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‘मुस्लिमों ने 40 साल में कम से कम 5 लाख काफिरों के साथ बलात्कार किया’: ब्रिटेन में ग्रूमिंग गैंग का आतंक

यह पूरे ब्रिटेन में फैला हुआ है। बहुत कम ऐसे शहर हैं, जहाँ पर गैंग स्कैंडल नहीं है। हिल ने बताया कि पिछले 40 वर्षों में अकेले ब्रिटेन में जिन करीब 5 लाख लड़कियों का बलात्कार किया गया, उनमें से अधिकतर गोरे हैं और उन्हें शिकार बनाने वाले मुख्य रूप से एशियाई मुस्लिम हैं।

पिछले 40 साल में ब्रिटेन में कम से कम 5 लाख गैर-मुस्लिम (काफिर) लड़कियों के साथ समुदाय विशेष के लोगों ने रेप किया है। रेप पीड़िता डॉ. एला हिल ने ‘Triggernometry’ को दिए एक इंटरव्यू में इसका खुलासा किया।

20 साल पहले की डरावनी कहानी को याद करते हुए हिल ने बताया कि उन्हें उनके पाकिस्तानी मुस्लिम ब्वॉयफ्रेंड ने निशाना बनाया था। उसका रिश्ता जल्द ही एक नियंत्रित, जुनूनी और मजहबी रूप में तब्दील हो गया। पाकिस्तानी मुस्लिम ब्वॉयफ्रेंड ने रॉदरहैम, शेफ़ील्ड और ब्रैडफोर्ड के आसपास अलग-अलग फ्लैटों में ले जाकर उनके साथ रेप किया और यातनाएँ दीं।

उसने उन्हें इतनी गहरी चोट दी थी कि उससे उबरने में लगभग 1 साल लग गए। ब्वॉयफ्रेंड ने हिल के माता-पिता को जान से मारने की धमकी दी थी, जिसकी वजह से वह चुपचाप सब कुछ सहन करती रहीं।

हिल बताती है कि जब उन्होंने वहाँ से भागने की कोशिश की तो उसने उनका पीछा किया और जबरन उनके घर में घुस गया। पाकिस्तानी शख्स ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर ‘ऑनर किलिंग’ को अंजाम देने की कोशिश की लेकिन हिल बच गई। मगर उन्हें काफी चोटें आईं थीं, जिसकी वजह से उन्हें एक हफ्ते तक अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। इसके बाद पुलिस ने पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग से उनके बचने का एकमात्र तरीका उनका नाम बदलकर कहीं और शिफ्ट हो जाना बताया। उनके पैरेंट्स ने ऐसा ही किया और इसी वजह से आज वो जीवित हैं।

डॉ. हिल ने बताया कि ग्रूमिंग ग्रुप जातीय और धार्मिक आधार पर रेप की वारदात को अंजाम देते हैं। उन्होंने खुलासा किया कि ग्रूमिंग ग्रुप मुख्य रूप से कम उम्र की लड़कियों को निशाना बनाता है, लेकिन युवा और वृद्ध महिलाओं को भी अपना शिकार बनाते हैं।

यह पूरे ब्रिटेन में फैला हुआ है। बहुत कम ऐसे शहर हैं, जहाँ पर गैंग स्कैंडल नहीं है। उन्होंने बताया कि पिछले 40 वर्षों में अकेले ब्रिटेन में जिन करीब 5 लाख लड़कियों का बलात्कार किया गया, उनमें से अधिकतर गोरे हैं और उन्हें शिकार बनाने वाले मुख्य रूप से एशियाई मुस्लिम हैं।

हिल ने कहा, “इसका बहुत कुछ नस्ल और धर्म से लेना-देना है। बहुत से लोग इस बारे में बात करना पसंद नहीं करते हैं या वे इसके बारे में सुनना पसंद नहीं करते हैं।” उन्होंने बताया कि जब उन्हें पीटा जाता था, तो ह्वाइट स्लैग, गोरी वेश्या और अन्य भद्दी-भद्दी चीजें कहकर संबोधित किया जाता था। हिल ने बताया कि उनकी गोरी त्वचा हमेशा समुदाय विशेष के अपराधी के दिमाग में थी।

हिल ने बताया कि उनकी यातना अच्छे मुस्लिम और गैर मुस्लिम के विचारों से प्रेरित था। उन्होंने कहा कि भले ही वह एक धर्मनिष्ठ ईसाई थी, फिर भी उसके मुस्लिम अपराधी का मानना था कि उसके साथ बलात्कार जायज है, क्योंकि वह सिर से पैर तक पूरी तरह से ढँकी नहीं थी।

हिल ने आगे कहा, “अगर कोई गोरी लड़की समुदाय विशेष के शख्स की आँखों में देखती है तो इसका मतलब है कि वह उसके साथ सेक्स करना चाहती है।” उन्होंने बताया कि वो पुलिस के पास भी 5 बार गई, मगर पुलिस ने कहा कि वो कुछ नहीं कर सकते।

आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, पिछले साल इंग्लैंड में लगभग 19,000 नाबालिगों का यौन शोषण किया गया था। नवीनतम आँकड़ों में पिछले 5 वर्षों में चाइल्ड ग्रूमिंग पीड़ितों की संख्या में तेज वृद्धि देखी गई।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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