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डोनाल्ड ट्रंप नोबल शांति पुरस्कार के लिए नामित, UAE-इजराइल में शांति समझौते कराने के लिए आगे बढ़ाया गया नाम

टाइब्रिंग-ग्जेडे ने कथिततौर पर दुनियाभर के देशों के बीच कई विवादित मुद्दों को सुलझाने के लिए ट्रंप की तारीफ भी की है। उन्होंने पहले भी ट्रम्प के लिए 2018 में सिंगापुर शिखर सम्मेलन के लिए नोबेल शांति पुरस्कार प्राप्त करने के लिए नामांकन भरा था।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इस साल के नोबल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया गया है। कथिततौर पर नॉर्वे के सांसद ने इजराइल और संयुक्त अरब अमीरात के बीच ऐतिहासिक शांति समझौते कराने के लिए ट्रंप का नाम आगे बढ़ाया है।

फॉक्स न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार, नॉर्वेजियन संसद के सदस्य और नाटो (NATO) संसदीय विधानसभा के अध्यक्ष क्रिश्चियन टाइब्रिंग-ग्जेडे Tybring-Gjedde ने नामांकन भरा है।

टाइब्रिंग-ग्जेडे ने कथिततौर पर दुनियाभर के देशों के बीच कई विवादित मुद्दों को सुलझाने के लिए ट्रंप की तारीफ भी की है। उन्होंने पहले भी ट्रम्प के लिए 2018 में सिंगापुर शिखर सम्मेलन के लिए नोबेल शांति पुरस्कार प्राप्त करने के लिए नामांकन भरा था। इस सम्मेलन की मेजबानी किम जोंग-उन ने थी।

नॉर्वे के नेता ने एक विशेष साक्षात्कार में फॉक्स न्यूज से कहा, “मुझे लगता है कि उन्होंने देशों के बीच शांति स्थापित करने के लिए इस पुरस्कार के किसी भी दूसरे नामित सदस्य की तुलना में अधिक काम किया है।”

चार बार के सांसद टाइब्रिंग-ग्जेडे ने नोबेल शांति पुरस्कार समिति को अपने नामांकन पत्र में लिखा कि ट्रंप प्रशासन ने इजराइल और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच रिश्तों की शुरुआत में अहम भूमिका निभाई है।

उन्होंने फॉक्स न्यूज़ को आगे कहा कि, वैसे भी वह “ट्रम्प के बहुत बड़े समर्थक नहीं” है, “समिति को तथ्यों को देखना चाहिए और तथ्यों के अनुसार ही उनको जज करना चाहिए। न कि उस तरह से जैसा व्यवहार वह कभी-कभी करते है।”

नॉर्वे के नेता ने यह भी कहा कि हाल ही के वर्षों में जिन लोगों को शांति पुरस्कार मिला है, उन्होंने डोनाल्ड ट्रम्प की तुलना में बहुत कम काम किया है। जैसे कि, “बराक ओबामा ने कुछ नहीं किया।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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