Sunday, October 17, 2021
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जब नर्स ही बन जाए हत्यारा: 300 मरीज़ों को मौत के घाट उतारने वाला शख़्स

क्रिश्चियन मारबैक (जिनके दादा होगेल के शिकार थे) ने कहा, "अगर यह संभव है कि जर्मनी में 15 वर्षों में 300 से अधिक मौतों का राज़ कालीन के नीचे दफ़्न है, तो और क्या संभव होना बाक़ी है?"

जर्मनी में डेलमेनहॉर्स्ट अस्पताल के आईसीयू में नील्स होगेल नामक एक नर्स रेफरेंस लेटर के साथ पहुँचा। इस पत्र में उसकी ‘कर्तव्यनिष्ठा’ से संबंधित ब्यौरा दर्ज था। वह पहले ओल्डेनबर्ग के अस्पताल में काम करता था। ओल्डेनबर्ग के अधिकारियों द्वारा पत्र में ऐसा कोई संकेत नहीं दिया गया था कि नर्स, नील्स होगेल की ड्यूटी के दौरान अस्पताल में कितने मरीज़ों की मौत हुई थी।

इसके अलावा इस बात का भी उल्लेख नहीं था कि जब वो वहाँ कार्यरत था, तो अधिकारियों ने उसे रोगियों से सम्पर्क करने तक से रोक दिया था। काफ़ी समय बाद इस बात पर ग़ौर किया गया कि होगेल की देखरेख में चार महीनों के भीतर, एक मरीज़, ब्रिजिट ए की मृत्यु हो गई। इसके बाद हान्स एस, क्रिस्टोफ के और जोसेफ जेड की भी मृत्यु हो गई। जर्मनी के इतिहास में 42 साल के होगेल की पहचान आज सीरियल किलर के रूप में दर्ज़ हो गई है। अधिकारियों को संदेह है कि 2000 के बाद के वर्षों में क़रीब 300 मरीज़ उसके हाथों मौत के घाट उतारे जा चुके हैं।

बहरहाल, अधिकारियों को इस बात की पुष्टि करने के लिए लगभग एक दशक से अधिक समय लगा। होगेल ने 43 लोगों की हत्या करने की बात तो स्वीकार कर ली है, साथ ही अन्य 52 लोगों को मारने से भी इनकार नहीं किया। लेकिन, अन्य पाँच लोगों को मारने से इनकार किया है।

क्रिश्चियन मारबैक (जिनके दादा होगेल के शिकार थे) ने कहा, “अगर यह संभव है कि जर्मनी में 15 वर्षों में 300 से अधिक मौतों का राज़ कालीन के नीचे दफ़्न है, तो और क्या संभव होना बाक़ी है?”

फ्रैंक लाक्सटरमैन, जिन्होंने होगेल के साथ काम किया है उनका कहा कि होगेल ने दो रोगियों की हत्या करने के अलावा और चार अन्य की भी हत्याएँ की थी। 2006 के बाद से उनका यह तीसरा परीक्षण था। इस बार, उनके ऊपर 100 अन्य मरीज़ों की हत्या का आरोप है।

न्यायाधीश ने होगेल के पूर्व सहयोगियों में से आठ की भी जाँच करने का आदेश दिया है क्योंकि इसका संदेह है कि उन्होंने अदालत में झूठ बोला था। अस्पताल के अधिकारियों द्वारा स्पष्ट लापरवाही के ख़ुलासे से पहले ही अन्य आपराधिक जाँच शुरू हो चुकी है। डेलमेनहॉर्स्ट अस्पताल के दो डॉक्टरों और दो हेड नर्सों पर हत्या का आरोप लगाया गया था। जून में उनके मामले में फैसला आने के बाद वो शायद होगेल के मुकदमे में अपनी गवाही दे सकते हैं।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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