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पाकिस्तान की आतंकी फैक्ट्री से पैदा हुआ TRF, कश्मीर में बसने पर मार डालने की धमकी दी

एक रिपोर्ट में कहा गया था कि खुफिया एजेंसियों ने एक नए पाकिस्तान बेस्ड आतंकी संगठन को चिह्नित किया है, जो पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा के तीन टॉप कमांडरों द्वारा संचालित है। कथित तौर पर टीआरएफ को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद पिछले साल शुरू किया गया था।

द रेसिस्टेंस फ्रंट यानी TRF पाकिस्तानी की आतंकी फैक्ट्री से निकला नया संगठन है। इसने उन सभी भारतीय नागरिकों को जान से मारने की धमकी दी है, जो कश्मीर से नहीं हैं और घाटी में बसने की योजना बना रहे हैं।

पत्रकार आरती टिक्कू सिंह ने ट्विटर पर आतंकी संगठन का एक पोस्टर शेयर किया है। इस पर कमांडर हमजा के हस्ताक्षर हैं। पोस्टर में आतंकी संगठन ने दावा किया है कि जानबूझकर किसी नागरिक, जाति और किसी भी धर्म या पंथ को नुकसान नहीं पहुँचाने की उनके संगठन की सख्त नीति है। लेकिन वे भाजपा के झाँसे में नहीं आने वाले हैं।

पोस्टर में कहा गया है कि भाजपा और आरएसएस घाटी के जनसांख्यिकीय में बदलाव की कोशिश कर रहे हैं। इसकी आड़ में आरएसएस अपने लोगों को कश्मीर में बसाना चाहता है। इसलिए आतंकी संगठन ने खुलेआम घोषणा की है कि जो भी गैर-कश्मीरी घाटी में बसने के इरादे से आएगा, उससे वह आरएसएस एजेंट की तरह निपटेगा।

इस महीने की शुरुआत में हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि खुफिया एजेंसियों ने एक नए पाकिस्तान बेस्ड आतंकी संगठन को चिह्नित किया है, जो पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के तीन टॉप कमांडरों द्वारा संचालित है। कथित तौर पर टीआरएफ को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद पिछले साल शुरू किया गया था।

भारतीय सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, लश्कर के नेताओं ने आतंकी संगठन टीआरएफ का गठन किया और पाकिस्तान से हाथ मिलाया। हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक सुरक्षा रिपोर्ट्स में कहा गया है कि दक्षिण कश्मीर के लिए सज्जाद जट्ट, मध्य कश्मीर के लिए खालिद और उत्तरी कश्मीर के लिए हंजला अदनान को जिम्मेदारी दी गई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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