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‘200 आतंकी मार गिराए, 300-400 घुसपैठ की ताक में’: सेना प्रमुख नरवणे ने कहा- व्यर्थ नहीं जाएगा गलवान का बलिदान

"मैं देश को भरोसा दिलाना चाहता हूँ कि गलवान घाटी में किया गया सैनिकों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। हम बातचीत और राजनीतिक मानकों की मदद से समस्या का हल निकालने के लिए प्रयासरत हैं, लेकिन इस बीच कोई हमारे धैर्य की परीक्षा करने की गलती नहीं करे।”

सेना दिवस (Army Day) के मौके पर सेना प्रमुख एमएम नरवणे ने दिल्ली के करियप्पा मैदान में परेड का निरीक्षण किया। उन्होंने 5 जवानों को उनके शौर्य और साहस के लिए सेना मेडल से सम्मानित भी किया। 10 पैरा स्पेशल यूनिट के नाइक संदीप को जम्मू-कश्मीर में दो आतंकियों का एनकाउंटर कर अपने कमांडर की जान बचाने के लिए सेना मेडल से सम्मानित किया गया। इसके अलावा सेना प्रमुख नरवणे ने आतंकवाद के प्रति भारतीय सेना के सख्त रवैये को लेकर भी कई अहम बातें कहीं।

उन्होंने कहा, “हम सभी उत्तरी बॉर्डर पर चीन के साथ बने तनाव के हालातों को अच्छे से जानते हैं। बॉर्डर पर यथास्थिति में बदलाव लाने के लिए रचे गए षड्यंत्र का कड़ा जवाब दिया गया था। मैं देश को भरोसा दिलाना चाहता हूँ कि गलवान घाटी में किया गया सैनिकों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। हम बातचीत और राजनीतिक मानकों की मदद से समस्या का हल निकालने के लिए प्रयासरत हैं, लेकिन इस बीच कोई हमारे धैर्य की परीक्षा करने की गलती नहीं करे।” 

सेना प्रमुख ने कहा, “बॉर्डर के इर्द-गिर्द प्रशिक्षण शिविरों में 300-400 आतंकवादी घुसपैठ करने की ताक में बैठे हैं। सीज़फायर उल्लंघन की घटनाओं में 44 फ़ीसदी तक बढ़ोतरी हुई और ये पाकिस्तान के नापाक इरादों की पोल खोलता है। पिछले साल सेना ने एलओसी के नजदीक और आतंकवाद विरोधी अभियान में लगभग 200 आतंकवादियों को मार गिराया था।” 

सेना के आधुनिकीकरण को लेकर उन्होंने कहा, “सेना आधुनिकीकरण के लिए तमाम अहम कदम उठा रही है। आपातकाल (इमरजेंसी) और फास्ट ट्रैक योजनाओं के तहत सेना ने 5000 करोड़ रुपए के उपकरण खरीदे और 13000 करोड़ का समझौता किया। हमने पिछले कुछ वर्षों में सेना को अत्याधुनिक बनाने के लिए और भी कई ज़रूरी कदम उठाए हैं।” 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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