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‘जब तक सूरज चाँद रहेगा, बिपिन रावत का नाम रहेगा’: CDS को अंतिम विदाई देने उमड़े लोग, पंचतत्व में हुए विलीन, बेटियों ने दी मुखाग्नि

CDS जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत को उनकी बेटियों कृतिका और तारिणी ने मुखाग्नि दी।

देश के पहले सीडीएस बिपिन रावत पंचतत्व में विलीन हो गए हैं। उन्हें राजकीय सम्मान के साथ दिल्ली छावनी के बरार स्क्वायर श्मशान घाट पर अंतिम विदाई दी गई। बिपिन रावत और मधुलिका रावत की बेटियों कृतिका और तारिणी ने अपने माता-पिता का अंतिम संस्कार किया। उन्हें 17 तोपों की सलामी दी गई। इस दौरान 800 जवान यहाँ मौजूद हैं। 

वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बरार स्क्वायर श्मशान घाट पहुँचकर CDS जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत के पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि अर्पित की।

रास्ते में हजारों की भीड़ देखने को मिल रही है और लोग नम आँखों से अपने नायक को अंतिम विदाई दे रहे हैं। जनरल रावत अमर रहें, वंदे मातरम और भारत माता की जय, ‘जब तक सूरज चाँद रहेगा, बिपिन जी का नाम रहेगा’ के नारों के बीच बिपिन रावत की अंतिम यात्रा निकली है। 6 लेफ्टिनेंट जनरल तिरंगा लेकर पार्थिव शरीर के साथ चल रहे हैं।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह 4 बजे बिपिन रावत के अंतिम दर्शन के लिए बरार स्क्वायर श्मशान घाट पहुँच गए हैं। इस दौरान उनके साथ अजय भट्ट, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और तीनों सेनाध्यक्ष भी थे। अधिकारियों के श्मशान घाट पहुँचने का सिलसिला शुरू हो चुका है। भूटान की डिप्टी चीफ आफ मिशन भी अंतिम दर्शन के लिए पहुँच चुकी हैं। यूएस एम्बेसी के अधिकारी भी अंतिम विदाई के लिए पहुँचे हैं। जरनल विक्रम सिंह, बांग्लादेश आर्मी के अधिकारी भी वहाँ पहुँचे हैं। 

दिल्ली के 3, कामराज स्थित घर में सीडीएस जनरल बिपिन रावत को अंतिम विदाई देने के लिए तमाम हस्तियाँ और आम लोग पहुँचे हैं। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री एस. जयशंकर, निर्मला सीतारमण के अलावा चीफ जस्टिस एनवी रमन्ना भी पहुँचे हैं।

सीडीएस जनरल रावत को अंतिम विदाई देने के लिए उनके घर के बाहर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी है। ऐसा लगता है जैसे हर कोई बस रावत के पार्थिव शरीर की एक झलक पाना चाहता है। देश के वीर के लिए यह सम्मान हमारे नागरिकों की देशभक्ति के जज्बे की मिसाल है। सड़कों पर जगह जगह होर्डिंग लगाई गई हैं। जनरल रावत के अंतिम दर्शन के लिए भी सुबह से ही उनके घर के बाहर भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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