Sunday, July 14, 2024
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मेडागास्कर में भव्य हिन्दू मंदिर का उद्घाटन, राजधानी एंटानानैरिवो का पहला हिन्दू मंदिर: 18वीं सदी में यहाँ पहुँचे थे भारतीय

इस दौरान मेडागास्कर और कोमरोस में भारत के राजदूत अभय कुमार भी मौजूद रहे। ये भी जानने लायक बात है कि ये मंदिर एंटानानैरिवो का पहला हिन्दू मंदिर है।

पूर्वी अफ्रीका में हिन्द महासागर में स्थित द्वीपीय देश मेडागास्कर की राजधानी एंटानानैरिवो में मंगलवार (26 जुलाई, 2022) को भव्य हिन्दू मंदिर का उद्घाटन हुआ है। 2.60 करोड़ की जनसंख्या वाला मेडागास्कर एक काफी बड़ा द्वीप है। भव्य मंदिर में कई हिन्दू देवी-देवताओं की प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा हुई। बड़ी संख्या में भक्त इस मौके का साक्षी बनने पहुँचे। भजन-कीर्तन के साथ-साथ भक्ति गाने भी बजे और आरती का आयोजन किया गया।

इस दौरान मेडागास्कर और कोमरोस में भारत के राजदूत अभय कुमार भी मौजूद रहे। ये भी जानने लायक बात है कि ये मंदिर एंटानानैरिवो का पहला हिन्दू मंदिर है। यहाँ के हिन्दू समाज को लंबे समय से इसकी प्रतीक्षा थी। काफी समय से इस मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा था। इस दौरान हिन्दू समाज के अध्यक्ष संजीव हेमतलाल ने कहा कि इस भव्य मंदिर का उद्घाटन होना मेडागास्कर के हिन्दू समाज के लिए बड़े ही गर्व का विषय है।

मेडागास्कर में 20,000 से भी अधिक भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जिनमें से अधिकतर गुजराती हैं। उनमें से अधिकतर हिन्दू धर्म को मानते हैं और उन्हें पहली बार वहाँ कोई मंदिर मिला है। हालाँकि, मेडागास्कर के अन्य शहरों, जैसे कि महाजंगा और अंतसीरानाना में कुछ छोटे-छोटे हिन्दू मंदिर हैं। देश में गुजराती समुदाय कई इलाकों में फैला हुआ है। नए भव्य मंदिर के बनने से वो एक-दूसरे से मिलेंगे, जिससे समाज के बीच बंधुत्व का विकास होगा।

इससे पहले नवरात्री 2020 के मौके पर एंटानानैरिवो में एक विशाल हिन्दू मंदिर कक्ष का उद्घाटन किया गया था। 18वीं सदी के अंत में भारतीय मेडागास्कर पहुँचने शुरू हुए थे, जिनमें गुजरातियों की संख्या ज्यादा थी। वो छोटे-छोटे नाव से आए थे, ताकि हिन्द महासागर की व्यापार व्यवस्था का हिस्सा बन सकें। उसके बाद से उन्होंने भारत एवं मेडागास्कर के व्यापार एवं वाणिज्य में अच्छा-खासा योगदान दिया है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2020-21 में 40 करोड़ डॉलर (3192 करोड़ रुपए) रहा था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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