Wednesday, September 28, 2022
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयमस्जिद में था मजहबी कार्यक्रम, हिस्सा लेने गए 16000 लोग, लौटे तो 243 लोग...

मस्जिद में था मजहबी कार्यक्रम, हिस्सा लेने गए 16000 लोग, लौटे तो 243 लोग हुए कोरोना वायरस से संक्रमित

मलेशिया में 190 नए संक्रमित मामले सामने आए हैं। इनमें सबसे अधिक संक्रमण तब्लीगी इज्तेमा से जुड़े हुए समुदाय में हुआ। यहाँ मस्जिद में एक इस्लामिक कार्यक्रम था, जिसमें कई देशों के 16,000 से अधिक लोग शामिल हुए थे।

कोरोना के कहर से मलेशिया भी अछूता नहीं रहा है। मलेशिया में रविवार (मार्च 15, 2020) को 190 नए संक्रमित मामले सामने आए हैं। इनमें सबसे अधिक संक्रमण तब्लीगी इज्तेमा से जुड़े हुए समुदाय में हुआ। यह मस्जिद में एक इस्लामिक कार्यक्रम था, जिसमें कई देशों के 16,000 से अधिक लोग शामिल हुए थे। बता दें कि इज्तेमा इस समुदाय की एक धर्मसभा है, जो तब्लीगी जमात का एक अनिवार्य हिस्सा है। अक्सर समुदाय की ताकत दिखाने के लिए इस तरह का 3 दिन का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। 

जानकारी के मुताबिक मस्जिद से आने के बाद 243 लोगों को कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया। इसमें से 9 लोगों को गंभीर रूप से बीमार माना जा रहा है। उन्हें निगरानी में रखा गया है। मलेशिया के स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि इस्लामिक इवेंट में शामिल होने वाले सभी प्रतिभागियों और उनके करीबियों को 14 दिनों के लिए अनिवार्य रूप से आइसोलेसन वार्ड में रखा जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मलेशिया में कुल 428 संक्रमित मामले सामने आ चुके हैं। मलेशियाई स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि 27 फरवरी से 1 मार्च के बीच कुआलालंपुर की एक मस्जिद में आयोजित धार्मिक सभा में लगभग 16,000 लोग शामिल हुए। प्रतिभागियों में से लगभग 14,500 लोग मलेशियाई हैं।

तब्लीग समूह ने कुआलालंपुर के बाहरी इलाके में मस्जिद जमीक श्री पेटालिंग में एक विशाल सभा आयोजित की गई थी, जिसमें हजारों लोग शामिल थे। इसकी वजह से घातक कोरोना वायरस का काफी प्रसार हुआ। प्रधान मंत्री मुहीदीन यासिन ने शुक्रवार को कहा कि देश संक्रमणों की ‘सेकेंड वेब’ का सामना कर रहा था। इसके साथ ही उन्होंने आर्थिक विकास पर इसके प्रभाव की चेतावनी भी दी।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को कहा कि पड़ोसी ब्रुनेई में कुल 50 मामलों में से 45 धार्मिक सभा से जुड़े हुए थे। सिंगापुर ने भी इस कार्यक्रम से जुड़े कुछ संक्रमण मामलों की पुष्टि की। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि ब्रूनियन और विदेशी निवासियों को कोरोनावायरस के प्रकोप के कारण देश छोड़ने पर रोक है।

बता दें कि घातक कोरोना वायरस की वजह से अब तक 6,000 से अधिक लोगों की जानें जा चुकी है और दुनिया भर में अब तक इसके संक्रमण के 1,59,0000 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। कोरोना वायरस बीमारी (COVID-19) का प्रकोप सबसे पहले चीन के वुहान से 31 दिसंबर 2019 को हुआ था।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

लोगों में डर पैदा करने के लिए RSS कार्यकर्ता से लेकर हिंदू नेता तक हत्या: मर्डर से पहले PFI-SDPI के लोग रचते थे साजिश,...

देश के लोगों द्वारा लंबे समय से जिस चीज की माँग की जा रही थी, अंतत: केंद्र की मोदी सरकार ने PFI पर प्रतिबंध लगाकर उसे पूरा कर दिया।

‘मन की अयोध्या तब तक सूनी, जब तक राम न आए’: PM मोदी ने याद किया लता दीदी का भजन, अयोध्या के भव्य ‘लता...

पीएम मोदी ने बताया कि जब अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए भूमिपूजन संपन्न हुआ था, तो उनके पास लता दीदी का फोन आया था, वो काफी खुश थीं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
224,793FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe