Monday, June 17, 2024
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीययौन शोषण, ड्रग्स, बिना टिकट उत्पात: यूरो 2020 फाइनल मैच से पहले वेम्बली स्टेडियम...

यौन शोषण, ड्रग्स, बिना टिकट उत्पात: यूरो 2020 फाइनल मैच से पहले वेम्बली स्टेडियम का हुआ बुरा हाल: देखें वीडियो

वेम्बली स्टेडियम के बाहर इंग्लैंड समर्थकों ने हार से आहत होकर जमकर गुस्सा निकाला। सामने आई वीडियोज में उन्हें हल्ला मचाते, कोकेन उड़ाते, लोगों से बदसलूकी करते देखा जा सकता है।

वेम्बली स्टेडिम के बाहर 11 जुलाई (रविवार) को हुई हिंसा के बाद सोशल मीडिया पर कई तस्वीरें और वीडियोज सामने आई हैं। इसमें UEFA यूरो 2020 फाइनल फुटबॉल मैच में इटली की जीत से आहत इंग्लैंड समर्थक तोड़फोड़ करते, इटली के ध्वज को जलाने की कोशिश करते, उस पर थूकते, लोगों से बदसलूकी करते नजर आ रहे हैं।

इससे पहले रिपोर्ट सामने आई थी कि कैसे इंग्लैंड के फैन बिन टिकट स्टेडियम में घुसे और मैच से दो घंटे पहले ही हर सुरक्षा बैरियर के साथ खिलवाड़ किया। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्मादी समर्थकों ने दिव्यांग लोगों के प्रवेश द्वार से धावा बोला। हालत ये हो गई कि जो समर्थक टिकट खरीदकर आए थे वो अपनी सीटों पर नहीं बैठ पाए।

एक आइरिश टीवी प्रेसेंटेटर लॉरा वुड्स, जो उस समय वहाँ मौजूद थीं, ने कहा, “जब मैं लाइन में खड़ी थी तब देखा कि एक दिव्यांग व्यक्ति के अंदर जाने के लिए वेम्बली में एक गेट खुला, और देखते ही देखते इसमें लगभग 40 लोग बिना टिकट के स्टेडियम में जाने की कोशिश करने लगे।” 

वेम्बली स्टेडियम के बैरीकेड तोड़ते इंग्लैंड समर्थक

एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि घटना के समय समर्थक सीट के लिए लड़ रहे थे और कुछ समर्थक तो आखिर में उन सीटों पर जाकर बैठ गए जो खिलाड़ियों के परिवार वालों के लिए आरक्षित थी। इन सबके चलते इटली कोच के बेटे एंड्रिया मैनसिनी को खेल देखने के लिए सीढ़ियों पर बैठना पड़ा क्योंकि सीट सारी भर चुकी थी।

कई रिपोर्ट्स ऐसी भी आई हैं जो बताती है कि भीड़ ने वेम्बली स्टॉफ के साथ बदसलूकियाँ की। कुछ स्टाफ को सुरक्षित जगहों पर जाने को कह दिया गया क्योंकि अगर वो अपनी जगह तैनात रहते तो उनकी जान को खतरा हो सकता था।

एक वॉलिंटियर ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, “मैं स्टेडियम के बाहर खड़ी थी। हमें हमारे बचाव के लिए भागना पड़ा। हमे अंदर जाने से मना किया गया था। क्योंकि स्थिति बहुत बेकार थी।”  वॉलिंटियर ने बताया कि उनकी टीम को फौरन किसी सुरक्षित जगह पर भेजा गया। इस बीच समर्थको ने बियर के डिब्बे मिसाइल की तरह फेंकने शुरू कर दिए थे।

मिरर की रिपोर्ट के अनुसार, एक प्रबंधक को चाकू से धमकाया गया जबकि एक महिला समर्थक वास्तविकता में यौन शोषण का शिकार हुई। पूरे हड़कम्प में कुछ समर्थकों को कोकेन भी फेंकते देखा जा सकता है। 21 सेकेंड की वीडियो में देख सकते हैं कि एक हिंसक समर्थक किसी चीज पर चढ़ता है और भीड़ पर कोक फेंक देता है। वही भीड़ उसका ऐसे उत्साह बढ़ाती है जैसे उनका यही उद्देश्य हो।

इस हिंसा में इंग्लैंड खिलाड़ियों को भी सोशल मीडिया पर उलटा सीधा कहा गया। हिंसा के बाद पुलिस ने इंग्लैंड समर्थकों की बदसलूकी के चलते उन पर एक्शन लिया। वहीं जो प्लेयर मैच में पेनल्टी मिस कर गए उनपर सोशल मीडिया पर गुस्सा उतारा गया। इस पूरे मामले में 53 दंगाइयों की गिरफ्तारी हुई है। 19 अधिकारियों को चोट आई है। पुलिस का कहना है कि इस तरह की हिंसा को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। घटना के बाद जाँच की जा रही है और पड़ताल के बाद अपराधियों को पकड़कर सजा दी जाएगी।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

ऋषिकेश AIIMS में भर्ती अपनी माँ से मिलने पहुँचे CM योगी आदित्यनाथ, रुद्रप्रयाग हादसे के पीड़ितों को भी नहीं भूले

उत्तराखंड के ऋषिकेश से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यमकेश्वर प्रखंड का पंचूर गाँव में ही योगी आदित्यनाथ का जन्म हुआ था।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -