Wednesday, June 19, 2024
Homeरिपोर्टमीडियाट्विटर को 1.14 बिलियन डॉलर का घाटा, पक्षपाती सेंसरशिप को लेकर है विवादों में

ट्विटर को 1.14 बिलियन डॉलर का घाटा, पक्षपाती सेंसरशिप को लेकर है विवादों में

ट्विटर के एक्सपेंडिचर में 19 फीसदी की वृद्धि हुई है और यह बढ़कर 3.69 बिलियन डॉलर हो गया है। इसी दौरान रेवेन्यू 7 फीसदी की वृद्धि के साथ 3.72 बिलियन डॉलर हो गया है।

ट्विटर को साल 2020 में 1.14 बिलियन डॉलर का घाटा हुआ है। माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट ट्विटर इस समय बड़े पैमाने पर पक्षपाती सेंसरशिप के लिए वैश्विक स्तर पर विवादों का सामना कर रहा है।

वैश्विक कोरोना वायरस महामारी के कारण पैदा हुए आर्थिक संकट के बीच भारत सरकार के साथ सोशल मीडिया दिग्गज की काफी खींचतान चल रही है। दरअसल, सरकार ने भारत में कृषि कानून आंदोलन के बाद भड़की हिंसा के मद्देनजर कुछ उपद्रवी तत्वों के अकाउंट को बैन करने की माँग की थी, जिससे ट्विटर ने इनकार कर दिया था।

रिपोर्टों के अनुसार ट्विटर के एक्सपेंडिचर में 19 फीसदी की वृद्धि हुई है और यह बढ़कर 3.69 बिलियन डॉलर हो गया है। इसी दौरान रेवेन्यू 7 फीसदी की वृद्धि के साथ 3.72 बिलियन डॉलर हो गया है। हालॉंकि कंपनी ने 27 मिलियन डॉलर का ऑपरेटिंग इनकम दर्ज किया। ब्याज और कर देनदारी की वजह से कंपनी 1,135,626,000 को डॉलर का नेट लॉस हुआ है।

ट्विटर का फाइनेंशियल स्टेटमेंट

कथित तौर पर ट्विटर इस साल की पहली तिमाही में 940 मिलियन से 1.04 बिलियन डॉलर के बीच रेवेन्यू की उम्मीद कर रहा है। 2020 की आखिरी तिमाही में ट्विटर को 1.29 बिलियन डॉलर का राजस्व मिला। इसके कारण बुधवार को इसके शेयर में 7 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, साल-दर-साल राजस्व में 28% की वृद्धि हुई। मोनेटिसबल डेली यूजर संख्या में 27% बढ़ोतरी हुई है, जिसके चलते यूज़र्स की संख्या कुल 192 मिलियन हो गई है।

ट्विटर के सीईओ जैक डोर्सी ने मंगलवार जानकारी दी थी, “साल 2020 ट्विटर के लिए काफी अच्छा रहा। हमें सार्वजनिक वार्तालाप, विशेषकर इस अभूतपूर्व समय में सेवा देने के लिए पहले से कहीं अधिक गर्व है।”

उन्होंने दावा किया कि माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट सही बातचीत को बढ़ावा देने की योजना बना रहा है और 2021 में नवीनकरण को लेकर काफी उत्साहित भी है। इसके अलावा उन्होंने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को आड़े हाथों लेते हुए दावा किया कि ट्विटर किसी एक विषय या व्यक्ति से बड़ा है।

गौरतलब है ट्विटर के अड़ियल रुख पर केंद्र सरकार के सख्त रवैये के बाद ट्विटर ने आखिरकार सरकार द्वारा दी गई सूची में से 97% से अधिक अकाउंट पर प्रतिबंध लगा दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार ने ट्विटर को 1,435 ट्विटर अकाउंट पर एक्शन लेने का आदेश दिया था, जिनमें से अब तक 1,398 अकाउंट को हटा दिया गया है।

इसके अलावा, ट्विटर ने अपनी भारत की टीम को पुनर्गठित करने की भी बात कही है, ताकि अपने स्थानीय कार्यालयों में अधिक वरिष्ठ अधिकारियों को नियुक्त कर वो कानून संबंधी मामलों को अधिक कुशलता से देख सके। यह खबर ऐसे समय में सामने आई है, जब यह चर्चा जोर पकड़ रही थी कि भारत सरकार ट्विटर के कुछ शीर्ष अधिकारियों को भारत के कानूनों के खिलाफ मनमानी करने और आदेशों की अवहेलना के चलते गिरफ्तार कर सकती है।

वहीं आज (फरवरी 12, 2021) सुप्रीम कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर केंद्र और ट्विटर को नोटिस जारी करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अभद्र भाषा और अपमानजनक सामग्री को रोकने के निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि ट्विटर पर इस तरह के संदेश आने के बाद उनकी तरफ से क्या किया जा सकता है?

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

14 फसलों पर MSP की बढ़ोतरी, पवन ऊर्जा परियोजना, वाराणसी एयरपोर्ट का विस्तार, पालघर का पोर्ट होगा दुनिया के टॉप 10 में: मोदी कैबिनेट...

पालघर के वधावन पोर्ट की क्षमता अब 298 मिलियन टन यूनिट की जाएगी। इससे भारत-मिडिल ईस्ट कॉरिडोर भी मजबूत होगा। 9 कंटेनर टर्मिनल होंगे।

किताब से बहती नदी, शरीर से उड़ते फूल और खून बना दूध… नालंदा की तबाही का दोष हिन्दुओं को देने वाले वामपंथी इतिहासकारों का...

बख्तियार खिजली को क्लीन-चिट देने के लिए और बौद्धों को सनातन से अलग दिखाने के लिए वामपंथी इतिहासकारों ने नालंदा विश्वविद्यालय को तबाह किए जाने का दोष हिन्दुओं पर ही मढ़ दिया। इसके लिए उन्होंने तिब्बत की एक किताब का सहारा लिया, जो इस घटना के 500 साल बाद लिखी गई थी और जिसमें चमत्कार भरे पड़े थे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -