Saturday, October 16, 2021
Homeरिपोर्टमीडियाफ़र्ज़ी डिफेंस पत्रकार अजय शुक्ला के झूठ का पर्दाफ़ाश, भारतीय वायुसेना ने दिया जवाब

फ़र्ज़ी डिफेंस पत्रकार अजय शुक्ला के झूठ का पर्दाफ़ाश, भारतीय वायुसेना ने दिया जवाब

बालाकोट हवाई हमले पर जिन पत्रकारों को भारत सरकार पर संदेह था, अजय शुक्ला ने उन्हीं के झूठ को और आगे बढ़ाने का काम किया। इस झूठ को आगे बढ़ाने वालों में कृष्ण प्रताप सिंह और अभिसार शर्मा भी शामिल थे।

27 फरवरी को श्रीनगर में हेलीकॉप्टर दुर्घटना की जाँच के लिए IAF कोर्ट ऑफ एन्क्वायरी के गठन के संदर्भ में झूठी ख़बर फैलाने के लिए NDTV के पूर्व पत्रकार और वर्तमान बिजनेस स्टैंडर्ड के स्तंभकार, अजय शुक्ला को भारतीय वायु सेना ने आड़े हाथों लेते हुए ट्विटर पर उनके ब्लॉग का जवाब दिया।

भारतीय वायु सेना के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से कहा गया कि अजय शुक्ला ने अपने ब्लॉग में ग़लत अनुमान लगाया था कि 27 फरवरी को श्रीनगर में हुई Mi-17 V5 हेलीकॉप्टर दुर्घटना की जाँच के लिए गठित IAF कोर्ट ऑफ एन्क्वायरी को कुछ समय के लिए रोका गया गया है। भारतीय वायु सेना ने कहा, “यह उनकी कल्पना है और भारतीय वायु सेना इसे स्पष्ट रूप से नकारती है।”

IAF ने यह भी कहा कि विमान दुर्घटनाओं की कोर्ट ऑफ़ एन्क्वॉयरी पूरी होने में कुछ समय लगेगा। सभी मामलों में जाँच पूरी होने तक IAF द्वारा एक कोर्ट ऑफ़ एन्क्वायरी की कार्यवाही पर टिप्पणी नहीं की जा सकती। वायुसेना ने यह भी कहा कि लोकसभा चुनाव और कोर्ट ऑफ़ एन्क्वॉयरी पूरा होने के बीच कोई संबंध नहीं है।

अजय शुक्ला ने लिखा था कि भारतीय वायु सेना को आदेश दिया गया है कि वह चुनाव तक अपनी कोर्ट ऑफ़ एन्क्वायरी की कार्यवाही रोककर रखे जिसमें यह सामने आने वाला था कि एयरफोर्स का हेलीकॉप्टर बालाकोट हमले के एक दिन बाद “Friendly Fire” में वायुसेना की ही मिसाइल द्वारा मार गिराया गया था। शुक्ला के अनुसार यह बात सामने आ जाती तो सरकार पर और चुनावों पर इसका बुरा असर पड़ता इसीलिए सरकार ने कोर्ट ऑफ़ इन्क्वायरी रोक रखी थी। भारतीय वायुसेना ने शुक्ला के इन दावों का खंडन किया है।

इसके अलावा, अजय शुक्ला ने अपने ब्लॉग में यह भी लिखा था कि भारतीय वायु सेना ने इन वाहियात अटकलों पर प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया था, यह कहते हुए कि पूछताछ अभी भी जारी है और किसी निष्कर्ष पर पहुँचने के लिए कोर्ट ऑफ़ एन्क्वायरी को समय लगता है और इस पर कोई भविष्यवाणी नहीं की जा सकती।

यह स्पष्ट है कि अजय शुक्ला ने अपने बेतुके सिद्धांतों के साथ IAF कोर्ट ऑफ़ एन्क्वायरी के नाम पर 2019 के चुनावों में भ्रामकता फैलाने का प्रयास किया। उनकी मंशा रहती है कि वो पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत सरकार की ओर से किए गए अभियानों से यह सिद्ध कर सकें कि सरकार इससे कुछ छिपाने का काम कर रही है। पुलवामा आतंकी हमले के बाद अजय शुक्ला, भारत पर पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे आतंक और बलिदानियों के परिवारों के बारे में बात करने की बजाय आतंकवादी हमले से प्रधानमंत्री मोदी को मिलने वाले ‘लाभ’ पर अधिक चिंतित रहते हैं। वास्तव में यह स्पष्ट झूठ अन्य तथाकथित पत्रकारों द्वारा भी आगे बढ़ाया गया था।

बालाकोट हवाई हमले पर जिन पत्रकारों को भारत सरकार पर संदेह था, अजय शुक्ला ने उन्हीं के झूठ को और आगे बढ़ाने का काम किया। इस झूठ को आगे बढ़ाने वालों में कृष्ण प्रताप सिंह और अभिसार शर्मा भी शामिल थे जिन्होंने शुक्ला के ब्लॉग को खूब रीट्वीट किया था।

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

सरकारी नौकरी से निकाला गया सैयद अली शाह गिलानी का पोता, J&K में रिसर्च ऑफिसर बन कर बैठा था: आतंकियों के समर्थन का आरोप

अलगाववादी नेता रहे सैयद अली शाह गिलानी के पोते अनीस-उल-इस्लाम को जम्मू कश्मीर में सरकारी नौकरी से निकाल बाहर किया गया है।

मुस्लिम बहुल किशनगंज के सरपंच से बनवाया था आईडी कार्ड, पश्चिमी यूपी के युवक करते थे मदद: Pak आतंकी अशरफ ने किए कई खुलासे

पाकिस्तानी आतंकी ने 2010 में तुर्कमागन गेट में हैंडीक्राफ्ट का काम शुरू किया। 2012 में उसने ज्वेलरी शॉप भी ओपन की थी। 2014 में जादू-टोना करना भी सीखा था।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
129,004FollowersFollow
411,000SubscribersSubscribe