Thursday, February 22, 2024
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयFATF में अलग-थलग पाकिस्तान: 'डार्क ग्रे' लिस्ट में जाने के आसार, चीन, तुर्की और...

FATF में अलग-थलग पाकिस्तान: ‘डार्क ग्रे’ लिस्ट में जाने के आसार, चीन, तुर्की और मलेशिया ने भी काटी कन्नी

टेरर फाइनेंसिंग पर नज़र रखने वाली संस्था एफएटीएफ इस मामले में शुक्रवार तक किसी ठोस निर्णय पर पहुँचेगी। जून 2018 में एफएटीएफ ने पाकिस्तान को 'ग्रे लिस्ट' में डाल दिया था और उसे '27 प्वाइंट एक्शन प्लान' सौंपा गया था। अब एफएटीएफ इन सभी 27 बिंदुओं की समीक्षा कर रहा है।

आतंकवाद का समर्थन करने और आतंकियों को पालने—पोसने के कारण पाकिस्तान बड़ी मुसीबत में घिरता दिख रहा है। अंतर्राष्ट्रीय फाइनेंसियल एक्शन टास्क फाॅर्स (FATF) पाकिस्तान को ‘डार्क ग्रे’ लिस्ट में डाल सकता है। इससे आर्थिक मोर्चे पर उसके लिए चीजें और मुश्किल हो जाएँगी। पाकिस्तान में पहले सही महॅंगाई आसमान छू रही है और अर्थव्यवस्था संकट में है। ऐसे में एफएटीएफ की कार्रवाई का उस पर विपरीत असर पड़ना तय है। हालाँकि, पाकिस्तान अब भी पूरी कोशिश में है कि उसे ‘डार्क ग्रे’ लिस्ट में न डाला जाए।

टेरर फाइनेंसिंग पर नज़र रखने वाली संस्था एफएटीएफ इस मामले में शुक्रवार (अक्टूबर 18, 2019) तक किसी ठोस निर्णय पर पहुँचेगी। पाकिस्तान के वित्तीय मामलों के मंत्री हम्माद अज़हर भी एफटीएफ के सेशन में पहुँचे और अपने देश का पक्ष रखा। जून 2018 में एफएटीएफ ने पाकिस्तान को ‘ग्रे लिस्ट’ में डाल दिया था और उसे ’27 प्वाइंट एक्शन प्लान’ सौंपा गया था। अब एफएटीएफ इन सभी 27 बिंदुओं की समीक्षा कर रहा है, जिसके बाद यह तय किया जाएगा कि पाकिस्तान को ‘डार्क ग्रे’ लिस्ट में डाला जाए या नहीं

फ्रांस के पेरिस में चल रही बैठक में एफएटीएफ यह भी देखेगा कि पाकिस्तान ने टेरर फाइनेंसिंग के मामले में क्या कार्रवाई की है? पाकिस्तान को इस मामले में चीन, तुर्की और मलेशिया से मदद की आस थी। पिछली बार उसे ब्लैकलिस्ट होने से इन्हीं तीन मुल्कों ने बचाया था। लेकिन, इस बार ये तीनों देश भी उससे किनारा करते नजर आ रहे हैं।

बता दें कि दिखावे के लिए इस बैठक से कुछ दिनों पहले पाकिस्तान ने आतंकी हाफिज सईद से जुड़े कुछ लोगों को गिरफ़्तार किया था। इससे पहले इमरान ख़ान के अमेरिका दौरे से पहले भी पाकिस्तान ने आतंक के ख़िलाफ़ कार्रवाई का नाटक किया था।

यह भी जानने लायक बात है कि एफएटीएफ के ‘ग्रे’ लिस्ट और ‘ब्लैक’ लिस्ट के बीच में ‘डार्क ग्रे’ लिस्ट होता है, जो किसी भी देश के लिए अंतिम चेतावनी के रूप में काम करता है। एफएटीएफ में पाक्सितान बिलकुल अलग-थलग हो चुका है। हालाँकि, एफएटीएफ की अध्यक्षता चीन के पास होने के कारण ऐसी आशंका जताई जा रही कि शायद पाकिस्तान ‘डार्क ग्रे’ लिस्ट में जाने से बच जाए। अमेरिकी सेना के रिटायर्ड कर्नल लॉरेंस सेलिन ने कहा कि आतंक समर्थक पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट में न डालने से एफएटीएफ की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होंगे।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मंदिर को अगर दान-चढ़ावे में मिले ₹1 करोड़ तो सरकार को देना होगा ₹10 लाख: कर्नाटक में कॉन्ग्रेस ने किया बिल पास, BJP ने...

कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार द्वारा लाया गया ‘कर्नाटक हिंदू धार्मिक संस्थान और धर्मार्थ बंदोबस्ती विधेयक 2024’ अधिकार देगा कि वह हिंदू मंदिरों से टैक्स वसूल सकें।

गन्ने की MSP 8% बढ़ाई गई, सैटेलाइट के कलपुर्जों की मैन्युफैक्चरिंग में 100% FDI, पशुधन उद्यमिता में 50% सब्सिडी: मोदी कैबिनेट ने लिए बड़े...

फ़िलहाल गन्ने का MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) 315.10 रुपए प्रति क्विंटल है। 1 अक्टूबर, 2024 से नई बढ़ी हुई कीमतें (340 रुपए) लागू होंगी।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
418,000SubscribersSubscribe