Thursday, April 15, 2021
Home रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय श्री लंका में पाकिस्तानी 'अहमदिया' शरणार्थियों पर हमला, घर छोड़ने को हुए मजबूर

श्री लंका में पाकिस्तानी ‘अहमदिया’ शरणार्थियों पर हमला, घर छोड़ने को हुए मजबूर

एक तरफ़ जहाँ सेंट सेबेस्टियन चर्च में बम धमाके के दौरान मारे गए 100 से अधिक पीड़ितों के परिजन सामूहिक अंतिम संस्कार कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ़ लोहे की सलाखों से लैस भीड़ ने उन घरों पर हमला करना शुरू कर दिया, जहाँ पाकिस्तानी शरणार्थी शहर के किनारे रह रहे थे।

श्री लंका में ईस्टर पर दिल दहला देने वाले आत्मघाती हमले से प्रभावित नेगोंबो में तनाव चरम पर है। श्री लंका की राजधानी कोलंबो के उत्तर में स्थित नेगोंबो में रह रहे पाकिस्तानी शरणार्थियों पर स्थानीय लोगों ने अपना गुस्सा निकाला। बुधवार (25 अप्रैल) को बड़ी संख्या में शरणार्थी यहाँ से पलायन करते देखे गए।

ख़बर के अनुसार, किराए के मकानों में रह रहे लगभग 800 पाकिस्तानी पुरुषों, महिलाओं और बच्‍चों को उनके सिंहली, ईसाई और मुस्लिम मकान मालिकों ने फौरन घर छोड़कर निकल जाने को कहा है। इन्‍हें डर है कि शरणार्थियों के तार आतंकवादियों से जुड़े हो सकते हैं।

इस बीच, श्री लंकाई अधिकारियों ने ईस्टर पर हुए बम विस्फोटों से मरने वालों की संख्या 359 से घटाकर 253 बताई है। उन्होंने कहा कि सभी शवों का पोस्टमार्टम हो चुका है और डीएनए रिपोर्ट का मिलान करने पर पता चला कि कुछ शवों की गिनती दो बार हो गई थी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, “पीड़ितों में से कई बुरी तरह से विकृत हो गए थे जिससे उनकी दोहरी गिनती हो गई थी।”

अपने देश में सुन्नी समुदाय से उत्पीड़न का सामना करते हुए, अहमदिया सम्प्रदाय के शरणार्थी पाँच साल पहले पाकिस्तान से भागकर यहाँ आए थे। पाकिस्‍तान के अलावा अफ़गानिस्‍तान के इन शरणार्थियों को यहाँ संयुक्‍त राष्‍ट्र मानवाधिकार परिषद की मदद से बसाया गया है। ये यहाँ तब तक रहेंगे जब तक ऑस्‍ट्रेलिया या न्‍यूजीलैंड में इनके पुनर्वास की व्‍यवस्‍था न हो जाए।

बुधवार को, एक तरफ़ जहाँ सेंट सेबेस्टियन चर्च में बम धमाके के दौरान मारे गए 100 से अधिक पीड़ितों के परिजन सामूहिक अंतिम संस्कार कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ़ लोहे की सलाखों से लैस भीड़ ने उन घरों पर हमला करना शुरू कर दिया, जहाँ पाकिस्तानी शरणार्थी शहर के किनारे रह रहे थे। भीड़ उनके घरों में जबरन घुस गई, दरवाज़ो व खिड़कियों को तोड़ते हुए पुरुषों को ज़बरदस्ती बाहर खींच लिया।

श्री लंका के उपराष्ट्रपति हिलमी अहमद ने TOI को बताया कि, “हमें पता चला कि बुधवार को स्‍थानीय जनता और पाकिस्‍तानी शरणार्थियों के बीच झड़प हुई थी।” चूँकि इनके मकान मालिक हिंसा भड़काने में शामिल हैं इसलिए 400 से अधिक शरणार्थी परिवारों को किसी और जगह बसाया जाएगा। यंग मुस्लिम मेन असोसिएशन के अध्‍यक्ष नवाज दीन का कहना है, “करीब 60 लोगों ने नेगोंबो पुलिस स्‍टेशन में शरण ली है। अब संयुक्‍त राष्‍ट्र मानवाधिकार परिषद को फैसला करना है कि इनका क्‍या किया जाए। हमारे संगठन ने मदद की पेशकश की है।”

इस सप्ताह हुए सीरियल ब्लास्ट के पहले तक, श्री लंका में ईसाई-मुस्लिम के बीच हिंसा का अधिक इतिहास नहीं है। श्री लंका में लगभग 7% ईसाई, 10% मुस्लिम, 13% हिंदू और 70% बौद्ध रहते हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बाबा बैद्यनाथ मंदिर में ‘गौमांस’ वाले कॉन्ग्रेसी MLA इरफान अंसारी ने की पूजा, BJP सांसद ने उठाई गिरफ्तारी की माँग

"जिस तरह काबा में गैर मुस्लिम नहीं जा सकते, उसी तरह द्वादश ज्योतिर्लिंग बाबा बैद्यनाथ मंदिर में गैर हिंदू का प्रवेश नहीं। इरफान अंसारी ने..."

‘मुहर्रम के कारण दुर्गा विसर्जन को रोका’ – कॉन्ग्रेस के साथी मौलाना सिद्दीकी का ममता पर आरोप

भाईचारे का राग अलाप रहे मौलाना फुरफुरा शरीफ के वही पीरजादा हैं, जिन्होंने अप्रैल 2020 में वायरस से 50 करोड़ हिंदुओं के मरने की दुआ माँगी थी।

‘जब गैर मजहबी मरते हैं तो खुशी…’ – नाइजीरिया का मंत्री, जिसके अलकायदा-तालिबान समर्थन को लेकर विदेशी मीडिया में बवाल

“यह जिहाद हर एक आस्तिक के लिए एक दायित्व है, विशेष रूप से नाइजीरिया में... या अल्लाह, तालिबान और अलकायदा को जीत दिलाओ।”

मजनू का टीला: पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थियों की इस तरह से मदद कर रहा ‘सेवा भारती’, केजरीवाल सरकार ने छोड़ा बेसहारा

धर्मवीर ने कहा कि दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने उनकी नहीं सुनी, न कोई सुध ली। वो 5-6 साल पहले यहाँ आए थे। इसके बाद नहीं आए। उन्होंने बिजली लगाने का वादा किया था, लेकिन कुछ भी नहीं किया। RSS ने हमारी मदद की है

मथुरा की अदालत में फिर उठी मस्जिद की सीढ़ियों से भगवान श्रीकृष्ण की मूर्तियाँ निकलवाने की माँग: 10 मई को अगली सुनवाई

मथुरा की अदालत में एक बार फिर से सन् 1670 में ध्वस्त किए गए श्रीकृष्ण मंदिर की मूर्तियों को आगरा फोर्ट की मस्जिद से निकलवाने की माँग की गई है।

उदित राज ने कुम्भ पर फैलाया फेक न्यूज, 2013 की तस्वीर को जोड़ा तबलीगी जमात से: लोगों ने दिखाया आइना

“1500 तबलिगी जमात भारत में कोरोना जेहाद कर रहे थे और अब लाखों साधू जुटे कुम्भ में उस जेहाद और कोरोना से निपटने के लिए।”

प्रचलित ख़बरें

छबड़ा में मुस्लिम भीड़ के सामने पुलिस भी थी बेबस: अब चारों ओर तबाही का मंजर, बिजली-पानी भी ठप

हिन्दुओं की दुकानों को निशाना बनाया गया। आँसू गैस के गोले दागे जाने पर हिंसक भीड़ ने पुलिस को ही दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।

‘कल के कायर आज के मुस्लिम’: यति नरसिंहानंद को गाली देती भीड़ को हिन्दुओं ने ऐसे दिया जवाब

यमुनानगर में माइक लेकर भड़काऊ बयानबाजी करती भीड़ को पीछे हटना पड़ा। जानिए हिन्दू कार्यकर्ताओं ने कैसे किया प्रतिकार?

थूको और उसी को चाटो… बिहार में दलित के साथ सवर्ण का अत्याचार: NDTV पत्रकार और साक्षी जोशी ने ऐसे फैलाई फेक न्यूज

सोशल मीडिया पर इस वीडियो के बारे में कहा जा रहा है कि बिहार में नीतीश कुमार के राज में एक दलित के साथ सवर्ण अत्याचार कर रहे।

जानी-मानी सिंगर की नाबालिग बेटी का 8 सालों तक यौन उत्पीड़न, 4 आरोपितों में से एक पादरी

हैदराबाद की एक नामी प्लेबैक सिंगर ने अपनी बेटी के यौन उत्पीड़न को लेकर चेन्नई में शिकायत दर्ज कराई है। चार आरोपितों में एक पादरी है।

पहले कमल के साथ चाकूबाजी, अगले दिन मुस्लिम इलाके में एक और हिंदू पर हमला: छबड़ा में गुर्जर थे निशाने पर

राजस्थान के छबड़ा में हिंसा क्यों? कमल के साथ फरीद, आबिद और समीर की चाकूबाजी के अगले दिन क्या हुआ? बैंसला ने ऑपइंडिया को सब कुछ बताया।

छबड़ा में कर्फ्यू जारी, इंटरनेट पर पाबंदी बढ़ी: व्यापारियों का ऐलान- दोषियों की गिरफ्तारी तक नहीं खुलेंगी दुकानें

राजस्थान के बाराँ स्थित छबड़ा में आबिद, फरीद और समीर की चाकूबाजी के अगले दिन भड़की हिंसा में मुस्लिम भीड़ ने 6 दर्जन के करीब दुकानें जला डाली थी।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,215FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe