Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयपेशावर में खुले में मिला हैंड ग्रेनेड, खेल-खेल में फटने से 2 बच्चों की...

पेशावर में खुले में मिला हैंड ग्रेनेड, खेल-खेल में फटने से 2 बच्चों की मौत; 3 घायल: जाँच में जुटी पाकिस्तान पुलिस

पुलिस अधिकारी रियाज अहमद ने बताया कि बच्चों को उत्तर-पश्चिमी शहर पेशावर के एक खुले इलाके में हैंड ग्रेनेड मिला। वो लोग उसे उठाकर अपने घर ले आए औऱ घर में ही विस्फोट हो गया, जिससे यह घटना घटी। दो की मौत हो गई और तीनों घायल बच्चों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

पाकिस्तान में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहाँ पर बुधवार (जनवरी 06, 2021) को हैंड ग्रेनेड के फटने से दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि तीन घायल हैं। पाकिस्तानी पुलिस ने यह जानकारी दी। 

स्थानीय पुलिस अधिकारी रियाज अहमद ने बताया कि बच्चों को उत्तर-पश्चिमी शहर पेशावर के एक खुले इलाके में हैंड ग्रेनेड मिला। वो लोग उसे उठाकर अपने घर ले आए औऱ घर में ही विस्फोट हो गया, जिससे यह घटना घटी। दो की मौत हो गई और तीनों घायल बच्चों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि उनकी हालत काफी गंभीर है। रियाज अहमद ने कहा कि पुलिस जाँच कर रही है। 

गौरतलब है कि पिछले दिनों पाकिस्तान के पेशावर में स्थित एक मदरसे में हुए बम विस्फोट में 7 की मौत हो गई और 72 के घायल होने की सूचना है। पेशावर के दीर कॉलोनी में हुए इस बम विस्फोट में मृतकों व घायलों में अधिकतर बच्चे थे। इस बम विस्फोट के लिए 5 किलो IED का प्रयोग किया गया था। 

जब ये धमाका हुआ, तब मदरसे में कुरान की कक्षा चल रही थी। किसी ने विस्फोटक को ले जाकर मदरसे के भीतर रख दिया था। घायलों में शिक्षक भी थे। घटना से एक सप्ताह पहले बलूचिस्तान की सरकार ने क्वेटा में विपक्षी पार्टियों की शक्ति प्रदर्शन रैली के बीच बम विस्फोट की साजिश की सूचना के कारण अलर्ट जारी किया था।

पाकिस्तान का नाम आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए विश्व भर में कुख्यात है। पाकिस्तान लगातार ऐसे इस्लामी आतंक को पनाह देता आया है जिनके निशाने पर भारत, अफगानिस्तान और संयुक्त राष्ट्र अमेरिका जैसे पश्चिमी देश हैं। 

जानकारी के मुताबिक पेशावर से लगभग 60 किलोमीटर (35 मील) पूर्व में अकोरा खट्टक में दारुल उलूम हक्कानिया मदरसे का कैंपस बना हुआ है। यहाँ 4000 जिहादियों को पनाह दी जाती है। इन्हें मुफ्त में खाना, आश्रय और पहनने को कपड़े मिलते हैं। इनके भीतर तालीम के नाम पर उग्रवाद और कट्टरपंथ भरा जाता है। एएफपी की रिपोर्ट में इसे जिहाद यूनिवर्सिटी बताते हुए कहा गया है कि यही संगठन लोगों में इस्लामी जिहाद के बीज बोता है और बाद में उन्हें आतंकी संगठनों को मुहैया करवाकर उनकी मैनपावर बढ़ाता है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मेरा बेटा उस शोषणकारी कंपनी को छोड़ना चाहता था’: Settebello जहाज पर मारे गए नाविक के पिता का दर्द, पढ़ें मिडिल ईस्ट युद्ध में...

अमेरिका ने जिस जहाज पर हमला किया था उसमें 3 भारतीयों की मौत हुई। पिता ने बताया कि उनका बेटा शोषणकारी कंपनी को छोड़ना चाहता था।

घुसपैठिए खुद कबूल रहे सच, फिर भी ‘बेचारा’ बताने में जुटा वामपंथी-इस्लामी इकोसिस्टम: Al Jazeera से लेकर स्क्रॉल-The Wire का प्रोपेगेंडा हुआ बेनकाब

जो बांग्लादेशी घुसपैठिए खुद कबूल कर रहे हैं कि वह अवैध रूप से भारत में घुसे। लेकिन यह वो बात है जिसे अल जजीरा, स्क्रॉल और द वायर जैसे मीडिया संस्थान जानबूझकर पर्दे के पीछे रखते हैं।
- विज्ञापन -