Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयनाम Better और एक जूम मीटिंग में निकाल बाहर किए 900 कर्मचारी: जानिए कौन...

नाम Better और एक जूम मीटिंग में निकाल बाहर किए 900 कर्मचारी: जानिए कौन हैं विशाल गर्ग

विशाल गर्ग ने कंपनी से 900 कर्मचारियों को निकालने से पहले कहा कि वो कंपनी के 15% कर्मचारियों को कुछ कारणों से निकाल रहे हैं। ये कारण बाजार, प्रदर्शन, प्रोडक्टिविटी और क्षमता हैं।

अपनी कंपनी से एक साथ 900 कर्मचारियों को निकालना कोई सामान्य काम नहीं है, लेकिन Better.com के सीईओ विशाल गर्ग ने ये कर दिया है। उन्होंने एक वर्चुअल मीटिंग के दौरान ये ऐलान किया कि उनका जो कर्मचारी इस मीटिंग में जुड़ा है उसे तत्काल प्रभाव से टर्मिनेट किया जाता है। 

अब गर्ग की यही वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर हो रही है। कंपनी के किसी कर्मचारी ने ही इसे रिकॉर्ड करके इंटरनेट पर वायरल किया है। इस वीडियो में गर्ग के शब्द हैं, “अगर आप इस कॉल से जुड़े हैं, तो आप उस बदकिस्तम ग्रुप के सदस्य हैं, जिनकी छँटनी की जा रही है। आपकी सेवा को यहाँ तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाता है। एचआर की ओर से आपको मेल आ जाएगा।”

इस वीडियो के वायरल होने के बाद आम जन, 43 वर्षीय विशाल गर्ग के बारे में जानने के लिए लगातार सर्च कर रहे हैं। उनका नाम भी सोशल मीडिया पर ट्रेंड हो रहा है। ऐसे में बता दें कि ये विशाल गर्ग Better.com के संस्थापक और सीईओ हैं। इनकी यह कंपनी एक डिजिटल फर्स्ट होम ओनरशिप कंपनी है। इसके अलावा गर्ग के लिंक्डइन बायो के अनुसार वो निवेश करने वाली कंपनी वन जीरो कैपिटल के फाउंडिंग पार्टनर भी हैं। उन्होंने 7 साल की उम्र में भारत छोड़ा था। इसके बाद वह न्यूयॉर्क गए और हाई स्कूल से ही बिजनेस का सपना देखते थे।

द इंडिपेंडेंट की खबर के अनुसार, गर्ग के ऊपर उनकी पिछली कंपनियों में कई बार धोखाधड़ी और वित्तीय हेराफेरी का आरोप लगाया गया था। इसके अलावा इस वीडियो के आने से पहले और अपने कर्मचारियों को टर्मिनेट करने से पूर्व भी कई बार गर्ग चर्चा का कारण बने हैं। साल 2020 में भी उनके ऊपर उंगली उठी थी जब उन्होंने अपने कुछ कर्मचारियों को बेहद रूखे अंदाज में लिखा था, “तुम लोग बहुत ज्यादा धीमे हो। तुम एक बेवकूफ डॉलफिनों का पूरा झुंड हो जो जाल में फँसती हैं और शार्क उन्हें खा लेती है। तो रुक जाओ, रुक जाओ, रुक जाओ…तुम मुझे शर्मिंदा कर रहे हो।”

एक साल पहले अपने कर्मचारियों से इस लहजे में बात करने वाले विशाल गर्ग ने इस बार 900 कर्मचारियों को निकालने से पहले कहा कि वो कंपनी के 15% कर्मचारियों को कुछ कारणों से निकाल रहे हैं। ये कारण बाजार, प्रदर्शन, प्रोडक्टिविटी और क्षमता हैं।

इस घोषणा के साथ ही गर्ग ने अपने इन कर्मचारियों को टर्मिनेट करने के बाद कई सारी सुविधा देने का भी ऐलान किया है। हालाँकि सोशल मीडिया यूजर्स इस तरीके को नापसंद कर रहे हैं। नेटिजन्स को कंपनी से निकाले गए कर्मचारियों के लिए बुरा लग रहा है। वहीं कुछ का पूछना है कि अगर ये आदमी ऐसा है तो इसकी कंपनी में कौन निवेश करना चाहेगा। 

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कहीं लहराई तलवारें, कहीं चाकू गोदकर ले ली जान तो कहीं AK-47 दिखा फैलाई दहशत: मुहर्रम पर कई राज्यों में इस्लामी कट्टरपंथियों ने की...

देश के अलग-अलग हिस्सों से मुहर्रम के दौरान विवाद, झड़प और हिंसा की कई घटनाएँ सामने आई हैं। कहीं युवक की हत्या की गई को कहीं पुलिस पर हमला।

लड़कियों को फँसाओ, निकाह से पहले प्रेग्नेंट करो और बच्चा ले लो… क्या है ‘जिहाद अल-अकबर’, जिसके जरिए हिंदू महिलाओं के धर्मांतरण की साजिश...

पाकिस्तान में बैठे कट्टरपंथी आकाओं ने 'जिहाद अल अकबर' से एक खास एजेंडा तैयार किया है। बड़े पैमाने पर हिंदू महिलाओं का धर्मांतरण करवाना है।
- विज्ञापन -