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पैंगोंग झील के दक्षिणी छोर पर भारतीय सीमा में धराया चीनी सैनिक: हिरासत में लेकर हो रही है पूछताछ

चीनी सैनिक से पूरे नियम और प्रक्रिया के साथ ही पूछताछ की जा रही है। वहीं, इसकी जाँच भी की जा रही कि चीनी सैनिक किन हालातों में भारतीय इलाके में पहुँचा था। चीनी सैनिक को पैंगोंग झील के दक्षिणी छोर से पकड़ा गया है।

पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन उकसावे वाली हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। भारत और चीन के बीच जारी सैन्य तनाव के बीच शुक्रवार (जनवरी 08, 2021) को चीन का एक सैनिक भारतीय सीमा में घुस गया। वो पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे वाले इलाके में घुसा जिसे भारतीय सैनिकों ने हिरासत में ले लिया। 

बताया जा रहा है की चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) का एक सैनिक एलएसी को लाँघकर भारतीय सीमा में पहुँच गया, लेकिन वहाँ तैनात भारतीय सैन्य टुकड़ी ने उसे दबोच लिया। एक अधिकारी ने बताया, “पीएलए सैनिक एलएसी के इस तरफ सीमा पार कर आ गया था। इसके बाद इलाके में तैनात भारतीय सेना ने उसे कस्टडी में ले लिया था।” उन्होंने यह भी बताया कि सैनिक से पूरे नियम और प्रक्रिया के साथ ही पूछताछ की जा रही है। वहीं, इसकी जाँच भी की जा रही कि चीनी सैनिक किन हालातों में भारतीय इलाके में पहुँचा था। चीनी सैनिक को पैंगोंग झील के दक्षिणी छोर से पकड़ा गया है।

गौरतलब है कि इससे पहले अक्टूबर में एक चीनी सैनिक LAC पर भटकता हुआ पहुँच गया था, जिसे भारतीय सेना ने पकड़ लिया था। PLA सैनिक को पूर्वी लद्दाख के चुमार-डेमचोक इलाके में पकड़ा गया था। हालाँकि, पूछताछ करके भारतीय सौनिकों ने उस चीनी सैनिक को चीन को वापस कर दिया। इस दौरान भारतीय सेना ने चीनी सैनिक को ठंडे मौसम से बचाने के लिए मेडिकल मदद के साथ साथ खाना-पीना और गर्म कपड़े भी दिए थे।

बता दें कि एलएसी के दोनों तरफ भारी संख्या में सैनिकों की तैनाती लंबे समय से बरकरार है। अप्रैल महीने में ही कुछ चीनी सैनिकों ने भारतीय सीमा में अतिक्रमण करने की कोशिश की थी जिसका भारत की तरफ से करारा जवाब दिया गया। बाद में 15 जून को गलवान घाटी में चीनी सैनिकों ने धोखे से भारतीय सैनिकों पर गैर-परंपरागत हथियारों से हमला कर दिया जिसमें 20 भारतीय सैनिक वीरगति को प्राप्त हो गए थे जबकि करीब दोगुने तादाद में चीनी सैनिक भी मारे गए।

सीमा पर जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए भारत और चीन के बीच सैन्य कमांडर लेवल की कई दौर की बातचीत हो चुकी है। चीन चाहता है कि पहले भारत रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण उन चोटियों से पीछे हट जाए जिन पर दिसंबर महीने में उसका कब्जा हुआ था। वहीं, भारत ने चीन को इसकी पहल करने को कही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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