Thursday, June 30, 2022
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मेडिकल फैसिलिटी, कैंटीन, अलाउंस, बीमा, मेडल, छुट्टियाँ… वायुसेना ने बताया ‘अग्निवीरों’ को क्या-क्या मिलेगा, बलिदानियों को ₹1 करोड़

मेडिकल ट्रेडमैन को छोड़कर भारतीय वायुसेना के नियमित कैडर में उन्हीं अभ्यर्थियों को लिया जाएगा, जिन्होंने अग्निवीर के रूप में अपना कार्यकाल पूरा किया है। सेना या किसी अन्य फोर्स में इनकी नियुक्ति सरकारी नियमों के अनुसार ही होगी।

केंद्र की महत्वाकांक्षी अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) को लेकर जारी हिंसा के बीच भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) ने रविवार (19 जून 2022) को अग्निवीरों (Agniveer) की भर्ती से संबंधित नोटिफिकेशन जारी किया।

पहली भर्ती गाइडलाइन में वायुसेना ने कहा है कि अग्निवीरों को अपनी चार साल की नौकरी पूरी करनी होगी। इससे पहले वे फोर्स नहीं छोड़ सकेंगे। ऐसा करने के लिए उन्हें अधिकारी की सहमति लेनी होगी। इसके साथ ही 18 साल से कम उम्र के अग्निवीरों को अपने माता-पिता या अभिभावक की सहमति आवश्यक होगी।

गाइडलाइन में अग्निवीरों की छुट्टी और मेडिकल फैसिलिटी से संबंधित संशयों का निराकरण किया गया है। गाइडलाइन में कहा गया है कि अग्निवीर सभी सैन्य सम्मान और पुरस्कार के हकदार होंगे। इन्हें साल में तीस दिन की छुट्‌टी दी जाएगी। इसके अलावा, बीमार होने पर डॉक्टर की सलाह पर सिक लीव भी मिलेगी।

अग्निवीरों की भर्ती 17.5 से 21 साल के बीच के आयु वालों की और फिजिकल फिटनेस एवं शैक्षणिक योग्यता के आधार पर की जाएगी। 18 साल से कम आयु के अभ्यर्थियों को अपने माता-पिता या अभिभावकों की सहमति जरूरी होगी। चुने जाने के बाद उन्हें मिलिट्री की ट्रेनिंग दी जाएगी।

अग्निवीरों की ड्रेस तय होगी और उन्हें अपनी वर्दी में ही ड्यूटी करनी होगी। किसी भी ड्यूटी के लिए कहीं भी भेजा जा सकता है। इस दौरान उन्हें मेडिकल फैसिलिटी और कैंटीन की सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा, वेतन के साथ-साथ रिस्क, हार्डशिप, ड्रेस एवं ट्रैवल अलाउंस भी दिया जाएगा। अग्निवीरों को 48 लाख रुपए का बीमा कवर दिया जाएगा।

अगर कोई अग्निवीर अपनी सेवाकाल के दौरान वीरगति को प्राप्त होता है तो उसके परिवार को बीमा समेत करीब एक करोड़ रुपए से अधिक की राशि दी जाएगी। विकलांगता पर एक्स-ग्रेशिया और बची हुई नौकरी की वेतन और सेवा निधि की 10.04 लाख सहित राशि दी जाएगी।

अगर सेवाकाल के दौरान किसी अग्निवीर की मौत हो जाती है तो उसे 48 रुपए की बीमा राशि, सेवा निधि और बाकी बचे सेवा काल का वेतन दिया जाएगा। चार साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद ऐसे लोगों को अग्निवीर का प्रमाण पत्र दिया जाएगा।

इसके अलावा, मेडिकल ट्रेडमैन को छोड़कर भारतीय वायुसेना के नियमित कैडर में उन्हीं अभ्यर्थियों को लिया जाएगा, जिन्होंने अग्निवीर के रूप में अपना कार्यकाल पूरा किया है। सेना या किसी अन्य फोर्स में इनकी नियुक्ति सरकारी नियमों के अनुसार ही होगी।

जो अग्निवीर आगे भी वायुसेना में सेवा करने के इच्छुक रहेंगे, उन्हें फिर से आवेदन करना होगा। वायुसेना का एक केंद्रीकृत बोर्ड इन आवेदनों की समीक्षा के बाद उन पर फैसला लेगा और 25 प्रतिशत अग्निवीरों को उनकी फिटनेस और 4 साल के कार्यकाल की समीक्षा के आधार पर नियमित करेगा। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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