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करतारपुर गुरुद्वारे की जिम्मेदारी पहुँची ISI के हाथ: नई संस्था में नहीं है एक भी सिख, भारत ने किया विरोध

पाकिस्तान की इमरान सरकार ने करतारपुर के रख रखाव की जिम्मेदारी सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से छीनकर जिस प्रोजेक्ट मैनेजमेंट ईकाई को सौंपी है, उसकी अगुवाई मो तारिक खान करेंगे और उसके सभी सदस्य ETPB से जुड़े हुए हैं। इसे लेकर कहा जाता है कि इस बोर्ड को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई कंट्रोल करती है।

पाकिस्तान की इमरान सरकार ने पिछले साल करतारपुर गुरुद्वारे के मुद्दे को खूब भुनाया था। अब इसी मामले पर उनकी नई चाल सामने आई है। सिखों की आस्था के प्रतीक करतारपुर गुरुद्वारे के प्रबंधन का काम काज इमरान सरकार ने एक ऐसी संस्था को सौंपा है जिसका दूर-दूर तक सिख समुदाय से लेना-देना नहीं है बल्कि उसके तार आईएसआई से जुड़े बताए जा रहे हैं।

आजतक की खबर के अनुसार, पाकिस्तान की इमरान सरकार ने करतारपुर के रख रखाव की जिम्मेदारी सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से छीनकर जिस प्रोजेक्ट मैनेजमेंट ईकाई को सौंपी है, उसकी अगुवाई मो तारिक खान करेंगे और उसके सभी सदस्य Evacuee Trust Property Board (ETPB) से जुड़े हुए हैं। इसे लेकर कहा जाता है कि इस बोर्ड को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई कंट्रोल करती है। इस नई नई संस्था में एक भी सिख नहीं है।

पाकिस्तान द्वारा जारी आदेश

खबर है कि करतारपुर गुरुद्वारे के जरिए पाकिस्तान व्यापार का प्लान बना रहा है। अपने आदेश में उन्होंने प्रोजेक्ट बिजनेस का भी जिक्र किया है। इस खबर के सामने आने के बाद इसका जगह-जगह विरोध हो रहा है। भारत ने इस पर आपत्ति व्यक्त करते हुए अपना बयान जारी किया है।

भारत के विदेश मंत्रालय ने लिखा, ”हमने उन रिपोर्टों को देखा जिनके मुताबिक पाकिस्तान ने पवित्र गुरुद्वारा करतारपुर साहिब का प्रबंधन एवं देखरेख का कार्य अल्पसंख्यक सिख समुदाय की संस्था पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से लेकर एक गैर सिख संस्था इवेक्वी ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड के हाथों दिया जा रहा है।”

आगे बयान में लिखा गया, “पाकिस्तान का यह एकतरफा निर्णय निंदनीय है और करतारपुर साहिब कॉरीडोर खोले जाने की भावना और सिख समुदाय के धार्मिक ख्यालों के विरुद्ध है। ऐसे कदम पाकिस्तानी सरकार और धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों एवं कल्याण के लंबे चौड़े दावों की असलियत उजागर करते हैं।”

भारत के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान को कहा है कि वह सिख समुदाय के अधिकारों के हनन करने वाले इस फैसले को वापस ले लें। गुरुद्वारे के प्रबंधंन संबंधी मामलों का प्रबंध करने का अधिकार केवल सिख समुदाय का है।

इसी प्रकार दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान कैबिनेट ने गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के प्रबंधन का जिम्मा पाकिस्तान गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से छीन कर गैर-सिख निकाय ईटीपीबी को सौंपा है। पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई का संगठन ईटीपीबी ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब का नियंत्रण करेगा।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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