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जो भी लड़ना चाहेंगे सबको देंगे हथियार: यूक्रेन के राष्ट्रपति का ऐलान, रूसी हमले के बाद 18000 भारतीय भी फँसे

रूस के हमले में यूक्रेन के अब तक 40 सैनिकों के मारे जाने की खबर है। जबकि इस हमले में 10 नागरिकों के भी मारे जाने की खबर है। वहीं यूक्रेन ने भी रूस के 50 सैनिकों और 6 फाइटर जेट्स और टैंकों को तबाह करने का दावा किया है।

रूस यूक्रेन पर हमला कर चुका है औऱ वह लगातार एक-एक कर उसके शहरों पर हमले करके उन्हें अपने कब्जे में ले रहा है। रसियन फोर्सेस ने यूक्रेन के हथियार कारखाने को नष्ट कर दिया है। इस हमले के बाद अब देश के राष्ट्रपति व्लदिमीर ज़ेलेंस्की ने अपने नागरिकों से भी देश की रक्षा के लिए हथियार उठाने की अपील की है।

उन्होंने एक ट्वीट में कहा के वो उन सभी लोगों को हथियार देंगे जो आगे आकर यूक्रेन की रक्षा के लिए लड़ना चाहेंगे। उन्होंने लोगों से शहरों के चौकों में यूक्रेन का समर्थन करने के लिए तैयार रहने को कहा है।

अपने दूसरे ट्वीट में ज़ेलेंस्की ने कहा कि उनकी सरकार क्षेत्रीय रक्षा के हिस्से के रूप में देश की रक्षा में हथियार उठाने वाले किसी भी नागरिक के खिलाफ प्रतिबंधों को हटाएगी।

इससे पहले यूक्रेन ने रूस के हमले के बाद उसके साथ सभी तरह के संबंधों को तोड़ने का ऐलान किया था। गौरतलब है कि रूस यूक्रेन के लगभग सभी प्रमुख शहरों में बड़े पैमाने पर हमले कर रहा है। हालाँकि, बावजूद इसके वो लगातार नागरिकों पर हमले करने की बात से इनकार कर रहा है औऱ यह दावा कर रहा है कि वो केवल यूक्रेनी सैन्य प्रतिष्ठानों को टार्गेट कर हमले कर रहा है।

हमले से पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के सैनिकों को सरेंडर करने के लिए कहा था।

कई लोग मारे गए

रिपोर्ट के मुताबिक, रूस के हमले में यूक्रेन के अब तक 40 सैनिकों के मारे जाने की खबर है। जबकि इस हमले में 10 नागरिकों के भी मारे जाने की खबर है। वहीं यूक्रेन ने भी रूस के 50 सैनिकों और 6 फाइटर जेट्स और टैंकों को तबाह करने का दावा किया है।

इस बीच यूक्रेन में भारत के दूतावास ने ये भी स्पष्ट कर दिया है कि रूसी हमले के बीच भी एम्बेसी को बंद नहीं किया जाएगा। भारत सरकार वहाँ फंसे 18000 लोगों को लगातार वहाँ से निकालने की कोशिश कर रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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