Friday, May 24, 2024
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कश्मीर स्वर्ग नहीं, हमारे लिए नर्क है: मृतक शिक्षक दीपक चंद के रिश्तेदार ने कहा- ‘अभी भी मिल रही है धमकी’

आतंकी हमले में अपनी जान गंवाने वाले शिक्षक दीपक चंद के एक रिश्तेदार का कहना है, "हमें अभी भी धमकी भरे फोन आ रहे हैं। कश्मीर स्वर्ग नहीं है, नर्क है। हमें पिछले 30 सालों से निशाना बनाया जा रहा है।"

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में आतंकी लगातार गैर-मुस्लिम समुदाय को टारगेट कर हमले कर रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार को श्रीनगर में दो शिक्षकों की हत्या कर दी गई। इस केंद्र-शासित प्रदेश के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस्लामी आतंकियों की इस कायराना हरकत की कड़ी निंदा की है।

एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्यपाल सिन्हा ने घटना की निंदा करते हुए कहा, “निर्दोंष लोगों पर आतंकी हमले करने वालों को करारा जबाव दिया जाएगा। आतंकी और उनके आका जम्मू-कश्मीर में शांति भंग करने, यहाँ की प्रगति को रोकने और खलल पैदा करने में कभी भी सफल नहीं होंगे।”

वहीं, इस घटना को लेकर राज्य के डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा, “बीते कुछ दिनों में जिस तरह से आम नागरिकों को टारगेट करने की घटनाएँ हुई हैं, ये अपने आप में दरिंदगी, वहशत और दहशत का बड़ा उदाहरण है। इसमें समाज की सेवा में लगे बेगुनाह लोग, जिनका किसी से भी कोई लेना-देना नहीं है उन्हें टारगेट किया जा रहा है। इस तरह की हत्याएँ इसलिए की जा रही हैं, ताकि एक साम्प्रदायिक माहौल बनाया जा सके। ये लोग भाइचारे को बिगाड़ने की साजिश रच रहे हैं।”

डीजीपी ने आगे कहा, “ये पाकिस्तान की साजिश है। वे लोग कश्मीर की इमेज को धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं। ये स्थानीय कश्मीरी मुस्लिमों को बदनाम करने की साजिश है, जिसे हम जल्द ही बेनकाब करेंगे।”

हत्या के पीछे पाक का हाथ

श्रीनगर के मेयर जुनैद मट्टू ने दावा किया है कि इस आतंकी हमले के पीछे पाक समर्थित तत्व हैं। उन्होंने कहा, “हम सभी को सड़कों पर उतरना चाहिए और एक समाज के रूप में एक स्टैंड लेना चाहिए कि हम इसकी अनुमति नहीं देंगे। मैं सभी समुदायों से एक साथ खड़े होने की अपील करता हूँ। कश्मीर सभी धार्मिक विश्वासों के लोगों का है।”

गुरुवार को आतंकी हमले में अपनी जान गंवाने वाले शिक्षक दीपक चंद के एक रिश्तेदार का कहना है, “हमें अभी भी धमकी भरे फोन आ रहे हैं। कश्मीर स्वर्ग नहीं है, नर्क है। हमें पिछले 30 सालों से निशाना बनाया जा रहा है।”

बता दें कि बीते कुछ दिनों से जिस तरह से कश्मीर में गैर मुस्लिम समुदाय के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। इससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि जिस तरह से 90 के दशक में आतंकियों ने घाटी में आतंक फैलाया था उसकी फिर से शुरुआत की जा रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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