Tuesday, June 25, 2024
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीय'पुतिन को जिंदा लाओ या मुर्दा, दूँगा $1000000': जिस रूसी व्यापारी के नाम पर...

‘पुतिन को जिंदा लाओ या मुर्दा, दूँगा $1000000’: जिस रूसी व्यापारी के नाम पर वायरल हुआ पोस्टर, उसने किया इनकार

“कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि मैंने पुतिन की हत्या के लिए इनाम देने का वादा किया है। यह सही नहीं है।”

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रहा है। इसमें रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की तस्वीर लगी है। इसके नीचे लिखा है- जिंदा या मुर्दा। साथ ही पोस्ट में कहा गया है कि जो पुतिन को पकड़ेगा उसे 10 लाख डॉलर (करीब साढ़े सात करोड़ रुपए) दिए जाएँगे। यह पोस्ट एलेक्स कोनानीखिन (Alex Konanykhin) का बताया जा रहा है। मीडिया रिपोर्टों में उसे रूस का कारोबारी का बताया गया है। हालाँकि लिंक्डइन पर कोनानीखिन ने इस तरह का पोस्ट करने की बात को खारिज किया है।

फोटो साभार: Alex Konanykhin Linkedin

कोनानीखिन ने लिंक्डइन पर लिखा है, “कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि मैंने पुतिन की हत्या के लिए इनाम देने का वादा किया है। यह सही नहीं है। हालाँकि इस तरह के परिणाम से दुनिया भर के लाखों लोग खुश होंगे, मगर मेरा मानना है कि पुतिन को न्याय के कठघरे में खड़ा किया जाना चाहिए।”

फोटो साभार: Alex Konanykhin Linkedin

बता दें कि पुतिन के सिर पर इनाम रखने के कोनानीखिन के कथित पोस्ट में कहा गया खा है, “मैं वादा करता हूँ कि जो भी अधिकारी अपनी संवैधानिक ड्यूटी का पालन करेगा और पुतिन को एक युद्ध अपराधी के तौर पर रूस और अंतरराष्‍ट्रीय कानून के अंतर्गत गिरफ्तार करेगा, मैं उसको $1,000,000 दूँगा।”

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा स्क्रीनशॉट

इसमें आगे कहा गया है, “पुतिन रूस  के राष्‍ट्रपति नहीं हैं। उन्‍होंने स्‍पेशल ऑपरेशन के तहत रूस के कई अपार्टमेंट, बिल्डिंग को उड़ा दिया। इसके बाद उन्‍होंने इलेक्‍शन नहीं करवाए, संविधान की धज्जियाँ उड़ाईं गई। उन्‍होंने अपने विरोधियों की हत्‍या करवाई।” वायरल हो रहे स्क्रीनशॉट में एलेक्‍स ने ये भी लिखा है कि रूस का नागरिक होने के नाते, ये उनका नैतिक कर्तव्‍य है कि रूस को नाजीवाद और उसके प्रभाव से छुटकारा दिलाने के लिए वो मदद करे। वो लगातार यूक्रेन की मदद करेंगे, जिसने इस युद्ध में एक नायक की तरह पुतिन के खिलाफ अपना पक्ष दिखाया है।

रूस के खिलाफ जाँच करेगी ICC

इस बीच, अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) ने घोषणा की है कि वह यूक्रेन पर आक्रमण के बाद किए गए संभावित युद्ध अपराधों पर रूस की जाँच करेगा। एक बयान में आईसीसी के मुख्य अभियोजक करीम खान ने खुलासा किया कि उनका मानना ​​है कि यूक्रेन में कथित युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध किए गए हैं। जल्द ही रूस के खिलाफ जाँच शुरू की जाएगी।

कौन हैं एलेक्स कोनानीखिन

एलेक्स कोनानीखिन को रूसी सरकार का मुखर आलोचक माना जाता है। जेरुसलम पोस्‍ट के एक आर्टिकल के मुताबिक मॉस्को फिजिक्‍स एंड टेक्निकल इंस्‍टीट्यूट में एलेक्‍स की पढ़ाई पर रोक लगा दी गई थी। इसके बाद उन्‍होंने स्‍टूडेंट कंस्‍ट्रक्‍शन कोऑपरेटिव की शुरुआत की। न्‍होंने कई दूसरे बिजनेस भी किए। इनमें बैंकिंग, स्‍टॉक्‍स, और रियल इस्‍टेट शामिल हैं। 25 साल की उम्र आते-आते उनके पास 100 फर्म थीं।

1992 में उनकी कंपनियों की कमाई 22 अरब रुपए से ज्‍यादा थी। इस साल वह रूस के राष्‍ट्रपति बोरिस येल्सिन के साथ वाशिंगटन जाने वाले प्रतिनिधिमंडल के भी हिस्‍सा थे। लेकिन साल 1996 में उन्‍हें और उनकी पत्‍नी को वीजा में धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया गया था। बाद में वह वहाँ से चेक गणराज्‍य और बाद में न्‍यूयॉर्क आ गए। उन्होंने बोरिस येल्तिसिन और रूसी अधिकारियों से जान को खतरे का भी आरोप लगाया था। साल 2011 में उन्होंने Transparent Business की स्‍थापना की, जो उन कंपनियों की मदद करती है, जो रिमोटली वर्कफोर्स के तौर पर काम करती हैं। 

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘बड़ी संख्या में OBC ने दलितों से किया भेदभाव’: जिस वकील के दिमाग की उपज है राहुल गाँधी वाला ‘छोटा संविधान’, वो SC-ST आरक्षण...

अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन SC-ST आरक्षण में क्रीमीलेयर लाने के पक्ष में हैं, क्योंकि उनका मानना है कि इस वर्ग का छोटा का अभिजात्य समूह जो वास्तव में पिछड़े व वंचित हैं उन तक लाभ नहीं पहुँचने दे रहा है।

क्या है भारत और बांग्लादेश के बीच का तीस्ता समझौता, क्यों अनदेखी का आरोप लगा रहीं ममता बनर्जी: जानिए केंद्र ने पश्चिम बंगाल की...

इससे पहले यूपीए सरकार के दौरान भारत और बांग्लादेश के बीच तीस्ता के पानी को लेकर लगभग सहमति बन गई थी। इसके अंतर्गत बांग्लादेश को तीस्ता का 37.5% पानी और भारत को 42.5% पानी दिसम्बर से मार्च के बीच मिलना था।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -