Saturday, May 15, 2021
Home रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय इमरान खान की सत्ता मुश्किल में: जुमे की नमाज के बाद बज सकती है...

इमरान खान की सत्ता मुश्किल में: जुमे की नमाज के बाद बज सकती है खतरे की घंटी, लाखों पहुँचे इस्लामाबाद

इमरान खान को पाकिस्तान की सत्ता संभाले सिर्फ 14 महीने हुए हैं और उनको सत्ता से हटाने के लिए पाकिस्तान की विपक्षी पार्टियों के साथ आम आवाम सड़कों पर उतर आई है। बेरोजगारी, गरीबी, महँगाई ने पाकिस्तान की आवाम को सड़क पर ला खड़ा किया है।

पाकिस्तान में इमरान सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। पाकिस्तान में तख्ता पलट की आशंका बढ़ती जा रही है और आज का जुमा इमरान के लिए बुरी खबर लेकर आ सकता है। दरअसल, इमरान खान का इस्तीफा माँगने के लिए आजादी मार्च आज इस्लामाबाद पहुँच चुका है। इसकी अगुवाई पाकिस्तान के सबसे बड़े धार्मिक गुट जमीयत-उल-इस्लाम पाकिस्तान के प्रमुख फजलुर्रहमान कर रहे हैं।

बता दें कि फजलुर्रहमान की अगुवाई में पाकिस्तान के कराची समेत सभी बड़े शहरों से 27 अक्टूबर को आजादी मार्च की शुरुआत हुई, जिसका पिछले 5 दिनों में पाकिस्तान में बड़ा असर देखने को मिला। अलग अलग शहरों से लोग इस आजादी मार्च में शामिल होकर इस्लामाबाद की ओर कूच करने लगे।

मौलाना फजलुर्रहमान के नेतृत्व में सरकार विरोधी आजादी मार्च गुरुवार (अक्टूबर 31, 2019) को राजधानी इस्लामाबाद पहुँचा। यहाँ शुक्रवार (नवंबर 1, 2019) की नमाज के बाद एक रैली होगी। यह रैली पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ गुरुवार को होने वाली थी, लेकिन लाहौर ट्रेन हादसे के कारण एक दिन के लिए टाल दी गई थी। अब यह रैली शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद होगी।

बता दें कि इमरान खान को पाकिस्तान की सत्ता संभाले सिर्फ 14 महीने हुए हैं और उनको सत्ता से हटाने के लिए पाकिस्तान की विपक्षी पार्टियों के साथ आम आवाम सड़कों पर उतर आई है। बेरोजगारी, गरीबी, महँगाई ने पाकिस्तान की आवाम को सड़क पर ला खड़ा किया है। पाकिस्तान में अब इमरान की विदाई के नारे लग रहे हैं।

इस मार्च में कई विपक्षी पार्टियाँ हिस्सा ले रही हैं। जिसमें पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज (पीएमएल-एन), पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी और अवामी नेशनल पार्टी शामिल हैं। इनकी माँग है कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान अपना इस्तीफा दें क्योंकि वह इस पद पर बने रहने के लायक नहीं है। 

मौलाना फजलुर्रहमान ने इमरान पर 2018 के आम चुनाव जीतने के लिए धांधली का आरोप लगाया है और इस्तीफे की माँग कर रहे हैं। रहमान ने इमरान खान पर आर्थिक कुप्रबंधन, अक्षमता और खराब शासन के चलते आम लोगों की जिंदगी को कठिनाईयों से भरा बनाने का भी आरोप लगाया है। जेयूआई-एफ के वरिष्ठ नेता अकरम दुर्रानी ने कहा कि इस्लामाबाद की रैली अब जुमे की नमाज के बाद शुरू होगी और विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेता रैली को संबोधित करेंगे।

इसके साथ ही इमरान खान को सेना की कठपुतली भी कहा जा रहा है, जिसे खुद सेना ने गद्दी पर बैठाया है। मौलाना फजलुर्रहमान का मानना है कि पीएम इमरान खान आर्थिक मामलों में काफी पीछे हैं और उनमें शासन चलाने की काबिलियत नहीं है। इस आजादी मार्च के कारण इमरान खान पर दबाव बढ़ता जा रहा है।

गौरतलब है कि शुक्रवार (25 अक्टूबर) को मौलाना ने कहा था कि उनकी पार्टी की केंद्रीय समिति के सदस्यों और प्रांतीय नेताओं के घरों पर देश भर में छापेमारी की जा रही है। उन्होंने कहा था, “यदि बैरिकेड्स और अन्य व्यवधानों के साथ हमारे मार्ग पर बाधाएँ उत्पन्न करने का प्रयास किया गया, तो इससे टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है। चाहे एक महीने के लिए ही राष्ट्रीय राजमार्गो को बंद क्यों ना कर दिया जाए, इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता, हम इस्लामाबाद जाएँगे।” उनका कहना था कि इमरान ख़ान झूठ के सहारे पाकिस्तान में सत्ता में आए।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

इजरायली रॉकेट से मरीं केरल की सौम्या… NDTV फिर खेला शब्दों से, Video में कुछ और, शीर्षक में जिहादियों का बचाव

केरल की सौम्या इजरायल में थीं, जब उनकी मौत हुई। वह अपने पति से बात कर रही थीं, तभी फिलिस्तीनी रॉकेट उनके पास आकर गिरा। लेकिन NDTV ने...

1971 में भारतीय नौसेना, 2021 में इजरायली सेना: ट्रिक वही-नतीजे भी वैसे, हमास ने ‘Metro’ में खुद भेज दिए शिकार

इजरायल ने एक ऐसी रणनीतिक युद्धकला का प्रदर्शन किया है, जिसने 1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध की ताजा कर दी है।

20 साल से जर्जर था अंग्रेजों के जमाने का अस्पताल: RSS स्वयंसेवकों ने 200 बेड वाले COVID सेंटर में बदला

कभी एशिया के सबसे बड़े अस्पतालों में था BGML। लेकिन बीते दो दशक से बदहाली में था। आरएसएस की मदद से इसे नया जीवन दिया गया है।

₹995 में Sputnik V, पहली डोज रेड्डीज लैब वाले दीपक सपरा को: जानिए, भारत में कोरोना के कौन से 8 टीके

जानिए, भारत को किन 8 कोरोना वैक्सीन से उम्मीद है। वे अभी किस स्टेज में हैं और कहाँ बन रही हैं।

3500 गाँव-40000 हिंदू पीड़ित, तालाबों में डाले जहर, अब हो रही जबरन वसूली: बंगाल हिंसा पर VHP का चौंकाने वाला दावा

वीएचपी ने कहा है कि ज्यादातार पीड़ित SC/ST हैं। कई जगहों पर हिंदुओं से आधार, वोटर और राशन कार्ड समेत कई दस्तावेज छीन लिए गए हैं।

दिल्ली: केजरीवाल सरकार ने फ्री वैक्सीनेशन के लिए दिए ₹50 करोड़, पर महज तीन महीने में विज्ञापनों पर खर्च कर डाले ₹150 करोड़

दिल्ली में कोरोना के फ्री वैक्सीनेशन के लिए केजरीवाल सरकार ने दिए 50 करोड़ रुपए, पर प्रचार पर खर्च किए 150 करोड़ रुपए

प्रचलित ख़बरें

हिरोइन है, फलस्तीन के समर्थन में नारे लगा रही थीं… इजरायली पुलिस ने टाँग में मारी गोली

इजरायल और फलस्तीन के बीच चल रहे संघर्ष में एक हिरोइन जख्मी हो गईं। उनका नाम है मैसा अब्द इलाहदी।

दिल्ली में ऑक्सीजन सिलेंडर के बदले पड़ोसी ने रखी सेक्स की डिमांड, केरल पुलिस से सेक्स के लिए ई-पास की डिमांड

दिल्ली में पड़ोसी ने ऑक्सीजन सिलेंडर के बदले एक लड़की से साथ सोने को कहा। केरल में सेक्स के लिए ई-पास की माँग की।

1971 में भारतीय नौसेना, 2021 में इजरायली सेना: ट्रिक वही-नतीजे भी वैसे, हमास ने ‘Metro’ में खुद भेज दिए शिकार

इजरायल ने एक ऐसी रणनीतिक युद्धकला का प्रदर्शन किया है, जिसने 1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध की ताजा कर दी है।

गाजा पर गिराए 1000 बम, 160 विमानों ने 150 टारगेट पर दागे 450 मिसाइल: बोले नेतन्याहू- हमास को बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी

फलस्तीन के साथ हवाई संघर्ष के बीच इजरायल जमीनी लड़ाई की भी तैयारी कर रहा है। हथियारबंद टुकड़ियों के साथ 9000 रिजर्व सैनिकों की तैनाती।

जेल के अंदर मुख्तार अंसारी के 2 गुर्गों मेराज और मुकीम की हत्या, UP पुलिस ने एनकाउंटर में मारा गैंगस्टर अंशू को भी

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जेल में कैदियों के बीच गैंगवार की खबर। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फायरिंग में जेल के अंदर दो बदमाशों की...

‘क्या प्रजातंत्र में वोट की सजा मौत है’: असम में बंगाल के गवर्नर को देख फूट-फूट रोए पीड़ित, पाँव से लिपट महिलाओं ने सुनाई...

बंगाल के गवर्नर हिंसा पीड़ितों का हाल जानने में जुटे हैं। इसी क्रम में उन्होंने असम के राहत शिविरों का दौरा किया।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,349FansLike
94,031FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe