Monday, July 26, 2021
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जम्मू-कश्मीर में तैनात 10,000 सैनिकों को बुलाया जाएगा वापस, चित्रगाम मुठभेड़ में 1 आतंकी ढेर

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के निरस्त होने से पहले लगाई गई इन सभी कंपनियों को अब हालातों की समीक्षा के बाद वहाँ से हटाने का फैसला किया गया है। गृह मंत्रालय के इस फैसले को घाटी में विश्वास बहाली के एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।

केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने बुधवार (19 अगस्त, 2020) कश्मीर घाटी में बीते एक साल तैनात पैरामिलिट्री की 100 कंपनियों यानी 10,000 जवानों को वापस बुलाने का फैसला किया है। वहीं शोपियाँ के मोलू चित्रग्राम इलाके में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में एक आतंकवादी को ढेर कर दिया। इलाके में सर्च ऑपरेशन अब भी जारी है।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के निरस्त होने से पहले लगाई गई इन सभी कंपनियों को अब हालातों की समीक्षा के बाद वहाँ से हटाने का फैसला किया गया है। गृह मंत्रालय के इस फैसले को घाटी में विश्वास बहाली के एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।

कश्मीर घाटी में अनुच्छेद 370 के निरस्त होने से पहले सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए करीब 30 हजार अतिरिक्त सीआरपीएफ जवानों की तैनात किया गया था। इसके अतिरिक्त बीएसएफ, सशस्त्र सीमा बल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवानों को भी यहाँ पर बड़ी संख्या में तैनात किया गया था। इन जवानों की तैनाती के साथ ही घाटी में हालातों की समय-समय पर समीक्षा की जा रही थी।

निर्देशों के अनुसार, इस सप्ताह तक केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की कुल 40 कंपनियाँ और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, सीमा सुरक्षा बल और सशस्त्र सीमा बल की 20 कंपनियाँ जम्मू-कश्मीर से वापस बुला ली जाएँगी। एक सीएपीएफ कंपनी में लगभग 100 जवान होते हैं।

गृह मंत्रालय ने मई में जम्मू-कश्मीर से लगभग 10 सीएपीएफ कंपनियों को वापस बुला लिया था। अब सीआरपीएफ के पास कश्मीर घाटी में लगभग 60 बटालियन (प्रत्येक बटालियन में लगभग 1,000 जवान) होंगे।

मुठभेड़ में एक आतंकी ढेर

सुरक्षाबलों ने बुधवार हुए मुठभेड़ में एक आतंकी को मौत के घाट उतार दिया है। फिलहाल मारे गए आतंकी की पहचान नहीं हो पाई है कि वह किस आतंकी संगठन से ताल्लुक रखता था। कश्मीर जोन पुलिस ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।

रिपोर्ट के अनुसार चित्रगाम इलाके में आतंकियों के छिपे होने की खुफिया सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबल इलाके में पहुँची। इसी दौरान मुठभेड़ शुरू हो गई।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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