Wednesday, December 1, 2021
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प्राचीन हिंदू मंदिर को किया ध्वस्त, देवी-देवताओं को निकाल बाहर फेंका: 20 दिन में पाकिस्तान में ऐसी तीसरी घटना

"उन्हें लगता है कि वे लोगों को अपने मजहब का सम्मान करने के लिए मजबूर कर सकते हैं और उन्हें सिर काटने और आतंक की आलोचना करने के लिए रोक सकते हैं। लेकिन पाकिस्तान में वे गैर-मुस्लिम के साथ क्या कर रहे हैं?"

पाकिस्तान में एक बार फिर से हिंदू मंदिर में तोड़-फोड़ की घटना सामने आई है। यह घटना पाकिस्तान के भीमपुरा कराची की है। यहाँ पर एक प्राचीन हिंदू मंदिर को ध्वस्त कर दिया गया। मंदिर के हिंदू देवी-देवताओं को निकाल कर बाहर फेंक दिया गया। इसके साथ ही देवी-देवता से संबंधित सामानों को भी फेंक दिया गया। 

पाकिस्तान के मानवाधिकार कार्यकर्ता राहत ऑस्टिन ने ट्वीट के जरिए इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह 20 दिनों में हिंदू मंदिरों में तोड़-फोड़ की तीसरी घटना है। इसके साथ ही उन्होंने सवाल भी उठाया कि ये लोग फ्रांस में हत्या कर रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान में वे गैर-मुस्लिम के साथ क्या कर रहे हैं?

राहत ऑस्टिन ने आगे लिखा, “उन्हें लगता है कि वे लोगों को अपने मजहब का सम्मान करने के लिए मजबूर कर सकते हैं और उन्हें सिर काटने और आतंक की आलोचना करने के लिए रोक सकते हैं। यह छठी शताब्दी नहीं है सर। दूसरों को सम्मान देने पर ही आप सम्मान पा सकते हैं।”

इससे पहले पाकिस्तान के सिंध के बदीन ज़िला स्थित कड़ियू घनौर शहर में शनिवार (अक्टूबर 10, 2020) को एक हिन्दू मंदिर में तोड़फोड़ की घटना सामने आई थी। स्थानीय पुलिस ने इस मामले में मोहम्मद इस्माइल शैदी नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था।

शिकायतकर्ता अशोक कुमार ने पुलिस को इस मामले की जानकारी दी थी। कुमार ने आरोप लगाया था कि संदिग्ध मुहम्मद इस्माइल ने गाँव के मंदिर में तोड़फोड़ की। इस्माइल ने मंदिर में रखी मूर्तियों को क्षतिग्रस्त कर दिया और फिर मौके से फरार हो गया। कड़ियू घनौर पुलिस ने पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 295(ए) के तहत मामला दर्ज कर अभियुक्त मोहम्मद इस्माइल शैदी को गिरफ्तार कर लिया।

इसके अलावा पाकिस्तान के सिंध प्रांत में 171 हिंदुओं को रविवार (सितंबर 20, 2020) को इस्लाम में धर्मांतरित करवाया गया। राहत ऑस्टिन ने ही ये दावा किया था। इससे पहले जून में, सिंध प्रांत के बाडिन जिले में सौ से अधिक हिंदुओं को इस्लाम में धर्मांतरित किया गया था।

एक स्थानीय मंदिर में रखी हिंदू देवताओं की सभी मूर्तियों को नष्ट कर दिया गया और परिसर को एक मस्जिद में बदल दिया गया। 17 मई को सिंध प्रांत में हिंदुओं ने दावा किया था कि तबलीगी जमात के लोगों ने उन्हें प्रताड़ित किया, उनके घरों में तोड़फोड़ की और इस्लाम कबूल नहीं करने पर एक हिंदू लड़के का अपहरण भी कर लिया।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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