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मेक्सिको में भी विराजे प्रभु श्रीराम, खुला पहला मंदिर: अमेरिकी पुजारियों ने कराई प्राण-प्रतिष्ठा, भारत से गई मूर्ति की होगी पूजा

अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह से ठीक पहले 21 जनवरी 2024 को मेक्सिको को अपना पहला भगवान राम का मंदिर मिल गया। मंदिर को आधिकारिक तौर पर अमेरिकी पुजारियों ने 'प्राण प्रतिष्ठा' समारोह के बाद खोला। इस मंदिर में रखी गई मूर्तियों को भारत से मँगाया गया है।

अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह से ठीक पहले रविवार (21 जनवरी 2024) को मेक्सिको को अपना पहला भगवान राम का मंदिर मिल गया। मंदिर को आधिकारिक तौर पर अमेरिकी पुजारियों ने ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह के बाद खोला। इस मंदिर में रखी गई मूर्तियों को भारत से मँगाया गया है।

मेक्सिको के भीतर ये राम मंदिर क्वेरेटारो शहर में खुला है। भारतीय प्रवासियों द्वारा गाए गए भजनों और गीतों के बीच आयोजित भगवान का अभिषेक समारोह, मैक्सिकन मेजबानों के साथ एक अमेरिकी पुजारी द्वारा किया गया, बाद में मंदिर का उद्घाटन किया गया और इसके द्वारा को भक्तों के लिए खोल दिया गया।

भारतीय दूतावास ने दी जानकारी

मेक्सिको स्थित भारतीय दूतावास ने इस बात की जानकारी दी। इस पोस्ट में लिखा, “अयोध्या में ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह की पूर्व संध्या पर, मेक्सिको के क्वेरेटारो शहर को पहला भगवान राम मंदिर मिला। मेक्सिको में हनुमान जी का पहला मंदिर भी क्वेरेटारो में ही स्थित है। ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह एक अमेरिकी पुजारी द्वारा मैक्सिकन मेजबानों और भारत से लाई गई मूर्तियों के साथ किया गया था। पूरे हॉल में प्रवासी भारतीयों द्वारा गाए गए भजनों और गीतों की गूँज से वातावरण दिव्य ऊर्जा से भर गया।”

अयोध्या में आए राम

बता दें कि सोमवार (22 जनवरी 2024) को अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत की उपस्थिति में यह अनुष्ठान पूरा हुआ। इस मौके पर खुद को धन्य बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर को भारतीय चेतना का मंदिर बताया।

अयोध्या में पीएम मोदी ने कहा, “हमारे राम आ गए। सदियों की प्रतीक्षा के बाद हमारे राम आ गए। सदियों के त्याग और तपस्या के बाद हमारे प्रभु राम आ गए हैं।” वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज आत्मा इस बात से प्रफुल्लित है कि मंदिर वहीं बना है, जहाँ बनाने का संकल्प लिया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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