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मिलिए UAE की एक बिजनेसवुमन से: खुद हिंदुओं के खिलाफ उगलती है जहर, सुधीर चौधरी को बता रही ‘इस्लामोफोबिक’

सुधीर चौधरी को इस्लामोफोब और नफरत करने वाला बताते हुए उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर अपना गुस्सा जाहिर किया। 22 नवंबर को, उन्होंने कथित तौर पर आईसीएआई अबू धाबी चैप्टर के सदस्यों द्वारा एक पत्र साझा किया जिसमें उन्होंने समिति से सुधीर को वक्ताओं की सूची से हटाने का आग्रह किया।

एक अमीराती व्यवसायी महिला, हेंड बिंत फैसल अल-कासिमी (Hend bint Faisal Al-Qasimi) ने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) के UAE चैप्टर के सेमिनार लाइनअप पर आपत्ति जताई है। जिसमें ज़ी न्यूज़ के एंकर और एडिटर सुधीर चौधरी को वक्ताओं के पैनल रूप में आमंत्रित किया गया है। सेमिनार 25 और 26 नवंबर को अबू धाबी में आयोजित है।

सुधीर चौधरी को इस्लामोफोब और नफरत करने वाला बताते हुए उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर अपना गुस्सा जाहिर किया। 22 नवंबर को, उन्होंने कथित तौर पर आईसीएआई अबू धाबी चैप्टर के सदस्यों द्वारा एक पत्र साझा किया जिसमें उन्होंने समिति से सुधीर को वक्ताओं की सूची से हटाने का आग्रह किया।

हेंड के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

पत्र में लिखा है, “हम चैप्टर के आगामी सेमिनार में एक विवादास्पद पत्रकार सुधीर चौधरी को वक्ताओं के पैनल में शामिल करने के निर्णय के प्रति अपनी निराशा और असहमति व्यक्त करते हैं।” पत्र में आगे यह भी कहा गया है कि सुधीर एक प्रमुख टीवी व्यक्तित्व हैं, लेकिन वह कई ‘गैर-पेशेवर पत्रकारिता के कामों और आपराधिक कृत्यों’ में भी शामिल रहे हैं।

इसमें कहा गया है, “हम एक विदेशी देश में उच्च प्रतिष्ठा और सद्भावना से जुड़े एक पेशेवर निकाय हैं, हमारे पास न केवल पेशेवर सेवाओं के उच्च स्तर की पेशकश करने की ज़िम्मेदारी है, बल्कि हमारे सदस्यों के बीच एक समेकित माहौल बनाए रखने की भी ज़िम्मेदारी है और स्थानीय कानूनों और संस्कृति का सम्मान करें। यूएई सहिष्णुता के लिए जाना जाता है, यह दुनिया भर के विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों के लोगों को अवसर प्रदान करता है – क्या हमें एक असहिष्णु व्यक्ति को आमंत्रित करना चाहिए और ऐसी सुंदर भावना को प्रदूषित करने की गुंजाइश देनी चाहिए, वह भी तब जब यूएई अपना 50वाँ राष्ट्रीय दिवस मना रहा हो? हम आपसे इस पर विचार करने और सुधीर चौधरी को वक्ताओं के पैनल से बाहर करने का अनुरोध करते हैं।”

हालाँकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि पत्र प्रामाणिक है या नहीं क्योंकि इसमें न तो कोई लोगो है और न ही नाम या हस्ताक्षर हैं। फिर भी, हेंड ने दावा किया है कि सुधीर चौधरी का नाम पैनल से हटा दिया गया है।

ICAI के वेबसाइट पर अलग ही कहानी

बता दें कि आईसीएआई यूएई चैप्टर की आधिकारिक वेबसाइट कुछ और ही कहानी कहती है। इस सप्ताह गुरुवार और शुक्रवार के लिए निर्धारित सेमिनार के लिए विवरण दिया गया है। इस कार्यक्रम के सेमिनार के लिएफाइनल किए गए वक्ताओं में से एक के रूप में सुधीर चौधरी का नाम भी है।

अबू धाबी में पेट्रोल पंप चलाने का दावा करने वाले अब्दुल्ला मदुमूल (Abdulla Madumoole) के हैंडल पर या साफ देखा जा सकता है कि उनकी टीम ने आईसीएआई के अधिकारियों से मुलाकात की, जिन्होंने सुधीर चौधरी का नाम लिस्ट से हटाने से इनकार करते हुए कहा कि इस तरह का निर्णय लेने में बहुत देर हो चुकी है।

जबकि हेंड ने दावा किया कि सुधीर इस्लामोफोबिक हैं, इस प्रकार उन्हें एक संगोष्ठी में बोलने के लिए आमंत्रित नहीं किया जाना चाहिए, उनके ट्वीट्स में उनका अपना हिंदूफोबिया भी स्पष्ट है। उनके कई ट्वीट्स में हिन्दूफोबिया साफ दीखता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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