Saturday, July 13, 2024
Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षासेना की जासूसी करते पकड़ा गया असलम अंसारी, कोडवर्ड- जो टास्क दिया जाएगा वही...

सेना की जासूसी करते पकड़ा गया असलम अंसारी, कोडवर्ड- जो टास्क दिया जाएगा वही काम करेंगे

पूछताछ के दौरान युवक ने गुमराह करने की भी कोशिश की। कभी बदायूं जाने की बात कही, तो कभी दिल्ली। उसकी हरकतें प्रशिक्षित जासूस जैसी थी। लंबी पूछताछ के बाद पता चला की वह बिहार का रहने वाला है।

संंवेदनशील माने जाने वाले बरेली के छावनी क्षेत्र से मिलिट्री इंटेलीजेंस ने एक संदिग्ध युवक को पकड़ा। युवक का नाम असलम अंसारी है। उसके पास से कई संदिग्ध चीजें मिली हैं।

दैनिक जागरण में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार की सुबह 7 बजे कैंट रोड तिराहे पर एक युवक सड़क किनारे बैठ ड्राइंग बना रहा था। शक होने पर वहाँ घूम रहे कुछ युवकों ने उसे घेर लिया।

जानकारी मिलने पर मिलिट्री इंटेलीजेंस मौक़े पर पहुँची और युवक की तलाशी ली। उसके बस्ते से कंपास, नक्शे, मैप वगैरह मिले। उर्दू और हिंदी में अलग-अलग लिखी चीजे भी मिलीं और कुछ कोडवर्ड्स भी थे। मसलन, ‘जो टास्क दिया जाएगा वही काम करेंगे’

पूछताछ के दौरान उसने गुमराह करने की भी कोशिश की। कभी बदायूं जाने की बात कही, तो कभी दिल्ली। प्रत्यक्षदर्शियों के साथ सेना अधिकारी को भी ऐसा लगा जैसे उसकी हरकतें किसी प्रशिक्षित जासूस जैसी थी।

चश्मदीदों का तो ये भी कहना है कि वो काफ़ी टाइम तक अलग-अलग बयान देकर टीम को गुमराह करता रहा। लंबे पूछताछ के बाद पता चला कि वो बिहार का रहने वाला है। लेकिन जब पुलिस ने उससे उसके घर का नंबर माँगा तो वह टालमटोल करने लगा। काफ़ी टाइम बाद उसने एक टेलर का नंबर दिया, जिसके जरिए असलम के पिता तैय्यब अंसारी का नंबर टीम को मिला।

फोन किया गया तो असलम के पिता तैय्यब ने बताया कि वे बिहार के सीतामढ़ी के निवासी हैं। उनके बेटे की दिमागी हालत ठीक नहीं हैं। जिसका इलाज कराने के लिए वे बरेली पहुँचे थे। रात गुजारने के लिए वे फुटपाथ पर सोए थे और इसी दौरान उनका बेटा कहीं चला गया। जब बहुत ढूँढने पर वह नहीं मिला तो वे दिल्ली चले गए।

इसके बाद उसे कैंट थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया। कहा जा रहा है कि पूछताछ में उसने अधिकारियों से कई भाषा में बात की, जो कि सामान्य नहीं हैं। उसके कई भाषाओं का जानकार होना और उसके बस्ते से मिले सामान के आधार पर उसकी सच्चाई पर सवाल बना हुआ है। अब पूरी जाँच के बाद ही तय हो सकेगा कि आखिर असलम हकीकत में बीमार है या फिर उसकी वास्तविकता छिपाने के लिए ये सारी कहानी गढ़ी गई है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘आपातकाल तो उत्तर भारत का मुद्दा है, दक्षिण में तो इंदिरा गाँधी जीत गई थीं’: राजदीप सरदेसाई ने ‘संविधान की हत्या’ को ठहराया जायज

सरदेसाई ने कहा कि आपातकाल के काले दौर में पूरे देश पर अत्याचार करने के बाद भी कॉन्ग्रेस चुनावों में विजयी हुई, जिसका मतलब है कि लोग आगे बढ़ चुके हैं।

तिब्बत को संरक्षण देने के लिए अमेरिका ने बनाया कानून, चीन से दो टूक – दलाई लामा से बात करो: जानिए क्या है उस...

14वें दलाई लामा 1959 में तिब्बत से भागकर भारत आ गये, जहाँ उन्होंने हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में निर्वासित सरकार स्थापित की थी।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -