Thursday, February 25, 2021
Home रिपोर्ट मीडिया 'सनसनी फैलाने से बचे टीवी मीडिया, उनके लिए स्व-नियामक संस्था जल्द': जावड़ेकर ने कहा-...

‘सनसनी फैलाने से बचे टीवी मीडिया, उनके लिए स्व-नियामक संस्था जल्द’: जावड़ेकर ने कहा- स्वतंत्रता के साथ आती है जिम्मेदारी

जावड़ेकर ने 'फ्री प्रेस' को लोकतंत्र की आधारशिला बताते हुए कहा कि स्वतंत्रता अपने साथ कुछ जिम्मेदारी भी लाती है और न्यूज़ चैनल सनसनी फैलाना बंद करें। उन्होंने मीडिया चैनलों को समझाया कि एक 'जिम्मेदार स्वतंत्रता' होनी चाहिए।

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि टीवी मीडिया के पास अपनी एक स्व-नियामक संस्था होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि जस्टिस एके सिकरी के नेतृत्व में एक एजेंसी का गठन किया गया है, जो टीवी मीडिया न्यूज़ चैनलों के नियम तय करेगी। उन्होंने कहा कि कई टीवी चैनल इसके सदस्य भी नहीं हैं। उन्होंने बताया कि इन टीवी मीडिया चैनलों के लिए ‘कोड ऑफ कंडक्ट’ बनाने हेतु कई प्रस्ताव आए हैं।

उन्होंने ‘फ्री प्रेस’ को लोकतंत्र की आधारशिला बताते हुए कहा कि स्वतंत्रता अपने साथ कुछ जिम्मेदारी भी लाती है और न्यूज़ चैनल सनसनी फैलाना बंद करें। वो राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित एक वेबिनार में बोल रहे थे। सोमवार (नवंबर 16, 2020) को इस कार्यक्रम में बोलते हुए जावड़ेकर ने फ्री प्रेस को लोकतंत्र की आत्मा बताया और मीडिया चैनलों को समझाया कि एक ‘जिम्मेदार स्वतंत्रता’ होनी चाहिए।

उन्होंने मीडिया चैनलों को याद दिलाया कि कोई खबर जान-बूझकर किसी को बदनाम करने के लिए नहीं चलाई जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि आज जिस तरह से मीडिया की स्वतंत्रता पर हमला किया जा रहा है, वो निंदनीय है। कुछ चैनलों द्वारा टीआरपी में घपले के आरोपों पर उन्होंने बताया कि मंत्रालय द्वारा गठित समिति इसकी जाँच कर जल्द ही रिपोर्ट देगी। उन्होंने इससे निराशा जताई कि टीवी चैनलों के लिए कोई नियामक संस्था नहीं है।

उन्होंने PCI के बारे में कहा कि यहाँ कई मीडिया संस्थानों के अलावा संसद से भी प्रतिनिधित्व है। उन्होंने कहा कि PCI को और शक्ति देने के लिए विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टीवी चैनलों के लिए ‘कोड ऑफ कंडक्ट’ बनाने को लेकर प्रक्रिया विचाराधीन है। इसी तरह उन्होंने OTT प्लेफॉर्म्स के लिए भी कोई नियामक संस्था न होने की बात पर निराशा व्यक्त की और कहा कि इस पर विचार चल रहा है।

उन्होंने कहा कि OTT प्लेटफॉर्म्स को लेकर कई शिकायतें आई हैं कि वहाँ भ्रामक तथ्य फैलाए जा रहे हैं और फेक न्यूज़ को जमकर बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही उनके द्वारा धार्मिक भावनाओं को आहत किए जाने की शिकायतें भी मिल रही हैं। प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि मीडिया इंडस्ट्री में आज ‘फेक न्यूज़’ सबसे बड़ी समस्या है और इससे निपटने के लिए लगातार विचार हो रहा है। जल्द ही इनके लिए ‘कॉमन कोड ऑफ कंडक्ट’ आएगा।

हाल ही में ऑपइंडिया के सम्पादक अजीत भारती ने भी केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर का इंटरव्यू लिया था, जिसमें उनसे इस विषय में सवाल पूछे गए थे। केंद्रीय मंत्री से जब पूछा गया कि डिजिटल मीडियम में फिलहाल किस तरह की चुनौतियाँ हैं? तो उन्होंने इसका जवाब देते हुए कहा था कि यह बहुत ही महत्वपूर्ण पहलू है और उनका मानना है कि डिजिटल मीडिया सेल्फ रेग्युलेट करे, लेकिन अगर उन्हें मदद चाहिए, तो वो मदद करने के लिए भी तैयार हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

भगोड़े नीरव मोदी भारत लाया जाएगा: लंदन कोर्ट ने दी प्रत्यर्पण को मंजूरी, जताया भारतीय न्यायपालिका पर विश्वास

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नीरव की मानसिक सेहत को लेकर लगाई गई याचिका को ठुकरा दिया। साथ ही ये मानने से इंकार किया कि नीरव मोदी की मानसिक स्थिति और स्वास्थ्य प्रत्यर्पण के लिए फिट नहीं है।

LoC पर युद्धविराम समझौते के लिए भारत-पाक तैयार, दोनों देशों ने जारी किया संयुक्त बयान

दोनों देशों ने तय किया कि आज, यानी 24-45 फरवरी की रात से ही उन सभी पुराने समझौतों को फिर से अमल में लाया जाएगा, जो समय-समय पर दोनों देशों के बीच हुए हैं।

यहाँ के CM कॉन्ग्रेस आलाकमान के चप्पल उठा कर चलते थे.. पूरे भारत में लोग उन्हें नकार रहे हैं: पुडुचेरी में PM मोदी

PM मोदी ने कहा कि पहले एक महिला जब मुख्यमंत्री के बारे में शिकायत कर रही थी, पूरी दुनिया ने महिला की आवाज में उसका दर्द सुना लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री ने सच बताने की बजाए अपने ही नेता को गलत अनुवाद बताया।

‘लोकतंत्र सेनानी’ आज़म खान की पेंशन पर योगी सरकार ने लगाई रोक, 16 सालों से सरकारी पैसों पर कर रहे थे मौज

2005 में उत्तर प्रदेश की मुलायम सिंह यादव की सपा सरकार ने आजम खान को 'लोकतंत्र सेनानी' घोषित करते हुए उनके लिए पेंशन की व्यवस्था की थी।

RSS कार्यकर्ता नंदू की हत्या के लिए SDPI ने हिन्दूवादी संगठन को ही बताया जिम्मेदार: 8 गुंडे पुलिस हिरासत में, BJP ने किया बंद...

BJP ने RSS कार्यकर्ता की हत्या के विरोध में अलप्पुझा जिले में सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक ‘हड़ताल’ का आह्वान किया है। 8 SDPI कार्यकर्ता हिरासत में हैं।

दिल्ली दंगों का 1 साल: मस्जिदों को राशन, पीड़ित हिन्दुओं को लंबी कतारें, प्रत्यक्षदर्शी ने किया खालसा व केजरीवाल सरकार की करतूत का खुलासा

ऑपइंडिया ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के स्थानीय लोगों से बात की, जिन्होंने दंगों को लेकर अपने अनुभव साझा किए और AAP सरकार के दोहरे रवैए के बारे में बताया।

प्रचलित ख़बरें

उन्नाव मर्डर केस: तीसरी लड़की को अस्पताल में आया होश, बताई वारदात से पहले की हकीकत

विनय ने लड़कियों को कीटनाशक पिलाकर बेहोश किया और बाद में वहाँ से चला गया। बेहोशी की हालत में लड़कियों के साथ किसी तरह के सेक्सुअल असॉल्ट की बात सामने नहीं आई है।

ई-कॉमर्स कंपनी के डिलीवरी बॉय ने 66 महिलाओं को बनाया शिकार: फीडबैक के नाम पर वीडियो कॉल, फिर ब्लैकमेल और रेप

उसने ज्यादातर गृहणियों को अपना शिकार बनाया। वो हथियार दिखा कर रुपए और गहने भी छीन लेता था। उसने पुलिस के समक्ष अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

कला में दक्ष, युद्ध में महान, वीर और वीरांगनाएँ भी: कौन थे सिनौली के वो लोग, वेदों पर आधारित था जिनका साम्राज्य

वो कौन से योद्धा थे तो आज से 5000 वर्ष पूर्व भी उन्नत किस्म के रथों से चलते थे। कला में दक्ष, युद्ध में महान। वीरांगनाएँ पुरुषों से कम नहीं। रीति-रिवाज वैदिक। आइए, रहस्य में गोते लगाएँ।

महिला ने ब्राह्मण व्यक्ति पर लगाया था रेप का झूठा आरोप: SC/ST एक्ट में 20 साल की सज़ा के बाद हाईकोर्ट ने बताया निर्दोष

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा, "पाँच महीने की गर्भवती महिला के साथ किसी भी तरह की ज़बरदस्ती की जाती है तो उसे चोट लगना स्वाभाविक है। लेकिन पीड़िता के शरीर पर इस तरह की कोई चोट मौजूद नहीं थी।”

UP: भीम सेना प्रमुख ने CM आदित्यनाथ, उन्नाव पुलिस के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत दर्ज की FIR

भीम सेना प्रमुख ने CM योगी आदित्यनाथ और उन्नाव पुलिस अधिकारियों पर गुरुग्राम में SC/ST एक्ट के तहत शिकायत दर्ज करवाई है।

लोगों को पिछले 10-15 सालों से थूक वाली रोटियाँ खिला रहा था नौशाद: पूरे गिरोह के सक्रीय होने का संदेह, जाँच में जुटी पुलिस

नौशाद के साथ शादी समारोह में लगे ठेकेदारों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। वो शहर की कई मंडपों और शादियों में खाना बना चुका है।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

291,994FansLike
81,859FollowersFollow
392,000SubscribersSubscribe