Wednesday, December 2, 2020
Home रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय फेसबुक के कंटेंट्स की निगरानी का जिम्मा संभालने वाली निकली 'आतंकी संगठन' की सदस्य:...

फेसबुक के कंटेंट्स की निगरानी का जिम्मा संभालने वाली निकली ‘आतंकी संगठन’ की सदस्य: 20 में 18 जॉर्ज सोरोस के लोग

एक ऐसा खुलासा हुआ है, जिसने सबकी भौहें तान दी हैं। फेसबुक ओवरसाइट बोर्ड का एक सदस्य 'मुस्लिम ब्रदरहुड' का हिस्सा है। ये एक आतंकी संगठन है, जिसे कई अरब और पश्चिमी देशों में प्रतिबंधित किया जा चुका है। ये विवाद तवक्कुल करमन को लेकर है, जो नोबेल शांति पुरस्कार की विजेता रह चुकी हैं।

फेसबुक के ओवरसाइट बोर्ड का जबसे गठन का प्रस्ताव आया, तभी से वो विवादों का हिस्सा बना हुआ है। जब सोशल मीडिया साइट फेसबुक पर कंटेंट्स को रेगुलेट करने के लिए इस प्लेटफॉर्म का सेटअप किया गया, तभी इसे लेकर खुलासा हुआ कि इसके 20 में से 18 सदस्य अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस से जुड़े हुए हैं। यहूदी मूल के जॉर्ज सोरोस डेमोक्रेट पार्टी के बड़े वित्तीय डोनर भी हैं। ऐसे में निष्पक्षता को लेकर लोगों ने सवाल उठाए। अब फेसबुक का नाम ‘मुस्लिम ब्रदरहुड’ से जुड़ा है।

इसके बाद एक और ऐसा खुलासा हुआ है, जिसने सबकी भौहें तान दी हैं। फेसबुक ओवरसाइट बोर्ड का एक सदस्य ‘मुस्लिम ब्रदरहुड’ का हिस्सा है। ये एक आतंकी संगठन है, जिसे कई अरब और पश्चिमी देशों में प्रतिबंधित किया जा चुका है। ये विवाद तवक्कुल करमन को लेकर है, जो नोबेल शांति पुरस्कार की विजेता रह चुकी हैं। हालाँकि, उन्हें ये पुरस्कार मिलने के बाद भी काफी विवाद हुआ था और उँगलियाँ उठी थीं।

हालाँकि, अमेरिका के राष्ट्रपति रहे बराक ओबामा को भी ये पुरस्कार मिला था, जिन्होंने लीबिया पर हमला कर के उसे दासता की एक जंजीर में बाँध दिया और पूरे मध्य-पूर्व को एक तरह से अशांति के बुरे दौर में धकेल दिया। ‘मुस्लिम ब्रदरहुड’ का सदस्य होना ही अपनेआप में एक विवाद का विषय है। तवक्कुल इससे पहले वो ‘यमनी इस्लाह पार्टी (ISP)’ की सदस्य थीं, जिसे ‘मुस्लिम ब्रदरहुड’ का समर्थन हासिल था।

उन्हें 2011 में नोबेल मिला था। उन्होंने यहाँ तक कहा था कि ‘मुस्लिम ब्रदरहुड’ क्षेत्र में आधिकारिक अत्याचार और आतंकवाद के पीड़ितों में से एक है। ‘मुस्लिम ब्रदरहुड’ ने भी उनके साथ अपने जुड़ाव को स्वीकारा और नोबेल मिलने पर बधाई भी दी थी। सितम्बर 15, 2013 को बीबीसी अरबिया को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि जनवरी 2011 की मिस्र क्रांति की सबसे बड़ी सफलता थी कि आपातकाल के क़ानून को हटाया गया।

उन्होंने कहा था कि दुर्भाग्य से 2013 में इस क़ानून को फिर से लाया गया। उन्होंने कहा था, “मुस्लिम ब्रदरहुड और इसके कार्यकर्ता व समर्थक सैन्य शासन के खिलाफ रहे हैं और वो एक बड़े युद्ध में हैं, जिसकी कीमत वो अपने खून से चुका रहे हैं। वो अपनी दृढ़ता से ये लड़ाई लड़ रहे हैं। उनका लक्ष्य है कि वो इस क्रांति को सही रास्ते पर लेकर जाएँगे।” अरब में तो उन्हें फेसबुक बोर्ड में शामिल किए जाने के बाद खासा विरोध हुआ था।

राजनीतिक शास्त्र के प्रोफेसर डॉक्टर अब्दुल खलीक अब्दुल्ला का कहना है कि वो फेसबुक के कंटेंट्स को सुपरवाइज करने वाले बोर्ड में रहने की काबिल नहीं हैं। अमीरात के लेखक ओला अल शेख ने कहा कि उनकी नियुक्ति को दुर्गति बताते हुए कहा था कि इससे उन्हें अरब क्षेत्र को लेकर फेसबुक कंटेंट्स में अपने मनमाफिक काम करने की छूट मिलेगी, जो खतरनाक है। मिस्र में तो उनके खिलाफ खूब विरोध हुआ।

डॉक्टर हनी राजी का कहना है कि उनकी नियुक्ति का सीधा अर्थ है इजिप्ट, सऊदी अरब और यूएई में फेसबुक की सारी जिम्मेदारी ‘मुस्लिम ब्रदरहुड’ को दे देना। उन्होंने कहा कि या तो उन्हें कमिटी से निकाला जाएगा, या फिर फेसबुक ही बंद हो जाएगा। उन्होंने तवक्कुल को इन तीनों मुल्कों की सत्ता का घोर विरोधी करार दिया। आतंकवाद और असहिष्णुता के विशेषज्ञ हनी नसीरा ने भी उन्हें लेकर विरोध जताया।

उन्होंने बताया कि तवक्कुल को पहले तो यमनी क्रांति का प्रतीक माना जाता था, लेकिन समय के साथ वो असहिष्णुता, भेदभाव और निष्पक्षता के अभाव की एक पहचान बन गई हैं। नोबेल पुरस्कार जीतने के बाद तवक्कुल करमन को दोहा बुला कर ‘मुस्लिम ब्रदरहुड’ के नेता युसूफ अल करदावी ने सम्मानित किया था, ऐसी भी खबरें आई थीं। करदावी आत्मघाती बम हमलों का ऐलान कर चुका है और उसने हिटलर की भी सराहना करते हुए कहा था कि नाजी शासक ने यहूदियों को ‘दंड दिया’।

उनका कहना है कि तवक्कुल की वफादारी उन्हीं सरकारों के प्रति होती हैं, जिन्होंने लोकतंत्र और शासन के सारे नियमों को ताक पर रखा हुआ है, जैसे – तुर्की और क़तर। उन्होंने कहा कि ये दोनों ही मुल्क वस्तुनिष्ठता और निष्पक्षता के सारे सिद्धांतों को धता बताते हैं। उनका कहना है कि तवक्कुल की राजनीति के हिसाब से विभाजनकारी नीतियों और कट्टरवाद को बढ़ावा मिलता है, साथ ही जो उनसे सहमत नहीं होते उन्हें अलग-थलग करने की कोशिश होती है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को लेकर अक्सर ऐसे आरोप लगते रहे हैं और उनका पक्षपाती रवैया सामने आता रहा है। इससे पहले फेसबुक के पूर्व कर्मचारी मार्क एस लकी ने कहा था कि कई बार वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा राजनीतिक दलों के इशारों पर कंटेंट मॉडरेशन टीम पर दबाव बनाया जाता है। इसके चलते कई बार फेसबुक को अपने ही कम्युनिटी स्टैंडर्ड से समझौता करना पड़ता है। साथ ही दावा किया था कि फेसबुक ने सही समय पर कार्रवाई की होती तो म्यांमार जनसंहार और श्रीलंका में हुए दंगों को आसानी से रोका जा सकता था।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘बॉलीवुड को कहीं और ले जाना आसान नहीं’: मुंबई पहुँचे CM योगी अक्षय से मिले, महाराष्ट्र की तीनों सत्ताधारी पार्टियों ने किया विरोध

योगी आदित्यनाथ इसी सिलसिले में मुंबई भी पहुँचे हुए हैं, इसीलिए शिवसेना और ज्यादा चिढ़ी हुई है। वहाँ अभिनेता अक्षय कुमार ने उनसे मुलाकात की।

कोरोना से जंग के बीच ऐतिहासिक क्षण: अप्रूव हुआ Pfizer-BioNTech Covid-19 वैक्सीन, UK ने लिया निर्णय

Pfizer-BioNTech COVID-19 vaccine को अधिकृत कर दिया गया है और इसे अगले सप्ताह से देश भर (UK) में उपलब्ध कराया जाएगा।

‘₹100 में उपलब्ध हैं शाहीन बाग वाली दादी बिल्किस बानो’ – कंगना रनौत को कानूनी नोटिस, डिलीट कर दिया था विवादित ट्वीट

'दादी' बिल्किस बानो के 'किसान आंदोलन' में भाग लेने की खबर के बाद कंगना रनौत ने टिप्पणी की थी, जिसके बाद उन्हें कानूनी नोटिस भेजा गया ।

‘जो ट्विटर पर आलोचना करेंगे, उन सब पर कार्रवाई करोगे?’ बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र की उद्धव सरकार पर दागा सवाल

बॉम्बे हाई कोर्ट ने ट्विटर यूजर सुनैना होली की गिरफ़्तारी के मामले में सुनवाई करते हुए महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार से कड़े सवाल पूछे हैं।

‘मोदी चला रहे 2002 का चैनल और योगी हैं प्यार के दुश्मन’: हिंदुत्व विरोधियों के हाथ में है Swiggy का प्रबंधन व रणनीति

'Dentsu Webchutney' नामक कंपनी ही Swiggy की मार्केटिंग रणनीति तैयार करती है। कई स्क्रीनशॉट्स के माध्यम से देखिए उनका मोदी विरोध।

इस्लाम और उर्दू की शिक्षा के लिए अब्बा भेजते थे मदरसा, अच्छा नहीं लगता था… इसलिए मुंबई भागा: 14 साल के बच्चे की कहानी

किशोर ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि उसके अब्बा उसे जबरदस्ती इस्लाम और उर्दू की शिक्षा के लिए मदरसे भेजते थे, जबकि उसे अच्छा नहीं लगता था।

प्रचलित ख़बरें

‘दिल्ली और जालंधर किसके साथ गई थी?’ – सवाल सुनते ही लाइव शो से भागी शेहला रशीद, कहा – ‘मेरा अब्बा लालची है’

'ABP न्यूज़' पर शेहला रशीद अपने पिता अब्दुल शोरा के आरोपों पर सफाई देने आईं, लेकिन कठिन सवालों का जवाब देने के बजाए फोन रख कर भाग खड़ी हुईं।

मेरे घर में चल रहा देश विरोधी काम, बेटी ने लिए ₹3 करोड़: अब्बा ने खोली शेहला रशीद की पोलपट्टी, कहा- मुझे भी दे...

शेहला रशीद के खिलाफ उनके पिता अब्दुल रशीद शोरा ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बेटी के बैंक खातों की जाँच की माँग की है।

‘हिंदू लड़की को गर्भवती करने से 10 बार मदीना जाने का सवाब मिलता है’: कुणाल बन ताहिर ने की शादी, फिर लात मार गर्भ...

“मुझे तुमसे शादी नहीं करनी थी। मेरा मजहब लव जिहाद में विश्वास रखता है, शादी में नहीं। एक हिंदू को गर्भवती करने से हमें दस बार मदीना शरीफ जाने का सवाब मिलता है।”

13 साल की बच्ची, 65 साल का इमाम: मस्जिद में मजहबी शिक्षा की क्लास, किताब के बहाने टॉयलेट में रेप

13 साल की बच्ची मजहबी क्लास में हिस्सा लेने मस्जिद गई थी, जब इमाम ने उसके साथ टॉयलेट में रेप किया।

कहीं दीप जले, कहीं… PM मोदी के ‘हर हर महादेव’ लिखने पर लिबरलों-वामियों ने दिखाया असली रंग

“जिस समय किसान अपने जीवन के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं, हमारे पीएम को ऐसी मनोरंजन वाली वीडियो शेयर करने में शर्म तक नहीं आ रही।”

शेहला मेरठ से चुनाव लड़ती, अमेरिका में बैठे अलगाववादी देते हैं पैसे, वहीं जाकर बनाई थी पार्टी: पिता ने लगाए नए आरोप

शेहला रशीद के पिता ने कहा, "अगर मैं हिंसक होता तो मेरे खिलाफ जरूर एफआईआर होती, लेकिन मेरे खिलाफ कोई एफआईआर नहीं है।"

केंद्र सरकार ने किसानों की वार्ता से योगेन्द्र यादव को किया बाहर, कहा- राजनेता नहीं, सिर्फ किसान आएँ

बातचीत में शामिल प्रतिनिधिमंडल में स्वराज पार्टी (Swaraj Party) के नेता योगेन्द्र यादव (Yogendra yadav) का भी नाम था। मगर बाद में केंद्र सरकार के ऐतराज के बाद उनका नाम हटा दिया गया।

‘बॉलीवुड को कहीं और ले जाना आसान नहीं’: मुंबई पहुँचे CM योगी अक्षय से मिले, महाराष्ट्र की तीनों सत्ताधारी पार्टियों ने किया विरोध

योगी आदित्यनाथ इसी सिलसिले में मुंबई भी पहुँचे हुए हैं, इसीलिए शिवसेना और ज्यादा चिढ़ी हुई है। वहाँ अभिनेता अक्षय कुमार ने उनसे मुलाकात की।

गलवान घाटी में चीन ने रची थी खूनी साजिश, तैनात थे 1000 PLA सैनिक: अमेरिकी रिपोर्ट ने किया खुलासा

रिपोर्ट में अमेरिका ने अपना दावा करते हुए सैटेलाइट तस्वीरों का हवाला दिया है। उन्होंने कहा कि गलवान घाटी में झड़प वाले हफ्ते हजार की तादाद में पीएलए सैनिकों को तैनात किया गया था।

‘मंदिर के पुजारी अर्ध नग्न, लेकिन किसी श्रद्धालु ने आपत्ति नहीं की’: शिरडी के फैसले पर तृप्ति देसाई को याद आई ‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता’

“मंदिर के पुजारी अर्ध नग्न होते हैं, लेकिन किसी श्रद्धालु ने इस पर आपत्ति नहीं की। बोर्ड को तत्काल हटाया जाना चाहिए वरना हम आकर हटा देंगे।”

राजनीतिक के कारण किसान यूनियन ने लिया बड़ा यू-टर्न: पिछले साल खुद ही उठाई थी नए कानून में शामिल सभी माँग

हैरान होने वाली बात तो है कि आखिर एक साल में बीकेयू इतना बड़ा यूटर्न कैसे ले सकती है। वह लगातार कृषि क्षेत्र में किसानों के हित के लिए बिचौलियों को हटाना चाहते थे।

कोरोना से जंग के बीच ऐतिहासिक क्षण: अप्रूव हुआ Pfizer-BioNTech Covid-19 वैक्सीन, UK ने लिया निर्णय

Pfizer-BioNTech COVID-19 vaccine को अधिकृत कर दिया गया है और इसे अगले सप्ताह से देश भर (UK) में उपलब्ध कराया जाएगा।

‘₹100 में उपलब्ध हैं शाहीन बाग वाली दादी बिल्किस बानो’ – कंगना रनौत को कानूनी नोटिस, डिलीट कर दिया था विवादित ट्वीट

'दादी' बिल्किस बानो के 'किसान आंदोलन' में भाग लेने की खबर के बाद कंगना रनौत ने टिप्पणी की थी, जिसके बाद उन्हें कानूनी नोटिस भेजा गया ।

अंतरधार्मिक विवाह के बाद मिलने वाली प्रोत्साहन राशि को ख़त्म करेगी उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार!

पिछले साल ही 11 अंतरधार्मिक जोड़ों ने इस योजना का लाभ लिया है। उन सभी को 50,000 रुपए दिए गए। इस साल भी 4 आवेदन आए हैं।

शादीशुदा और कई बच्चों के अब्बा बिलाल ने 23 साल की मेहर को मारी गोली, माँ को उतारा मौत के घाट: करना चाहता था...

माँ-बेटी पर गोलियाँ चलाने से पहले वह मेहर के लिए अपना रिश्ता लेकर उनके घर पहुँचा था, लेकिन जब इस रिश्ते के लिए मना किया गया तो...

‘जो ट्विटर पर आलोचना करेंगे, उन सब पर कार्रवाई करोगे?’ बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र की उद्धव सरकार पर दागा सवाल

बॉम्बे हाई कोर्ट ने ट्विटर यूजर सुनैना होली की गिरफ़्तारी के मामले में सुनवाई करते हुए महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार से कड़े सवाल पूछे हैं।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,509FollowersFollow
359,000SubscribersSubscribe