Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयISI एजेंट्स ने किया बाइक से भारतीय राजनयिक का पीछा: पाक ने घर के...

ISI एजेंट्स ने किया बाइक से भारतीय राजनयिक का पीछा: पाक ने घर के बाहर तैनात किए लोग, वीडियो वायरल

कुछ ही दिन पहले नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के दो कर्मचारियों को भारतीय सेना की जासूसी करते हुए पकड़ा गया, जिसके बाद उन्हें वापस पाकिस्तान भेज दिया गया था। पाकिस्तान अपनी इस खुन्नस में किसी न किसी बहाने भारतीय उच्चायोग के अफसरों को परेशान कर रहा है।

पाकिस्तान के इस्लामाबाद में तैनात शीर्ष भारतीय राजनयिक गौरव अहलूवालिया को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के जरिए परेशान किए जाने का मामला सामने आया है।

भारतीय प्रभारी गौरव अहलूवालिया की कार का पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के एक सदस्य ने मोटरसाइकिल से पीछा किया है, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, ISI ने गौरव अहलूवालिया का उत्पीड़न करने और उन पर नजर रखने के लिए उनके घर के बाहर कई कारों और बाइकों का जमावड़ा लगा रखा है। इसमें बैठे ISI के जासूस हर वक्त भारतीय राजनयिक पर नजर रख रहे हैं।

भारत ने इस पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है और पाकिस्तान से जाँच की माँग की है।

यह मामला जून 02, 2020 का है, जब पाकिस्तान में भारत के डिप्टी चीफ गौरव अहलूवालिया से बदसलूकी की गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, जब अहलूवालिया अपने घर से बाहर निकल रहे थे, तभी वहाँ ISI के लोग कार और बाइक के साथ खड़े थे और बाद में उनका पीछा भी करने लगे। भारतीय राजनयिकों को परेशान करने का आईएसआई का ये पुराना पैंतरा है।

भारत ने गत मार्च माह में ही उत्पीड़न की 13 घटनाओं के बारे में बताया और पाकिस्तान से कहा कि इस तरह की घटनाएँ बंद हो और मामले की जाँच की जाए। भारत ने पाकिस्तान के अथॉरिटीज से कहा था कि वे फौरन इन मामलों की जाँच करे और संबंधित एजेंसियों को यह निर्देश दे कि दोबारा ऐसी घटनाएँ न हों।

इसमें आगे कहा गया कि ऐसी उत्पीड़न की घटनाएँ स्पष्ट तौर पर विएना कन्वेंशन ऑन डिप्लोमेटिक रिलेशंस ऑफ 1961 का उल्लंघन है और भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों, स्टाफ सदस्य और उनके परिवारों की सुरक्षा की जिम्मेदारी पाकिस्तान सरकार की है।

जासूसी करते पकड़े गए पाकिस्तानी उच्चायोग के अफसर

उल्लेखनीय है कि कुछ ही दिन पहले नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के दो कर्मचारियों को भारतीय सेना की जासूसी करते हुए पकड़ा गया, जिसके बाद उन्हें वापस पाकिस्तान भेज दिया गया था। पाकिस्तान अपनी इस खुन्नस में किसी न किसी बहाने भारतीय उच्चायोग के अफसरों को परेशान कर रहा है। 

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -