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इमरान खान की सत्ता मुश्किल में: जुमे की नमाज के बाद बज सकती है खतरे की घंटी, लाखों पहुँचे इस्लामाबाद

इमरान खान को पाकिस्तान की सत्ता संभाले सिर्फ 14 महीने हुए हैं और उनको सत्ता से हटाने के लिए पाकिस्तान की विपक्षी पार्टियों के साथ आम आवाम सड़कों पर उतर आई है। बेरोजगारी, गरीबी, महँगाई ने पाकिस्तान की आवाम को सड़क पर ला खड़ा किया है।

पाकिस्तान में इमरान सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। पाकिस्तान में तख्ता पलट की आशंका बढ़ती जा रही है और आज का जुमा इमरान के लिए बुरी खबर लेकर आ सकता है। दरअसल, इमरान खान का इस्तीफा माँगने के लिए आजादी मार्च आज इस्लामाबाद पहुँच चुका है। इसकी अगुवाई पाकिस्तान के सबसे बड़े धार्मिक गुट जमीयत-उल-इस्लाम पाकिस्तान के प्रमुख फजलुर्रहमान कर रहे हैं।

बता दें कि फजलुर्रहमान की अगुवाई में पाकिस्तान के कराची समेत सभी बड़े शहरों से 27 अक्टूबर को आजादी मार्च की शुरुआत हुई, जिसका पिछले 5 दिनों में पाकिस्तान में बड़ा असर देखने को मिला। अलग अलग शहरों से लोग इस आजादी मार्च में शामिल होकर इस्लामाबाद की ओर कूच करने लगे।

मौलाना फजलुर्रहमान के नेतृत्व में सरकार विरोधी आजादी मार्च गुरुवार (अक्टूबर 31, 2019) को राजधानी इस्लामाबाद पहुँचा। यहाँ शुक्रवार (नवंबर 1, 2019) की नमाज के बाद एक रैली होगी। यह रैली पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ गुरुवार को होने वाली थी, लेकिन लाहौर ट्रेन हादसे के कारण एक दिन के लिए टाल दी गई थी। अब यह रैली शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद होगी।

बता दें कि इमरान खान को पाकिस्तान की सत्ता संभाले सिर्फ 14 महीने हुए हैं और उनको सत्ता से हटाने के लिए पाकिस्तान की विपक्षी पार्टियों के साथ आम आवाम सड़कों पर उतर आई है। बेरोजगारी, गरीबी, महँगाई ने पाकिस्तान की आवाम को सड़क पर ला खड़ा किया है। पाकिस्तान में अब इमरान की विदाई के नारे लग रहे हैं।

इस मार्च में कई विपक्षी पार्टियाँ हिस्सा ले रही हैं। जिसमें पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज (पीएमएल-एन), पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी और अवामी नेशनल पार्टी शामिल हैं। इनकी माँग है कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान अपना इस्तीफा दें क्योंकि वह इस पद पर बने रहने के लायक नहीं है। 

मौलाना फजलुर्रहमान ने इमरान पर 2018 के आम चुनाव जीतने के लिए धांधली का आरोप लगाया है और इस्तीफे की माँग कर रहे हैं। रहमान ने इमरान खान पर आर्थिक कुप्रबंधन, अक्षमता और खराब शासन के चलते आम लोगों की जिंदगी को कठिनाईयों से भरा बनाने का भी आरोप लगाया है। जेयूआई-एफ के वरिष्ठ नेता अकरम दुर्रानी ने कहा कि इस्लामाबाद की रैली अब जुमे की नमाज के बाद शुरू होगी और विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेता रैली को संबोधित करेंगे।

इसके साथ ही इमरान खान को सेना की कठपुतली भी कहा जा रहा है, जिसे खुद सेना ने गद्दी पर बैठाया है। मौलाना फजलुर्रहमान का मानना है कि पीएम इमरान खान आर्थिक मामलों में काफी पीछे हैं और उनमें शासन चलाने की काबिलियत नहीं है। इस आजादी मार्च के कारण इमरान खान पर दबाव बढ़ता जा रहा है।

गौरतलब है कि शुक्रवार (25 अक्टूबर) को मौलाना ने कहा था कि उनकी पार्टी की केंद्रीय समिति के सदस्यों और प्रांतीय नेताओं के घरों पर देश भर में छापेमारी की जा रही है। उन्होंने कहा था, “यदि बैरिकेड्स और अन्य व्यवधानों के साथ हमारे मार्ग पर बाधाएँ उत्पन्न करने का प्रयास किया गया, तो इससे टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है। चाहे एक महीने के लिए ही राष्ट्रीय राजमार्गो को बंद क्यों ना कर दिया जाए, इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता, हम इस्लामाबाद जाएँगे।” उनका कहना था कि इमरान ख़ान झूठ के सहारे पाकिस्तान में सत्ता में आए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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