कॉन्ग्रेस के 90 में से 40 उम्मीदवारों ने की अपने खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की घोषणा, 27 पर हैं गंभीर आरोप

यह मजबूरी ही हो सकती है कि राजनीतिक दलों को ऐसे उम्मीदवारों को भी अपना चेहरा बनाकर संसद भेजना होता है। हालाँकि, संविधान किसी ना किसी तरह से इन्हें ऐसा करने की मान्यता देता है।

राजनीति में बुरा विकल्प और बुरे में अच्छा विकल्प जैसी चर्चा नई बात नहीं हैं। हर दिन हमें देखने को मिलता है की राजनीतिक दलों के नेता एक-दूसरे पर आरोप लगाते नजर आते हैं। अगर नामांकन से प्राप्त इन आंकड़ों को देखें तो छवि को बनाने और धूमिल करने के इस खेल में देश की सबसे पुरानी पार्टी, कॉन्ग्रेस सबसे आगे चल रही है। हालाँकि, भाजपा जैसे दल भी इस मामले में पीछे नहीं हैं।

इस लोकसभा चुनाव में कोई भी प्रमुख राजनीतिक दल यह दावा नहीं कर सकता है कि उसने आपराधिक छवि वाले लोगों को टिकट नहीं दिया है। कॉन्ग्रेस हो या भाजपा, दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दल बड़ी संख्या में आपराधिक छवि वाले लोगों को अपना उम्मीदवार बना रहे हैं। यह मजबूरी ही हो सकती है कि राजनीतिक दलों को ऐसे उम्मीदवारों को भी अपना चेहरा बनाकर संसद भेजना होता है। हालाँकि, संविधान किसी ना किसी तरह से इन्हें ऐसा करने की मान्यता देता है। आपराधिक छवि वाले लोगों को टिकट देने में सियासी रूप से मजबूत पकड़ रखने वाले प्रमुख क्षेत्रीय दल भी पीछे नहीं हैं।

संख्या के हिसाब से लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में कॉन्ग्रेस के कुल 90 उम्मीदवारों में से 40 उम्मीदवार ऐसे हैं, जिन्होंने अपने खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की घोषणा की है। यह कुल उम्मीदवारों का 44% है।

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इसी क्रम में, भाजपा के कुल 97 उम्मीदवारों में 38 ने चुनाव आयोग को दिए अपने हलफनामों में अपने खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी दी है। तीसरे चरण में इन दोनों प्रमुख दलों के साथ ही बहुजन समाज पार्टी के भी 11 उम्मीदवार ऐसे हैं, जिनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं CPIM के 7 उम्मीदवारों पर भी आपराधिक मामले दर्ज हैं।

SP ने 5 और ममता दीदी की तृणमूल कॉन्ग्रेस ने 4 आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को अपना उम्मीदवार बनाया है। बता दें कि इनमें कुछ ऐसे भी उम्मीदवार हैं जिन पर हत्या, रेप और हत्या के प्रयास और ऐसे ही अन्य मामले हैं। इन मामलों में पाँच साल या इससे अधिक की सजा हो सकती है।

कॉन्ग्रेस में सर्वाधिक हैं गंभीर आपराधिक मामले वाले प्रत्याशी

कॉन्ग्रेस पार्टी में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज होने के बावजूद टिकट पाने वाले उम्मीदवारों की संख्या भाजपा से एक अधिक होकर 27 है। भाजपा ने तीसरे चरण के लोकसभा चुनाव के लिए कुल 97 में ऐसे 26 उम्मीदवारों को टिकट दिया है जिन पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं BSP के 92 में से 2 उम्मीदवारों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।

शिवसेना की तरफ से घोषित 22 उम्मीदवारों में 2 दो उम्मीदवार ऐसे हैं, जिन पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। CPM ने 6, NCP ने 5, SP ने 4 और TMC ने 4 ऐसे लोगों को टिकट दिया है, जिन पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।

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