Monday, August 2, 2021
Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षाटेरर फंडिंग: J&K के पूर्व विधायक राशिद इंजीनियर को एनआईए ने किया गिरफ़्तार

टेरर फंडिंग: J&K के पूर्व विधायक राशिद इंजीनियर को एनआईए ने किया गिरफ़्तार

जाँच एजेंसियों ने जब व्यापारी ज़हूर वाताली से पूछताछ की तो राशिद का नाम सामने आया। वाताली पर कश्मीरी आतंकियों को धन मुहैया कराने का आरोप है।

एनआईए ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जम्मू-कश्मीर के पूर्व विधायक शेख अब्दुल राशिद उर्फ़ राशिद इंजीनियर को गिरफ़्तार किया है। टेरर फंडिंग मामले में गिरफ़्तार किए जाने वह पहले बड़े नेता है। इससे पहले एनआईए ने कई अलगाववादियों से इस मामले में कड़ी पूछताछ की थी, जिसमें उन्हें पाकिस्तान से फंड मिलने की बात सामने आई थी। इस फंड का प्रयोग भारत के ख़िलाफ़ आतंक फैलाने के लिए किया जाता था। राशिद उत्तरी जम्मू कश्मीर के लंगाते विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक रहे हैं।

इस सप्ताह की शुरुआत में राशिद से प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी पूछताछ की थी। ईडी राशिद के जवाबों से संतुष्ट नहीं था, जिसके कारण उनकी गिरफ़्तारी हुई। इससे पहले 2017 में भी राशिद से पूछताछ की जा चुकी है। यह दूसरी बार था जब उन्हें पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया गया। जाँच एजेंसियों ने जब व्यापारी ज़हूर वाताली से पूछताछ की तो राशिद का नाम सामने आया। वाताली पर कश्मीरी आतंकियों को धन मुहैया कराने का आरोप है।

एनआईए ने कई अलगाववादियों को टेरर फंडिंग मामले में अपने रडार पर रखा है और कइयों से पूछताछ की है। इन अलगाववादियों के आतंकी संगठनों जैसे कि लश्कर-ए-तैयबा, दुखरान-ए-मिल्लत और हिज्बुल मुजाहिदीन के साथ सम्बन्ध सामने आए हैं। एनआईए राशिद इंजीनियर को अदालत में पेश कर के कस्टडी की माँग करेगी। बता दें कि कारोबारी ज़हूर वाताली ने कश्मीर से लेकर गुरुग्राम तक अकूत संपत्ति अर्जित कर रखी है और एनआईए ने उसकी कई सम्पत्तियों को अटैच भी किया है।

एनआईए की जाँच में पता चला है कि ऑल पार्टी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस ने जम्मू-कश्मीर के युवाओं को बरगला कर उनसे पत्थरबाजी और भारत विरोधी प्रदर्शन करवाए। हुर्रियत व ऐसे ही अन्य संगठनों ने इस कार्य के लिए सोशल मीडिया, अखबारों और प्रेस रिलीज का सहारा लिया। अधिकारियों ने बताया कि यह सब बड़ी चालाकी से अंजाम दिया जाता था। मस्जिद में नमाज के बाद या सुरक्षा बलों की आतंकियों के साथ मुठभेड़ के बाद युवाओं को उकसा कर पत्थरबाजी कराई जाती थी।

ईडी को पता चला है कि अलगाववादियों, आतंकियों व कश्मीरी नेताओं को न सिर्फ़ पाकिस्तान में बैठे आकाओं से फंड प्राप्त हुए बल्कि पाकिस्तान उच्चायोग से सीधे उनके पास फंड पहुँचाया गया। राशिद इंजीनियर इससे पहले जम्मू कश्मीर विधानसभा में भी उत्पात मचा चुके हैं। उनकी इस हरकत के बाद उन्हें सदन से निकाल बाहर किया गया था। राशिद अपने ख़िलाफ़ सरकारी एजेंसियों की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताते रहे हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मुहर्रम पर यूपी में ना ताजिया ना जुलूस: योगी सरकार ने लगाई रोक, जारी गाइडलाइन पर भड़के मौलाना

उत्तर प्रदेश में डीजीपी ने मुहर्रम को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी हैं। इस बार ताजिया का न जुलूस निकलेगा और ना ही कर्बला में मेला लगेगा। दो-तीन की संख्या में लोग ताजिया की मिट्टी ले जाकर कर्बला में ठंडा करेंगे।

हॉकी में टीम इंडिया ने 41 साल बाद दोहराया इतिहास, टोक्यो ओलंपिक के सेमीफाइनल में पहुँची: अब पदक से एक कदम दूर

भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने टोक्यो ओलिंपिक 2020 के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। 41 साल बाद टीम सेमीफाइनल में पहुँची है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
112,543FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe