ा विरोध जता रहा है।

रोंग ने कहा था कि भारत ने इन एप को बैन करने का जो तरीका अपनाया है वो भेदभावपूर्ण है। डब्ल्यूटीओ का हवाला देते हुए चीनी दूतावास ने बयान दिया था कि कुछ चीनी एप प्रतिबंधित करने के लिए जिस तरह से राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला दिया गया है, वो ठीक नहीं है और ये विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों का उल्लंघन भी है।

चीनी प्रवक्ता के अलावा चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने भारत में चीनी एप पर रोक के बारे में प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा था कि चीन भारत द्वारा जारी नोटिस से अत्यधिक चिंतित है और स्थिति की जाँच कर रहा है।

वहीं, चीन सरकार के अनाधिकारिक प्रवक्ता के रूप में काम करने वाले और भारत को समय-समय पर झूठी गीदड़ भभकी देने वाले अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने ट्वीट कर बताया था कि पिछले महीने लद्दाख में लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर हिंसक संघर्ष के बाद भारत सरकार की तरफ से चीन के 59 एप पर प्रतिबन्ध लगाने से TikTok की पैरंट कंपनी बाइटडांस को 6 अरब डॉलर (45,300 करोड़ रुपए) का बड़ा नुकसान हो सकता है।

बता दें कि बुधवार को जिन मोबाइल एप पर प्रतिबंध लगाया गया है, उनमें पबजी, पबजी लाइट समेत बायदू, बायदू एक्सप्रेस एडिशन, वीचैट रीडिंग, गवर्नमेंट वीचैट, टेनसेंट वेयुन, कट कट, शेयरसेवा बाइ शाओमी और कैमकार्ड जैसे एप शामिल हैं। जिनके यूजर्स भारत में बहुत तादाद में हैं। केवल पबजी की बात करें, तो इसके सबसे अधिक यूजर भारत में ही हैं। कुछ रिपोर्ट्स बताती हैं कि सिर्फ 2020 के पहले क्वॉर्टर में पबजी को 6 करोड़ लोगों को डाउनलोड किया था। इसके अलावा, मई में पबजी दुनिया का सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाला मोबाइल गेम बना था। उसे 22.6 करोड़ डॉलर यानी करीब 1700 करोड़ रुपए का राजस्व मिला था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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