Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षाफोटो फीचर: नभः स्पृशं दीप्तम्- IAF के 88वें स्थापना दिवस पर देखिए 'वायुवीरों' के...

फोटो फीचर: नभः स्पृशं दीप्तम्- IAF के 88वें स्थापना दिवस पर देखिए ‘वायुवीरों’ के शौर्य की झलक

हिंडन बेस पर वायुसेना ने अपने शौर्य का प्रदर्शन किया, और राफेल विमान आसमान में अपनी ताकत दिखाते देखा गया। इस बार एयरफोर्स के बेड़े में राफेल को भी शामिल किया गया है।

नभः स्पृशं दीप्तम् (Touch the Sky with Glory): IAF के स्थापना दिवस के अवसर पर हर साल की तरह इस बार भी देश आज गाजियाबाद के हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर 88वीं वर्षगाँठ मना रहा है। देश में हर साल 8 अक्टूबर को भारतीय वायुसेना दिवस (Indian Air Force Day) मनाया जाता है। वायुसेना दिवस के मौके पर इस बार भी शानदार परेड और भव्य IAF ने एयर शो का आयोजन किया गया।

हिंडन बेस पर वायुसेना ने अपने शौर्य का प्रदर्शन किया, और राफेल विमान आसमान में अपनी ताकत दिखाते देखा गया। इस बार एयरफोर्स के बेड़े में राफेल को भी शामिल किया गया है।

वायुसेना दिवस के मौके पर सबसे पहले चिनूक हेलिकॉप्टर, अपाचे हेलिकॉप्टर, ग्लोबमास्टर, सुखोई समेत कई लड़ाकू विमानों ने अपना शौर्य दिखाया। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने कहा कि राफेल, अपाचे, चिनूक भारतीय वायुसेना को बदल देगा।

उन्होंने कहा, “राफेल, अपाचे और चिनूक को शामिल कर आधुनिकीकरण की चल रही प्रक्रिया भारतीय वायुसेना को सामरिक बल में बदल देगी। हमें विश्वास है कि आने वाले वर्षों में, भारतीय वायु सेना प्रतिबद्धता और क्षमता के अपने उच्च मानकों को बनाए रखना जारी रखेगी।”

चिनूक

चिनूक विमान

राफेल

राफेल लड़ाकू विमान के साथ थ्री फॉर्मेशन में जगुआर लड़ाकू विमान भी नजर आए,

तेजस

राफेल के फौरन बाद देशी विमान तेजस ने आसमान में अपना जलवा दिखाया।

तेजस (फाइल फोटो)

सूर्यकिरण टीम

अगला नंबर सूर्यकिरण टीम का था –

सूर्यकिरण टीम के अंतर्गत कई लड़ाकू विमान आते हैं। इस टीम में विंग कमांडर अर्जुन यादव समेत अन्य वायुवीर शामिल रहे।

टीम सूर्यकिरण

टीम सारंग

टीम सारंग के करतब के साथ ही आज का समारोह समाप्त हुआ

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

100 नाराज़ ≠ 100 वोट: भारतीय राजनीति में सिर्फ़ ‘नाराज़गी’ का फ़ैक्टर कभी निर्णायक क्यों नहीं रहा

SC/ST Act, आरक्षण, Caste census, सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय की राजनीति जैसे मुद्दे निश्चित रूप से सवर्णों में असंतोष पैदा कर सकते हैं। इन प्रश्नों को खारिज करना भी राजनीतिक मूर्खता होगी।

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।
- विज्ञापन -