Wednesday, January 27, 2021
Home रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय पैगम्बर मोहम्मद के कार्टून पर भड़का पाकिस्तान: गूगल, विकिपीडिया को धमकाया, अहमदिया 'मुस्लिम' पर...

पैगम्बर मोहम्मद के कार्टून पर भड़का पाकिस्तान: गूगल, विकिपीडिया को धमकाया, अहमदिया ‘मुस्लिम’ पर भी बवाल

यह उन पृष्ठों की ओर भी इशारा करता है, जो धार्मिक नेता मिर्जा मसरूर अहमद का नाम 'खलीफा' या इस्लाम के नेता के रूप में बताते हैं। इसके अलावा यह भी कहा गया कि ऐसी चीजें देश में प्रमुख धार्मिक मान्यताओं का खंडन करती है।

पाकिस्तान दूरसंचार प्राधिकरण (पीटीए) ने शुक्रवार (25 दिसंबर, 2020) को इंटरनेट के दिग्गज गूगल और विकीपीडिया को ईशनिंदा सामग्री का प्रसार करने पर कड़ी आपत्ति जताई है। साथ ही पीटीए ने गूगल और विकिपीडिया को नोटिस जारी कर कहा है कि वे इन कंटेंट को डिलीट कर दे नहीं तो कानूनी परिणामों को भुगतने के लिए तैयार रहे।

यह नोटिस पाकिस्तान की गैरकानूनी ऑनलाइन कंटेंट (प्रक्रिया, ओवरसाइट और सेफगार्ड) नियम 2020 को हटाने और ब्लॉक करने के तहत भेजा गया है। जिसके माध्यम से पाकिस्तान दूरसंचार प्राधिकरण किसी भी ऑनलाइन कंटेंट को हटाने के लिए अधिकृत है, जोकि उनके अनुसार गैरकानूनी है।

पाकिस्तान रेगुलेटर्स ने एक प्रेस रिलीज जारी करते हुए कहा कि उन्हें Google Play Store पर अहमदिया समुदाय द्वारा अपलोड किए गए “पवित्र कुरान के अनैतिक संस्करण” को लेकर कई शिकायतें मिल रही हैं। यह उन पृष्ठों की ओर भी इशारा करता है, जो धार्मिक नेता मिर्जा मसरूर अहमद का नाम ‘खलीफा’ या इस्लाम के नेता के रूप में बताते हैं। इसके अलावा यह भी कहा गया कि ऐसी चीजें देश में प्रमुख धार्मिक मान्यताओं का खंडन करती है।

गौरतलब है कि पाकिस्तान प्राधिकरण ने मामले को गंभीरता से लेते हुए गूगल से सभी गैरकानूनी सामग्री को तत्काल हटाने के निर्देश दिया है। वहीं ऐसा नहीं करने पर उन्हें कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।

अधिकारियों ने प्रेस रिलीज में आगे कहा, “हमें विकिपीडिया पर पवित्र पैगंबर (PBUH) के कैरिकेचर की मेजबानी और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार करने वाले आर्टिकल के बारे में भी शिकायतें मिली है, जो कि मिर्जा मसरूर अहमद को एक मुस्लिम के रूप में चित्रित करते है। उन्होंने कहा कि यह ध्यान रखना उचित है कि मिर्ज़ा मसरूर अहमद अहमदिया मुस्लिम समुदाय के नेता हैं और विकिपीडिया द्वारा उसे मुस्लिम कहना पाकिस्तान में एक अपराध के समान है।

बयान में कहा गया है कि इन प्लेटफॉर्म्स ने उनकी बातों की अवहेलना की तो पीटीए द्वारा इलेक्ट्रॉनिक क्राइम एक्ट 2016 (PECA) और नियम 2020 के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बता दें इससे पहले पाकिस्‍तान दूरसंचार प्राधिकरण ने TikTok पर प्रतिबंध लगा दिया था। पाकिस्तान में इसलिए टिकटॉक पर बैन लगाया गया था क्योंकि टिकटॉक ने उनके निर्देशों का पालन नहीं किया था। दरअसल, पाकिस्तान दूरसंचार प्राधिकरण (पीटीए) ने टिकटॉक को अश्लील वीडियो के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

लहराया गया खालिस्तानी झंडा, लगे भारत विरोधी नारे: वॉशिंगटन में किसान समर्थन की आड़ में खालिस्तान की माँग

वॉशिंगटन में खालिस्तानी समर्थकों ने कहा कि वह अब तक 26 जनवरी को काला दिन मना रहे थे, लेकिन इस बार एकजुटता में खड़े हैं।

ट्रैक्टर पलटने के बाद जिंदा था ‘किसान’, प्रदर्शनकारी अस्पताल नहीं ले गए… न पुलिस को ले जाने दिया: ‘Times Now’ का खुलासा

उक्त 'किसान' ट्रैक्टर से स्टंट मारते हुए पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ रहा था, लेकिन अपनी ही ट्रैक्टर पलटने के कारण खुद उसके नीचे आ गया और मौत हो गई।

11.5% की आर्थिक वृद्धि दर, 2021 में भारत के लिए IMF का अनुमान: एकमात्र बड़ा देश, जो बढ़ेगा दहाई अंकों के साथ

IMF ने भारत की अर्थव्यवस्था को 2021-22 में 11.5 प्रतिशत तक उछाल देने का अनुमान लगाया। वर्ल्ड इकॉनमिक आउटलुक रिपोर्ट में...

153 पुलिसकर्मी घायल, 7 FIR दर्ज: किसी का सर फटा तो कोई ICU में, राकेश टिकैत ने पुलिस को ही दिया दोष

दिल्ली पुलिस ने 'किसानों' द्वारा हुई हिंसा के मामलों को लेकर 7 FIR दर्ज की है। दिन भर चले हिंसा के इस खेल में 153 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं।

Video: किसानों के हमले में दीवार से एक-एक कर गिरते रहे पुलिसकर्मी, 109 घायल

वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़ द्वारा किए गए हमले से पुलिसकर्मी एक-एक कर लाल किले की दीवार से नीचे गिरते जा रहे हैं।

बिहारी-गुजराती-तमिल-कश्मीरी किसान हो तो डूब मरो… क्योंकि किसान सिर्फ पंजाबी-खालिस्तानी होते हैं, वही अन्नदाता हैं

वास्तविकता ये है कि आप इतने दिनों से एक ऐसी भीड़ के जमावड़े को किसान का आंदोलन कहते रहे। जिसकी परिभाषा वामपंथी मीडिया गिरोह और विपक्षियों ने गढ़ी और जिसका पूरा ड्राफ्ट एक साल पहले हुए शाहीन बाग मॉडल के आधार पर तैयार हुआ।

प्रचलित ख़बरें

दिल्ली में ‘किसानों’ ने किया कश्मीर वाला हाल: तलवार ले पुलिस को खदेड़ा, जगह-जगह तोड़फोड़, पुलिस वैन पर पथराव

दिल्ली में प्रदर्शनकारी पुलिस के वज्र वाहन पर चढ़ गए और वहाँ जम कर तोड़-फोड़ मचाई। 'किसानों' द्वारा तलवारें भी भाँजी गईं।

महिला पुलिस कॉन्स्टेबल को जबरन घेर कर कोने में ले गए ‘अन्नदाता’, किया दुर्व्यवहार: एक अन्य जवान हुआ बेहोश

महिला पुलिस को किसान प्रदर्शनकारी चारों ओर से घेरे हुए थे। कोने में ले जाकर महिला कॉन्स्टेबल के साथ दुर्व्यवहार किया गया।

तेज रफ्तार ट्रैक्टर से मरा ‘किसान’, राजदीप ने कहा- पुलिस की गोली से हुई मौत, फिर ट्वीट किया डिलीट

राजदीप सरदेसाई ने तिरंगे में लिपटी मृतक की लाश की तस्वीर अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर करते हुए लिखा कि इसकी मौत पुलिस की गोली से हुई है।

दलित लड़की की हत्या, गुप्तांग पर प्रहार, नग्न लाश… माँ-बाप-भाई ने ही मुआवजा के लिए रची साजिश: UP पुलिस ने खोली पोल

बाराबंकी में दलित युवती की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया। पुलिस ने बताया कि पिता, माँ और भाई ने ही मिल कर युवती की हत्या कर दी।

हिंदुओं को धमकी देने वाले के अब्बा, मोदी को 420 कहने वाले मौलाना और कॉन्ग्रेस नेता: ‘लोकतंत्र की हत्या’ गैंग के मुँह पर 3...

पद्म पुरस्कारों में 3 नाम ऐसे हैं, जो ध्यान खींच रहे- मौलाना वहीदुद्दीन खान (पद्म विभूषण), तरुण गोगोई (पद्म भूषण) और कल्बे सादिक (पद्म भूषण)।

रस्सी से लाल किला का गेट तोड़ा, जहाँ से देश के PM देते हैं भाषण, वहाँ से लहरा रहे पीला-काला झंडा

किसान लाल किले तक घुस चुके हैं और उन्होंने वहाँ झंडा भी फहरा दिया है। प्रदर्शनकारी किसानों ने लाल किले के फाटक पर रस्सियाँ बाँधकर इसे गिराने की कोशिश भी कीं।
- विज्ञापन -

 

लहराया गया खालिस्तानी झंडा, लगे भारत विरोधी नारे: वॉशिंगटन में किसान समर्थन की आड़ में खालिस्तान की माँग

वॉशिंगटन में खालिस्तानी समर्थकों ने कहा कि वह अब तक 26 जनवरी को काला दिन मना रहे थे, लेकिन इस बार एकजुटता में खड़े हैं।

ट्रैक्टर पलटने के बाद जिंदा था ‘किसान’, प्रदर्शनकारी अस्पताल नहीं ले गए… न पुलिस को ले जाने दिया: ‘Times Now’ का खुलासा

उक्त 'किसान' ट्रैक्टर से स्टंट मारते हुए पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ रहा था, लेकिन अपनी ही ट्रैक्टर पलटने के कारण खुद उसके नीचे आ गया और मौत हो गई।

11.5% की आर्थिक वृद्धि दर, 2021 में भारत के लिए IMF का अनुमान: एकमात्र बड़ा देश, जो बढ़ेगा दहाई अंकों के साथ

IMF ने भारत की अर्थव्यवस्था को 2021-22 में 11.5 प्रतिशत तक उछाल देने का अनुमान लगाया। वर्ल्ड इकॉनमिक आउटलुक रिपोर्ट में...

153 पुलिसकर्मी घायल, 7 FIR दर्ज: किसी का सर फटा तो कोई ICU में, राकेश टिकैत ने पुलिस को ही दिया दोष

दिल्ली पुलिस ने 'किसानों' द्वारा हुई हिंसा के मामलों को लेकर 7 FIR दर्ज की है। दिन भर चले हिंसा के इस खेल में 153 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं।

लालकिला में देर तक सहमें छिपे रहे 250 बच्चे, हिंसा के दौरान 109 पुलिसकर्मी घायल; 55 LNJP अस्पताल में भर्ती

दिल्ली में किसान ट्रैक्टर रैली का सबसे बुरा प्रभाव पुलिसकर्मियों पर पड़ा है। किसानों द्वारा की गई इस हिंसा में 109 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं, जिनमें से 1 की हालात गंभीर बताई जा रही है।

Video: किसानों के हमले में दीवार से एक-एक कर गिरते रहे पुलिसकर्मी, 109 घायल

वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़ द्वारा किए गए हमले से पुलिसकर्मी एक-एक कर लाल किले की दीवार से नीचे गिरते जा रहे हैं।

बिहारी-गुजराती-तमिल-कश्मीरी किसान हो तो डूब मरो… क्योंकि किसान सिर्फ पंजाबी-खालिस्तानी होते हैं, वही अन्नदाता हैं

वास्तविकता ये है कि आप इतने दिनों से एक ऐसी भीड़ के जमावड़े को किसान का आंदोलन कहते रहे। जिसकी परिभाषा वामपंथी मीडिया गिरोह और विपक्षियों ने गढ़ी और जिसका पूरा ड्राफ्ट एक साल पहले हुए शाहीन बाग मॉडल के आधार पर तैयार हुआ।

जर्मनी, आयरलैंड, स्पेन आदि में भी हो चुकी हैं ट्रैक्टर रैलियाँ, लेकिन दिल्ली वाला दंगा कहीं नहीं हुआ

दिल्ली में जो आज हुआ, स्पेन, आयरलैंड, और जर्मनी के किसानों ने वो नहीं किया, हालाँकि वो भी अन्नदाता ही थे और वो भी सरकार के खिलाफ अपनी माँग रख रहे थे।

किसानों के आंदोलन में खालिस्तानी कड़े और नारे का क्या काम?

सवाल उठता है कि जो लोग इसे पवित्र निशान साहिब बोल रहे हैं, वो ये बताएँ कि ये नारा और कड़ा किसका है? यह भी बताएँ कि एक किसान आंदोलन में मजहबी झंडा कहाँ से आया? उसे कैसे डिफेंड किया जाए कि तिरंगा फेंक कर मजहबी झंडा लगा दिया गया?

‘RSS नक्सलियों से भी ज्यादा खतरनाक, संघ समर्थक पैर छूकर गोली मार देते हैं’: कॉन्ग्रेसी सांसद और CM भूपेश बघेल का ज्ञान

कॉन्ग्रेस के सीएम भूपेश ने कहा कि आरएसएस के समर्थक पैर छूकर गोली मार देते हैं। महात्मा गाँधी की हत्या कैसे किया गया था? पहले पैर छुए फिर उनके सीने में गोली मारी।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
386,000SubscribersSubscribe