Wednesday, July 28, 2021
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15 साल की लड़की से रेप, 13 साल वाली गर्भवती… फिर इनकी मानव तस्करी: ग्रूमिंग गैंग लीडर अब्दुल, आदिल खुला घूम रहे

"पीड़ितों के साथ बलात्कार बिना किसी खौफ के… निडर होकर, वीभत्स और हिंसक तरीके से किया गया।" - गैर मुस्लिम समुदाय की लड़कियों (13 से 16 साल) को प्यार के जाल में फँसा कर जगह-जगह ले जाकर रेप और अंत में मानव तस्करी... यही ग्रूमिंग गैंग का तरीका।

इंग्लैंड में रोशडेल चाइल्ड ग्रूमिंग गिरोह का सरगना कारी अब्दुल रऊफ सड़कों पर बेखौफ घूम रहा है। यह तब है, जबकि उसकी सजा के अनुसार उसे 6 साल बाद निर्वासित किया जाना था। दरअसल, 51 साल के कारी अब्दुल रऊफ को एक नाबालिग लड़की (15 वर्षीय) के साथ छेड़छाड़ और दुष्कर्म का दोषी पाए जाने पर 6 साल की जेल हुई थी।

डेली मेल में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में उसे खाने-पीने की चीजों की खरीदारी करते हुए देखा गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसे और उसके दोस्तों अब्दुल अजीज (50 वर्षीय), आदिल खान (51 वर्षीय) को भी निर्वासित किया जाना था, लेकिन अभी तक नहीं किया गया। तीनों के पास दोहरी नागरिकता है। ये सभी पाकिस्तान से ब्रिटेन चले गए थे, जहाँ उन्होंने ब्रिटेन की नागरिकता भी हासिल कर ली।

अब्दुल इन तीनों में सबसे घिनौना या पापी मानसिकता का था। वो खुद को ‘द मास्टर’ कहलाता था। जब उसने एक बच्चे के साथ जबरन सेक्स किया था, तब वो 3 बच्चों का बाप था। उसे एक बच्चे के साथ यौन संबंध बनाने के लिए और मानव तस्करी के लिए 9 साल की सजा सुनाई गई थी।

आदिल खान को ग्रूमिंग गैंग की साजिश और 13 साल की बच्ची की तस्करी के लिए 8 साल की सजा सुनाई गई थी। 13 साल की बच्ची की तस्करी इसलिए की जा रही था क्योंकि वो ग्रूमिंग गैंग का शिकार होकर गर्भवती हो गई थी।

मई 2012 में लिवरपूल क्राउन कोर्ट के जज के शब्द पढ़िए। पढ़िए और समझिए कि इस्लामी कट्टरपंथी लोगों ने इंग्लैंड में ग्रूमिंग गैंग बना कर क्या कहर ढाया था छोटी बच्चियों पर! जज गेराल्ड क्लिफ्टन ने कहा था:

“पीड़ितों के साथ बलात्कार बिना किसी खौफ के… निडर होकर, वीभत्स और हिंसक तरीके से किया गया।”

13 से लेकर 16 साल की लड़कियाँ बनीं शिकार

पिछले साल यूनाइटेड किंगडम के वेस्ट यॉर्कशायर (West Yorkshire) पुलिस ने 32 लोगों पर 8 नाबालिग लड़कियों के साथ यौन अपराधों के 150 मामले दर्ज किए थे। बताया जाता है कि ग्रूमिंग जिहाद यूके के भीतर सबसे बड़ा आपराधिक प्रकरण बनकर उभरा है। यहाँ मुस्लिम युवक श्वेत लड़कियों का यौन उत्पीड़न और उनकी ग्रूमिंग करते हैं।

इन आपराधिक वारदातों को किरक्लीस (Kirklees), ब्रैडफोर्ड (Bradford) और वेकफील्ड (Wakefield) में 1999 से 2012 के दौरान 13 से लेकर 16 साल की पीड़िताओं के साथ अंजाम दिया गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक तमाम पीड़िताओं को वयस्क होने के बाद भी जघन्य अपराधों का शिकार होना पड़ा था। इन वारदातों के ज़्यादातर आरोपित बैटले और ड्यूसबेरी (Batley and Dewsbury) क्षेत्र के निवासी हैं।

2018-19 में इंग्लैंड में 19000 बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न

डेली मेल ने आधिकारिक आँकड़ें पेश करते हुए अनुमान लगाया था कि 2019 में इंग्लैंड में लगभग 19,000 नाबालिगों के साथ यौन ग्रूमिंग (sexual grooming) की वारदात को अंजाम दिया गया था। इंग्लैंड में स्थानीय प्रशासन ने 2018-19 में कुल 18,700 पीड़ितों की पहचान की थी, जिनकी संख्या पाँच साल पहले 3300 थी।

पिछले 40 साल में ब्रिटेन में कम से कम 5 लाख गैर-मुस्लिम (काफिर) लड़कियों के साथ समुदाय विशेष के लोगों ने रेप किया है। रेप पीड़िता डॉ. एला हिल ने ‘Triggernometry’ को दिए एक इंटरव्यू में इसका खुलासा किया था।

20 साल पहले की डरावनी कहानी को याद करते हुए हिल ने बताया कि उन्हें उनके पाकिस्तानी मुस्लिम ब्वॉयफ्रेंड ने निशाना बनाया था। उसका रिश्ता जल्द ही मजहबी रूप में तब्दील हो गया। पाकिस्तानी मुस्लिम ब्वॉयफ्रेंड ने रॉदरहैम, शेफ़ील्ड और ब्रैडफोर्ड के आसपास अलग-अलग फ्लैटों में ले जाकर उनके साथ रेप किया और उन्हें यातनाएँ दी थी।

महिला ने बताया कि उसने उन्हें इतनी गहरी चोट दी थी कि उससे उबरने में लगभग 1 साल लग गए थे। ब्वॉयफ्रेंड ने हिल के माता-पिता को जान से मारने की धमकी दी थी, जिसकी वजह से वह चुपचाप सब कुछ सहन करती रहीं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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